{"_id":"62447342b524f10a1e448dba","slug":"new-year-fair-will-be-immersed-in-indian-culture-mathura-news-mtr515290525","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत होगा नववर्ष मेला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत होगा नववर्ष मेला
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मथुरा। नववर्ष मेला समिति के महामंत्री प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि भारतीय गौरवाशाली परंपरा, इतिहास एवं स्वाभिमान का प्रतीक भारतीय नववर्ष (नवसंवत्सर) की पूर्व संध्या पर एक दिवसीय विशाल मेला नवआकर्षण, नवसज्जा और नवउत्साह के साथ सेठ बीएन पोद्दार इंटर कॉलेज के मैदान पर होगा। इसमें सांस्कृतिक एवं रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
सरस्वती शिशु मंदिर, जुबली पार्क पर हुई पत्रकार वार्ता में समिति के महामंत्री ने नववर्ष मेला साल 2002 से शुरू हुआ है। मेले का भूमि पूजन एवं हवन के साथ दोपहर एक बजे से होगा। प्रतियोगिताएं शाम 4 बजे और मंचीय प्रतियोगिताएं शाम 5:30 बजे से होंगी। दीप प्रज्जवलन रात 8:15 से होगा। कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमद् जगदगुरू नाभा पीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्ण देवाचार्य महाराज एवं मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग राज्यमंत्री एवं स्वागताध्यक्ष डॉ. हरिकृष्ण भदौरिया चेयरमैन रहेंगे। योग नृत्य के रात ९ बजे से विभिन्न रोमांचक प्रस्तुतियां होंगी। विजेता समारोह रात 10 बजे से होगा।
समिति अध्यक्ष कमलेश अरोड़ा ने बताया कि मेले में सभी स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री होगी। मेले में आने वालों का चंदन लगाकर स्वागत किया जाएगा। वापस जाते समय नीम की कोपल और मिश्री का प्रसाद भेंट किया जाएगा। मेला समिति निशुल्क गंगा जल और अन्य सभी को नवसंवत्सर बधाई कार्ड भेंट स्वरूप देगी। मीडिया प्रभारी मुकेश शर्मा ने बताया मेले का मुख्य आकर्षण घोड़ा, ऊंट की सवारी, झूले, खेल-तमाशे, खान-पान की स्टॉल, स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री, योग कार्यक्रम, नृत्य संगीत के सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित भारतीय संस्कृति पर आधारित विविध मनोरंजन पूर्ण कार्यक्रम होंगे। वार्ता में कोषाध्यक्ष अजय कुमार सर्राफ, सह कोषाध्यक्ष गंगाधर अरोड़ा, सह प्रभारी वृषभान गोस्वामी, प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी पार्षद, एवं सह प्रचार प्रमुख तरुण नागर मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सरस्वती शिशु मंदिर, जुबली पार्क पर हुई पत्रकार वार्ता में समिति के महामंत्री ने नववर्ष मेला साल 2002 से शुरू हुआ है। मेले का भूमि पूजन एवं हवन के साथ दोपहर एक बजे से होगा। प्रतियोगिताएं शाम 4 बजे और मंचीय प्रतियोगिताएं शाम 5:30 बजे से होंगी। दीप प्रज्जवलन रात 8:15 से होगा। कार्यक्रम अध्यक्ष श्रीमद् जगदगुरू नाभा पीठाधीश्वर स्वामी सुतीक्ष्ण देवाचार्य महाराज एवं मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह, सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग राज्यमंत्री एवं स्वागताध्यक्ष डॉ. हरिकृष्ण भदौरिया चेयरमैन रहेंगे। योग नृत्य के रात ९ बजे से विभिन्न रोमांचक प्रस्तुतियां होंगी। विजेता समारोह रात 10 बजे से होगा।
विज्ञापन
समिति अध्यक्ष कमलेश अरोड़ा ने बताया कि मेले में सभी स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री होगी। मेले में आने वालों का चंदन लगाकर स्वागत किया जाएगा। वापस जाते समय नीम की कोपल और मिश्री का प्रसाद भेंट किया जाएगा। मेला समिति निशुल्क गंगा जल और अन्य सभी को नवसंवत्सर बधाई कार्ड भेंट स्वरूप देगी। मीडिया प्रभारी मुकेश शर्मा ने बताया मेले का मुख्य आकर्षण घोड़ा, ऊंट की सवारी, झूले, खेल-तमाशे, खान-पान की स्टॉल, स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री, योग कार्यक्रम, नृत्य संगीत के सांस्कृतिक कार्यक्रम सहित भारतीय संस्कृति पर आधारित विविध मनोरंजन पूर्ण कार्यक्रम होंगे। वार्ता में कोषाध्यक्ष अजय कुमार सर्राफ, सह कोषाध्यक्ष गंगाधर अरोड़ा, सह प्रभारी वृषभान गोस्वामी, प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी पार्षद, एवं सह प्रचार प्रमुख तरुण नागर मौजूद रहे।
विज्ञापन