{"_id":"6a9c735a1221c91d5c02651b","slug":"newborns-echoed-in-44-homes-on-shri-krishna-janmashtami-mathura-news-c-369-1-mt11002-152121-2026-09-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 44 घरों में गूंजीं किलकारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 44 घरों में गूंजीं किलकारियां
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर जहां मंदिरों में नंदलाल के जन्म की खुशियां मनाई गईं, वहीं जिले के 44 परिवारों में भी किलकारियां गूंजीं। जन्माष्टमी के अवसर पर बृहस्पतिवार रात 12 बजे से शुक्रवार की आधी रात तक अस्पतालों में 22 बेटों और 22 बेटियों का जन्म हुआ। शुभ मौके पर नवजातों के जन्म से परिवारों में खुशी का माहौल रहा।
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय जहां मंदिरों में शंख-घड़ियाल और घंटे गूंज रहे थे, वहीं अस्पतालों में भी नवजात बच्चों की किलकारियां सुनाई देतीं रहीं। कई परिवारों के लिए यह जन्माष्टमी दोहरी खुशी लेकर आई। बेटे या बेटी के जन्म की सूचना मिलते ही परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
बृहस्पतिवार रात 12 बजे से शुक्रवार की आधी रात तक जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कुल 44 बच्चों ने जन्म लिया। हालांकि, इस खुशी के बीच महिला जिला अस्पताल में एक नवजात की मौत भी हो गई। इससे परिवार में मातम छा गया। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से नवजात को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय जहां मंदिरों में शंख-घड़ियाल और घंटे गूंज रहे थे, वहीं अस्पतालों में भी नवजात बच्चों की किलकारियां सुनाई देतीं रहीं। कई परिवारों के लिए यह जन्माष्टमी दोहरी खुशी लेकर आई। बेटे या बेटी के जन्म की सूचना मिलते ही परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार रात 12 बजे से शुक्रवार की आधी रात तक जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में कुल 44 बच्चों ने जन्म लिया। हालांकि, इस खुशी के बीच महिला जिला अस्पताल में एक नवजात की मौत भी हो गई। इससे परिवार में मातम छा गया। चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की ओर से नवजात को बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
विज्ञापन