फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   Mother's love was received for a few moments, then legal maneuvers created a wall

Mathura News: कुछ पल मिला मां का प्यार, फिर कानूनी दांवपेच ने खड़ी की दीवार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Aug 2025 01:03 AM IST
विज्ञापन
Mother's love was received for a few moments, then legal maneuvers created a wall
आनंद-पूजा की गोद में उनकी बेटी सरस्वती।
मथुरा। तीन दिन पहले रेलवे जंक्शन से अगवा हुई एक साल की बच्ची सरस्वती को जीआरपी ने आगरा से ढूंढ निकाला। रविवार को कुछ पल के लिए सरस्वती को मां का प्यार नसीब हो सका। इसके बाद कानूनी दावपेच में मां-बेटी के बीच दीवार खड़ी कर दी। बाल कल्याण समिति ने माता-पिता द्वारा पहचान अभिलेख न दे पाने के चलते बच्ची को सौंपने से इन्कार कर दिया।
विज्ञापन

22 अगस्त की रात को मध्य प्रदेश के जिला जबलपुर की तहसील सिहोरा के गांव मझौली निवासी आनंद और पूजा की छोटी बेटी सरस्वती का रेलवे जंक्शन से अपहरण हो गया था। उन्होंने जीआरपी थाना मथुरा में इसकी रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। जीआरपी और आरपीएफ ने सतर्कता दिखाते हुए रविवार को आगरा से सरस्वती को ढूंढ निकाला था। साथ ही अपहरणकर्ता सतीश को भी गिरफ्तार कर लिया था। रविवार को बेटी को लेकर जीआरपी मथुरा पहुंची तो माता-पिता की गोद में वह जमकर खिलखिलाई। माता-पिता ने भी उसे खूब दुलारा। इसके बाद जीआरपी ने बच्ची को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द कर दिया।
विज्ञापन

सोमवार को आनंद और पूजा बाल कल्याण समिति पहुंचे तो उनसे समिति ने पहचान के अभिलेख मांगे। पूजा और आनंद न तो पहचान प्रमाणित करने के लिए कोई पहचान पत्र दिखा सके और न ही अन्य कोई अभिलेख। बस यहीं से कानूनी दावपेच के चलते मां और बेटी के बीच दीवार खड़ी हो गई है। बाल कल्याण समिति ने बच्ची को बाल संरक्षण गृह भेज दिया है। वहीं आनंद और पूजा जीआरपी थाने के चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
घुमंतू हैं मात-पिता, आधार तक नहीं है पास
बच्ची सरस्वती के माता-पिता घुमंतू हैं, वे अलग-अलग जिलों में जाकर कूड़े से प्लास्टिक बीनने का काम करते हैं। उनका कोई ठिकाना तक नहीं है। हाल यह है कि उनके पास न तो आधार है और न ही कोई अन्य अभिलेख। उनके पास मोबाइल फोन भी नहीं है, जिससे वे अपने किसी परिवार के सदस्य या रिश्तेदार से संपर्क कर सकें। ऐसे में दोनों अपनी बेटी के लिए परेशान हैं। वहीं दूसरी तरफ बाल कल्याण समिति के सामने भी पहचान को लेकर मुश्किल खड़ी हो गई है।
---
पूजा के बयान से बढ़ गई बाल कल्याण समिति की दुविधा
सोमवार को बाल कल्याण समिति के सामने पेश हुई बच्ची की मां पूजा से जब आधार मांगा गया है, तो पहले तो उसने आधार होने से इन्कार कर दिया। कुछ देर बाद उसने जो कहानी बाल कल्याण समिति को बताई उससे समिति भी दुविधा में पड़ गई है। उसने बताया कि पूजा का पुराना नाम रवीना है और उसने 13 साल पहले जबलपुर के ही सलमान से उसकी दोस्ती हुई थी। इसके बाद वह उसके साथ ही रहने लगी। इस दौरान उसके आधार में भी सलमान ने अपना नाम पति के रूप में दर्ज करा लिया। छह साल बाद वह सलमान से अलग हुई और आनंद के साथ रहने लगी। उसने अपना नाम रवीना से बदलकर पूजा कर लिया। परिवार ने भी दोनों के संबंद्ध को स्वीकार कर लिया। ऐसे में जो पुराना आधार है, उसमें रवीना पत्नी सलमान दर्ज है।

---
बाल कल्याण समिति के सामने आनंद और पूजा आधार या अन्य कोई अभिलेख पेश नहीं कर पाए। इसके चलते पहचान में परेशानी हुई और समिति ने बच्चे की सुपुर्दगी रोक दी है। जीआरपी का काम केवल बच्ची को ढूंढना था, सुपुर्दगी का निर्णय समिति ही लेगी। अन्य कई तथ्य भी समिति के सामने आए हैं। समिति द्वारा जो निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -यादराम सिंह, प्रभारी निरीक्षक जीआरपी मथुरा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed