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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Narrator Devkinandan Thakur filed a petition in the Supreme Court against the Place of Worship Act 1991

Places of Worship Act 1991: पूजा स्थल अधिनियम 1991 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती, कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने दायर की याचिका

Sun, 29 May 2022 12:52 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा
अमर उजाला नेटवर्क, मथुरा Published by: विजय पुंडीर Updated Sun, 29 May 2022 12:52 AM IST
सार

पूजा स्थल अधिनियम 1991 के खिलाफ प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने अधिनियम को हिंदुओं की धार्मिक आस्था के विरुद्ध और अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे शून्य करने की मांग की है। 

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Narrator Devkinandan Thakur filed a petition in the Supreme Court against the Place of Worship Act 1991
देवकीनंदन ठाकुर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है। उन्होंने अधिनियम को हिंदुओं की धार्मिक आस्था के विरुद्ध और अन्यायपूर्ण बताते हुए इसे शून्य करने की मांग की है।

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इसी के साथ ही उन्होंने अधिनियम में अयोध्या को छोड़कर मथुरा आदि अन्य देव स्थानों को शामिल करने पर भी उन्होंने आपत्ति जताई है। अधिवक्ता आशुतोष दुबे के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। शनिवार को याचिका के संबंध में कहा कि 1991 के अधिनियम ने कानून की प्रक्रिया के माध्यम से विवाद के समाधान की कार्यवाही को समाप्त कर दिया है, जो कि असंवैधानिक है और केंद्र की कानून बनाने की शक्ति से परे है।
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प्रियाकान्तजू मंदिर संस्थापक देवकीनंदन महाराज ने कहा कि मंदिर की जमीन पर बनी मस्जिद एक मस्जिद नहीं हो सकती क्योंकि उसका निर्माण इस्लामी कानून के भी खिलाफ है। देव मंदिर भूमि पर कब्जा कितना भी लंबा क्यों न हो यह भक्तों के अधिकार को समाप्त नहीं कर सकता।
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उन्होंने कहा कि यह कानून हिंदुओं को अपने देवता एवं देवालयों की पूजा एवं संरक्षण के अधिकार से रोकता है। हम इस अन्याय के विरोध में अगर न्यायालय में आवाज नहीं उठायेंगे तो कहा जाएंगे। इस अधिनियम में भगवान श्रीराम के जन्मस्थान को शामिल नहीं किया गया है लेकिन इसमें भगवान कृष्ण का जन्मस्थान शामिल है जबकि दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार हैं और पूरी दुनिया में समान रूप से पूजे जाते हैं।

 
मंदिर संचिव विजय शर्मा ने कहा अधिवक्ता आशुतोष दुबे के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है । अयोध्या के साथ ही काशी-मथुरा में भी हिंदुओं को अपने मंदिरों की भूमि पर पूर्ण स्वामित्व मिलना चाहिये । इसके लिये लोकतान्त्रिक तरीके से न्यायालय में अपनी बात रखेंगे

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