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अब जनपद में कॉन्ट्रेट फार्मिंग को बढ़ावा देने में जुटा प्रशासन
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मथुरा। जनपद में कॉन्ट्रेट फार्मिंग को बढ़ावा देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कोसीकलां में पेप्सिको कंपनी इस प्रक्रिया में प्रशासन के साथ किसानों को प्रोत्साहित करने में जुट गई है। इसके लिए शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम के दिशानिर्देश पर सीडीओ ने किसान और कंपनी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नितिन गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पेप्सिको कंपनी कोसीकलां, छाता सहित जनपद के अन्य हिस्सों में आलू विकास से संबंधित (कॉन्ट्रेट फार्मिंग) को बढ़ावा देने के लिये जनपद के कृषकों को बताया कि पेप्सिको कंपनी की ओर से कृषकों को आलू बीज प्रजाति एफसी-5, एफसी-11 एवं एलआर आदि प्रजातियों को उचित मूल्य पर कंपनी की ओर से उपलब्ध कराया जायेगा।
कृषक जिसकी बुवाई कर उत्पादित आलू को कंपनी द्वारा ही क्रय किया जायेगा। इस आलू बीज को चिप्स बनाने में उपयोग होगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि उक्त प्रजातियों का उत्पादन 9 से 11 टन प्रति एकड़ है। इस दौरान किसानों ने अपने सुझाव भी रखे। इस पर सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने कंपनी प्रतिनिधि एवं किसानों के साथ एक सप्ताह में एक बार फिर बैठक करने के निर्देश दिए। संवाद
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इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नितिन गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पेप्सिको कंपनी कोसीकलां, छाता सहित जनपद के अन्य हिस्सों में आलू विकास से संबंधित (कॉन्ट्रेट फार्मिंग) को बढ़ावा देने के लिये जनपद के कृषकों को बताया कि पेप्सिको कंपनी की ओर से कृषकों को आलू बीज प्रजाति एफसी-5, एफसी-11 एवं एलआर आदि प्रजातियों को उचित मूल्य पर कंपनी की ओर से उपलब्ध कराया जायेगा।
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कृषक जिसकी बुवाई कर उत्पादित आलू को कंपनी द्वारा ही क्रय किया जायेगा। इस आलू बीज को चिप्स बनाने में उपयोग होगा। कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि उक्त प्रजातियों का उत्पादन 9 से 11 टन प्रति एकड़ है। इस दौरान किसानों ने अपने सुझाव भी रखे। इस पर सीडीओ डॉ. नितिन गौड़ ने कंपनी प्रतिनिधि एवं किसानों के साथ एक सप्ताह में एक बार फिर बैठक करने के निर्देश दिए। संवाद
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