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सड़क किनारे मिली नवजात, अब जिला अस्पताल में
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 02 May 2016 11:42 PM IST
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सड़क किनारे मिली नवजात, अब जिला अस्पताल में
- फोटो : अमर उजाला
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यमुनापार क्षेत्र में सोमवार को सुबह सड़क किनारे ईंटों के ढेर पर पड़ी मिली नवजात को जिला अस्पताल में रखा गया है।
यमुना पुल के समीप चश्मे की दुकान लगाने वाले युवक नंदू निवासी तिवारीपुरम् को सुबह करीब 8.30 बजे दुकान के पास ही नवजात कन्या रोती हुई मिली। नंदू ने आसपास काफी पूछताछ की लेकिन नवजात के अभिभावकों पता नहीं लगने पर वह उसे लेकर यमुनापार चौकी पहुंचे।
यहां पुलिसकर्मियों ने बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था चाइल्ड लाइन को फोन कर सूचित किया। जानकारी मिलने पर संस्था के स्वयंसेवक पंकज सोलंकी, कृष्णा कुमार और शशि सक्सेना चौकी पहुंचे। यहां कागजी कार्रवाई पूरी कर कन्या को जिला महिला अस्पताल लाया गया।
अस्पताल में उसे नए बने एसएनसीयू वार्ड में रखा गया। नवजात की हालत सही होने के बाद उसे संस्था चाइल्ड लाइन ने राजकीय शिशु सदन पहुंचा दिया। लेकिन, शिशु सदन में इतने छोटे बच्चों के लिए सुविधा न होने के चलते फिर से जिला अस्पताल पहुंचा दिया।
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नाल पर लगा था कोड क्लैम्प
सड़क किनारे ईंटों के ढेर के पास मिली एक दिन की नवजात कन्या की नाल पर कोड क्लैंप लगी हुई थी। जिला अस्पताल में कन्या का उपचार करने वाली डॉ. अंशु शर्मा ने बताया कि नाल पर कोड क्लैंप लगे होने का अर्थ है कि कन्या का जन्म घर में नहीं वरन किसी अस्पताल में हुआ है।
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यमुना पुल के समीप चश्मे की दुकान लगाने वाले युवक नंदू निवासी तिवारीपुरम् को सुबह करीब 8.30 बजे दुकान के पास ही नवजात कन्या रोती हुई मिली। नंदू ने आसपास काफी पूछताछ की लेकिन नवजात के अभिभावकों पता नहीं लगने पर वह उसे लेकर यमुनापार चौकी पहुंचे।
यहां पुलिसकर्मियों ने बच्चों के लिए काम करने वाली संस्था चाइल्ड लाइन को फोन कर सूचित किया। जानकारी मिलने पर संस्था के स्वयंसेवक पंकज सोलंकी, कृष्णा कुमार और शशि सक्सेना चौकी पहुंचे। यहां कागजी कार्रवाई पूरी कर कन्या को जिला महिला अस्पताल लाया गया।
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अस्पताल में उसे नए बने एसएनसीयू वार्ड में रखा गया। नवजात की हालत सही होने के बाद उसे संस्था चाइल्ड लाइन ने राजकीय शिशु सदन पहुंचा दिया। लेकिन, शिशु सदन में इतने छोटे बच्चों के लिए सुविधा न होने के चलते फिर से जिला अस्पताल पहुंचा दिया।
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नाल पर लगा था कोड क्लैम्प
सड़क किनारे ईंटों के ढेर के पास मिली एक दिन की नवजात कन्या की नाल पर कोड क्लैंप लगी हुई थी। जिला अस्पताल में कन्या का उपचार करने वाली डॉ. अंशु शर्मा ने बताया कि नाल पर कोड क्लैंप लगे होने का अर्थ है कि कन्या का जन्म घर में नहीं वरन किसी अस्पताल में हुआ है।