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मुंबई में सिर्फ स्टूडियो पैदा हो सकते हैं, कलाकार नहीं
अमर उजाला वृंदावन
Updated Sun, 11 Sep 2016 12:25 AM IST
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हरिदास संगीत सम्मेलन एवं कला रत्न सम्मान
- फोटो : अमर उजाला वृंदावन
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ठाकुर राधा सनेह बिहारी मंदिर प्रांगण में हरिदास संगीत सम्मेलन एवं कला रत्न सम्मान का शुभारंभ प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह और अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने स्वामी हरिदास के चित्रपट पर पुष्पार्चन और दीप प्रज्वलित कर किया।
पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि स्वामी हरिदास संगीत के सर्वमान्य गुरु थे। उन्होंने संगीत साधना के माध्यम से बांकेबिहारी महाराज का प्राकट्य कर विश्व को अचंभित कर दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई में स्टूडियो पैदा होते हैं, कलाकार नहीं। कलाकार तो उत्तर और दक्षिण भारत की देन हैं।
स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि स्वामी हरिदास की संगीत साधना के आगे बादशाह अकबर भी नतमस्तक हुए। तानसेन व बैजू बाबरा जैसे बड़े संगीतज्ञ उनके शिष्य थे। इस अवसर पर ठाकुर किशोर सिंह, मुकेश सिंह सिकरवार, तनवीर अहमद, महेशानंद सरस्वती आदि उपस्थित थे।
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पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि स्वामी हरिदास संगीत के सर्वमान्य गुरु थे। उन्होंने संगीत साधना के माध्यम से बांकेबिहारी महाराज का प्राकट्य कर विश्व को अचंभित कर दिया। उन्होंने कहा कि मुंबई में स्टूडियो पैदा होते हैं, कलाकार नहीं। कलाकार तो उत्तर और दक्षिण भारत की देन हैं।
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स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि स्वामी हरिदास की संगीत साधना के आगे बादशाह अकबर भी नतमस्तक हुए। तानसेन व बैजू बाबरा जैसे बड़े संगीतज्ञ उनके शिष्य थे। इस अवसर पर ठाकुर किशोर सिंह, मुकेश सिंह सिकरवार, तनवीर अहमद, महेशानंद सरस्वती आदि उपस्थित थे।
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