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निमोनिया से बचाएगा न्यूमोकॉकल टीका

Fri, 24 Jul 2020 11:31 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2020 11:31 PM IST
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मथुरा। निमोनिया से होने वाली शिशुओं की मौत पर अंकुश लगाने को लेकर न्यूमोकॉकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) लांच की जा रही है। आठ अगस्त से इस वैक्सीन को नियमित टीकाकरण में शामिल कर लिया जाएगा।
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टीका शिशुओं को न सिर्फ निमोनिया, बल्कि सेप्सिस (खून का इंफेक्शन), बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस (दिमागी बुखार) से भी बचाएगा। इस वैक्सीन को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों को जल्द ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव गुप्ता ने बताया कि जन्म से एक साल की उम्र तक के बच्चों को वैक्सीन तीन टीकों के रूप में दी जाएगी।
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दो प्राइमरी टीके क्रमश: छह और 14 सप्ताह की उम्र पर और बूस्टर टीका नौ महीने की उम्र पर दिया जाएगा। इस टीके के बाद निमोनिया से होने वाली शिशु मृत्यु दर में निश्चित तौर पर कमी आएगी। उन्होंने बताया कि अभी इस वैक्सीन को प्रदेश के 19 जिलों में नियमित टीकाकरण के तहत दी जा रही थी। अब आठ अगस्त से मथुरा सहित कुल 56 जनपदों में इस वैक्सीन को एक साथ लांच किया जा रहा है।
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शुक्रवार को पीसीवी वैक्सीन पर विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ के विशेषज्ञों द्वारा विशेष जानकारी व प्रशिक्षण दिया गया। इसमें सीएमओ डॉ. संजीव यादव, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राजीव गुप्ता, समस्त चिकित्सा अधीक्षक/प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, आईएमए अध्यक्ष एवं सचिव ने प्रतिभाग किया। अब ब्लॉक स्तर पर बैठकें और प्रशिक्षण होंगे।
नाक और गले में पाया जाता है बैक्टीरिया
न्यूमोकोकस जिसे स्ट्रेप्टोकोकस न्यूमोनिए भी कहते हैं, एक बैक्टीरिया है। यह स्वस्थ लोगों के नाक और गले में बिना कोई बीमारी किए हुए भी पाया जाता है। यह शरीर के अन्य हिस्सों में भी फैल सकता है और कई बीमारियों न्यूमोनिया, बैक्टीरीमिया, सेप्सिस (खून का इंफेक्शन), बैक्टीरियल मेनिनजाइटिस (दिमागी बुखार), ओटाइटिस मीडिया (कान का इंफेक्शन), साइन्यूसाइटिस, ब्रोंकाइटिस को पैदा कर सकता है।

कैसे फैलती है बीमारी
न्यूमोकॉकल बीमारी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को खांसने और छींकने से फैलती है। यह बैक्टीरियल 5 साल से छोटे बच्चों खासकर 2 साल से छोटे बच्चों, कम प्रतिरोधक क्षमता वाले बच्चों एवं वृद्धों को बीमार कर सकता है।
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