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Mathura News: सात काॅलोनियों के लिए जमीन तलाश रहा एमवीडीए
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मथुरा। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण अब सात नई आवासीय योजनाओं के लिए जमीन की तलाश में जुट गया है। यह योजनाएं मथुरा-वृंदावन के साथ गोवर्धन, बरसाना, छाता, फरह और चौमुहां में विकसित करने का प्रस्ताव है।
फिलहाल विकास प्राधिकरण के पास लैंड बैंक नहीं है। जैंत और राल में किसानों के साथ मिलकर दो योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इस दायरे को बढ़ाने के लिए पिछले दिनों विकास प्राधिकरण ने सात और स्थानों पर आवासीय योजनाएं विकसित करने का निर्णय लिया था। इसके तहत जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
इसमें विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का विचार है कि जमीन अधिग्रहण के बजाए किसानों के साथ ही इन स्थानों पर आवासीय योजनाओं को विकसित किया जाए। इसके तहत राल और जैंत में किए गए प्रयास भी सफल हो चुके हैं।
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हालांकि मथुरा-वृंदावन को छोड़कर विकास प्राधिकरण की आवासीय योजनाएं गोवर्धन, बरसाना, फरह, चौमुहां, छाता में नहीं हैं। यहां आवासीय योजनाएं तैयार करने का प्रयास विकास प्राधिकरण द्वारा पहली बार किया जा रहा है। इन स्थानों पर अवैध कॉलोनियों के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान को देखते हुए प्राधिकरण ने अपनी योजनाओं की तैयारी की है।
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फिलहाल विकास प्राधिकरण के पास लैंड बैंक नहीं है। जैंत और राल में किसानों के साथ मिलकर दो योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इस दायरे को बढ़ाने के लिए पिछले दिनों विकास प्राधिकरण ने सात और स्थानों पर आवासीय योजनाएं विकसित करने का निर्णय लिया था। इसके तहत जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है।
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इसमें विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का विचार है कि जमीन अधिग्रहण के बजाए किसानों के साथ ही इन स्थानों पर आवासीय योजनाओं को विकसित किया जाए। इसके तहत राल और जैंत में किए गए प्रयास भी सफल हो चुके हैं।
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हालांकि मथुरा-वृंदावन को छोड़कर विकास प्राधिकरण की आवासीय योजनाएं गोवर्धन, बरसाना, फरह, चौमुहां, छाता में नहीं हैं। यहां आवासीय योजनाएं तैयार करने का प्रयास विकास प्राधिकरण द्वारा पहली बार किया जा रहा है। इन स्थानों पर अवैध कॉलोनियों के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान को देखते हुए प्राधिकरण ने अपनी योजनाओं की तैयारी की है।