{"_id":"57c1d9e74f1c1b8364d4ee0e","slug":"nandotsav-in-nandgaon","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोपी गोप मिल पर्व मनावत नंद महोत्सव कृष्ण कन्हाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोपी गोप मिल पर्व मनावत नंद महोत्सव कृष्ण कन्हाई
अमर उजाला नंदगांव (मथुरा)
Updated Sat, 27 Aug 2016 11:54 PM IST
विज्ञापन
नंदभवन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोपी गोप मिल पर्व मनावत नंद महोत्सव कृष्ण कन्हाई। नंद बाबा का गांव नंदगांव शनिवार को पूरे दिन बालकृष्ण के जन्म की खुशी में डूबा रहा। चारों ओर चर्चा नंद के घर आनंद की थी। खुशी मनाने हर कोई नंदभवन की ओर खिंचा चला आ रहा था। धोती, बगलबंदी, पीतांबर पहनकर माथे पर चंदन लगा सभी नंदोत्सव के उल्लास में झूम रहे थे। इस दौरान 56 भोग की महक और विभिन्न लीलाओं के आनंद से श्रद्धालु सराबोर रहे।
लाला के जन्म का समाचार सुन शनिवार को सुबह 10 बजे वृषभानजी के गांव बरसाना से गोप नंदभवन पहुंचे। यहां नंदगांव के गोपों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद नंदभवन के जगमोहन में संयुक्त समाज गायन शुरू हुआ और नंद-यशोदा को कृष्ण जन्म की बधाई दी गईं। करीब दो घंटे चले समाज गायन में ‘रंगीली आज बाजै अरी हेरी मां..., बाजे बधाइयां वे सेइयां नंद दे दरबार..., सुख बरसै री हेली जसुमति महल में.. आदि पद गूंजते रहे। ‘हम तौ यारो लेते नहीं हीरा मोती लाल, हम फरजंद इश्क घूमे हैं बडे़ मस्त हाल’ सुनते ही लोगों के मुख से वाहवाह निकल पड़ी। हर कोई उत्सव के इन दुर्लभ क्षणों को मोबाइल में कैद कर रहा था।
इसके बाद नंद महल में प्रतीकात्मक मल्ल युद्ध शुरू हुआ। नंदभवन के सेवायत हरीमोहन गोस्वामी ने कमर से फेंटा निकाल हवा में लहराते हुए युद्ध की चुनौती दी। भुवनेश गोस्वामी ने चुनौती स्वीकारते हुए कृष्ण-बलराम को प्रणाम कर कुश्ती प्रारंभ की। बराबरी पर छूटने के बाद दोनों ने एक दूसरे से क्षमा मांगी। अन्य बालकों और बुजुर्गों ने भी मल्ल युद्ध किया।
विज्ञापन
मल्ल के बाद नंदगांव-बरसाना के लोगों के बीच हास-परिहास का श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद लिया।
बरसाना के गोप नंद के जमाई की जय बोल रहे थे तो नंदगांव के लोग वृषभानु के जमाई की। इसी दौरान गोस्वामी युवक (भांड स्वरूप) ने करीब 15 फुट ऊंचे बांस पर चढ़ कृष्ण-बलराम की ओर मुख करके ‘तुम उदार सरिस देत न द्रव्य समार, ढांढी हूं कुल चंद कौ आयौ नंद दरबार’ गाकर बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में शंकर लीला आयोजित की गई। कान्हा की छीछी (दही और हल्दी का मिश्रण) लेने के लिए भक्तों में होड़ रही। जन्मोत्सव के दौरान सेवायतों ने खिलौने, टॉफी, वस्त्र आदि उपहार लुटाए। फउआ और पंजीरी प्रसाद का वितरण किया गया।
नंदभवन में आयोजित भजन संध्या के दौरान संगीताचार्य राधारमण गोस्वामी और दिनेश गोस्वामी की जोड़ी को श्रोताओं ने जम कर सराहा। करीब दो घंटे चली भजन संध्या में श्रोता सुध-बुध खो बैठे। वहीं कस्बा में ठहरने की उचित व्यवस्था न होने के चलते श्रद्धालुओं ने खुले आसमान में ही आराम किया।
विज्ञापन
लाला के जन्म का समाचार सुन शनिवार को सुबह 10 बजे वृषभानजी के गांव बरसाना से गोप नंदभवन पहुंचे। यहां नंदगांव के गोपों ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद नंदभवन के जगमोहन में संयुक्त समाज गायन शुरू हुआ और नंद-यशोदा को कृष्ण जन्म की बधाई दी गईं। करीब दो घंटे चले समाज गायन में ‘रंगीली आज बाजै अरी हेरी मां..., बाजे बधाइयां वे सेइयां नंद दे दरबार..., सुख बरसै री हेली जसुमति महल में.. आदि पद गूंजते रहे। ‘हम तौ यारो लेते नहीं हीरा मोती लाल, हम फरजंद इश्क घूमे हैं बडे़ मस्त हाल’ सुनते ही लोगों के मुख से वाहवाह निकल पड़ी। हर कोई उत्सव के इन दुर्लभ क्षणों को मोबाइल में कैद कर रहा था।
विज्ञापन
इसके बाद नंद महल में प्रतीकात्मक मल्ल युद्ध शुरू हुआ। नंदभवन के सेवायत हरीमोहन गोस्वामी ने कमर से फेंटा निकाल हवा में लहराते हुए युद्ध की चुनौती दी। भुवनेश गोस्वामी ने चुनौती स्वीकारते हुए कृष्ण-बलराम को प्रणाम कर कुश्ती प्रारंभ की। बराबरी पर छूटने के बाद दोनों ने एक दूसरे से क्षमा मांगी। अन्य बालकों और बुजुर्गों ने भी मल्ल युद्ध किया।
विज्ञापन
मल्ल के बाद नंदगांव-बरसाना के लोगों के बीच हास-परिहास का श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद लिया।
बरसाना के गोप नंद के जमाई की जय बोल रहे थे तो नंदगांव के लोग वृषभानु के जमाई की। इसी दौरान गोस्वामी युवक (भांड स्वरूप) ने करीब 15 फुट ऊंचे बांस पर चढ़ कृष्ण-बलराम की ओर मुख करके ‘तुम उदार सरिस देत न द्रव्य समार, ढांढी हूं कुल चंद कौ आयौ नंद दरबार’ गाकर बधाई दी। कार्यक्रम के अंत में शंकर लीला आयोजित की गई। कान्हा की छीछी (दही और हल्दी का मिश्रण) लेने के लिए भक्तों में होड़ रही। जन्मोत्सव के दौरान सेवायतों ने खिलौने, टॉफी, वस्त्र आदि उपहार लुटाए। फउआ और पंजीरी प्रसाद का वितरण किया गया।
नंदभवन में आयोजित भजन संध्या के दौरान संगीताचार्य राधारमण गोस्वामी और दिनेश गोस्वामी की जोड़ी को श्रोताओं ने जम कर सराहा। करीब दो घंटे चली भजन संध्या में श्रोता सुध-बुध खो बैठे। वहीं कस्बा में ठहरने की उचित व्यवस्था न होने के चलते श्रद्धालुओं ने खुले आसमान में ही आराम किया।