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Mathura News: माध्यमिक विद्यालयों में अब विद्यार्थी पढ़ेंगे संस्कार का पाठ
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संवाद न्यूज एजेंसी
मथुरा। यूपी बोर्ड के विद्यालयों में नवीन शैक्षिक सत्र में अब नया सवेरा होगा। इस नया सवेरा के तहत विद्यार्थियों को संस्कार, नैतिक शिक्षा एवं मूल्यों का पाठ पढ़ाया जाएगा। यह शिक्षा विद्यार्थियों को प्रार्थना के समय दी जाएगी।
नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यूपी बोर्ड ने शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है। जिले में 93 अशासकीय सहायता प्राप्त, 36 राजकीय एवं करीब 460 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अनुसार, सप्ताह में दो दिन शिक्षाधिकारियों को विद्यालयों की प्रातःकालीन सभा में पहुंचना होगा। वह बच्चों से कॅरिअर, नियमित दिनचर्या, अनुशासन व प्रासंगिक विषयों पर प्रेरक संवाद करेंगे। इसके साथ ही शिक्षकों द्वारा बच्चों को संस्कारित एवं अनुशासित करने की शिक्षा दी जाएगी। ताकि वह समाज में बेहतर व्यवहार करें और पढ़ाई में भी मन लगा सकें।
नए कैलेंडर के अनुसार अब प्रार्थना के लिए 15 मिनट समय आरक्षित किया गया है। इस दौरान प्रतिदिन प्रासंगिक विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी देनी होगी। हैंड्स ऑन एक्टीविटीज एवं एक्सपीरियंस लर्निंग विधा को गणित एवं विज्ञान विषय में लागू करने के लिए सप्ताह में दो दिन निर्धारित किए जाएंगे।
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वर्जन
सभी प्रधानाचार्यों को नए शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं एवं प्रार्थना सभा संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे विद्यार्थियों को अधिकतम लाभ मिल सके।
- भास्कर मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक
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मथुरा। यूपी बोर्ड के विद्यालयों में नवीन शैक्षिक सत्र में अब नया सवेरा होगा। इस नया सवेरा के तहत विद्यार्थियों को संस्कार, नैतिक शिक्षा एवं मूल्यों का पाठ पढ़ाया जाएगा। यह शिक्षा विद्यार्थियों को प्रार्थना के समय दी जाएगी।
नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए यूपी बोर्ड ने शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है। जिले में 93 अशासकीय सहायता प्राप्त, 36 राजकीय एवं करीब 460 वित्तविहीन विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके अनुसार, सप्ताह में दो दिन शिक्षाधिकारियों को विद्यालयों की प्रातःकालीन सभा में पहुंचना होगा। वह बच्चों से कॅरिअर, नियमित दिनचर्या, अनुशासन व प्रासंगिक विषयों पर प्रेरक संवाद करेंगे। इसके साथ ही शिक्षकों द्वारा बच्चों को संस्कारित एवं अनुशासित करने की शिक्षा दी जाएगी। ताकि वह समाज में बेहतर व्यवहार करें और पढ़ाई में भी मन लगा सकें।
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नए कैलेंडर के अनुसार अब प्रार्थना के लिए 15 मिनट समय आरक्षित किया गया है। इस दौरान प्रतिदिन प्रासंगिक विषयों पर विद्यार्थियों को जानकारी देनी होगी। हैंड्स ऑन एक्टीविटीज एवं एक्सपीरियंस लर्निंग विधा को गणित एवं विज्ञान विषय में लागू करने के लिए सप्ताह में दो दिन निर्धारित किए जाएंगे।
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सभी प्रधानाचार्यों को नए शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं एवं प्रार्थना सभा संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे विद्यार्थियों को अधिकतम लाभ मिल सके।
- भास्कर मिश्र, जिला विद्यालय निरीक्षक