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हर तीर्थस्थल से ज्यादा भक्त आते हैं ‘मथुरा’
पुनीत शर्मा मथुरा
Updated Fri, 12 May 2017 12:10 AM IST
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भगवान कृष्ण की नगरी मथुरा में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या देश के बड़े-बड़े तीर्थ स्थलों से अधिक है। पर्यटन विभाग ने जो आंकड़ा जारी किया है उसके मुताबिक 4 करोड़ 65 लाख से अधिक भक्त 2016 में मथुरा पहुंचे थे जबकि हरिद्वार में एक करोड़ भक्त पहुंचे। वैष्णो देवी के दर्शन को 80 लाख श्रद्धालु गए थे। जबकि तिरुपति बालाजी के दर्शन को जाने वालों की संख्या 20 लाख थी। शिरड़ी साईं बाबा के दर्शन को पहुंचे साईं भक्तों की संख्या भी मथुरा आए लोगों से कम ही रही।
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर बात की जाए तो अभी तक घोषित तीर्थ स्थलों में केवल हरिद्वार ही है। हरिद्वार का विकास भी तीर्थ स्थल घोषित होने के बाद ही हुआ। कई पुराने मंदिरों की जीर्णोद्वार किया गया। हरिद्वार में भी गंगा स्नान के लिए कई राज्यों से भक्त पहुंचते हैं। लेकिन हरिद्वार जाने वाले भक्तों की संख्या भी मथुरा आने वाले कृष्ण भक्तों से काफी कम है।
उत्तराखंड पर्यटन विभाग का जो आंकड़ा है उसके मुताबिक हरिद्वार में साल भर में करीब एक करोड़ लोग पहुंचते हैं। जबकि मथुरा में साल भर में 4, 65, 96390 भक्त पहुंचते हैं। भक्तों के आने की इतनी संख्या देश के किसी भी तीर्थ पर नहीं होगी।
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लठमार होली देखने पहुंचते हैं लाखों भक्त
मथुरा में बांकेबिहारी के दर्शन करने के लिए विदेशों तक से भक्त आते हैं। होली पर तो एक महीने का उत्सव रहता है। बरसाना की लठमार होली देखने के लिए भी लाखों भक्त मथुरा पहुंचते हैं। अब देश के इतने लोगों की आस्था मथुरा के साथ जुड़ी हुई है लेकिन अभी तक मथुरा को तीर्थ स्थल घोषित नहीं किया जा सका है। भगवान के क्रीड़ा स्थल के रूप में पहचाने जाने वाले बरसाना, गोकुल, नंदगांव और गोवर्धन विकास की राह तक रहे हैं। ---
स्थान आने वाले भक्त
मथुरा 66,55,100
वृंदावन 1,26,98000
बरसाना 33,17,950
नंदगांव 18,95,420
गोवर्धन 1,20,98,600
कुसुम सरोवर 23,79,550
गोकुल 10,33,120
राधाकुंड 45,72,000
महावन 04,45,500
बल्देव 15,01,150
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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को मिलाकर बात की जाए तो अभी तक घोषित तीर्थ स्थलों में केवल हरिद्वार ही है। हरिद्वार का विकास भी तीर्थ स्थल घोषित होने के बाद ही हुआ। कई पुराने मंदिरों की जीर्णोद्वार किया गया। हरिद्वार में भी गंगा स्नान के लिए कई राज्यों से भक्त पहुंचते हैं। लेकिन हरिद्वार जाने वाले भक्तों की संख्या भी मथुरा आने वाले कृष्ण भक्तों से काफी कम है।
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उत्तराखंड पर्यटन विभाग का जो आंकड़ा है उसके मुताबिक हरिद्वार में साल भर में करीब एक करोड़ लोग पहुंचते हैं। जबकि मथुरा में साल भर में 4, 65, 96390 भक्त पहुंचते हैं। भक्तों के आने की इतनी संख्या देश के किसी भी तीर्थ पर नहीं होगी।
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लठमार होली देखने पहुंचते हैं लाखों भक्त
मथुरा में बांकेबिहारी के दर्शन करने के लिए विदेशों तक से भक्त आते हैं। होली पर तो एक महीने का उत्सव रहता है। बरसाना की लठमार होली देखने के लिए भी लाखों भक्त मथुरा पहुंचते हैं। अब देश के इतने लोगों की आस्था मथुरा के साथ जुड़ी हुई है लेकिन अभी तक मथुरा को तीर्थ स्थल घोषित नहीं किया जा सका है। भगवान के क्रीड़ा स्थल के रूप में पहचाने जाने वाले बरसाना, गोकुल, नंदगांव और गोवर्धन विकास की राह तक रहे हैं। ---
स्थान आने वाले भक्त
मथुरा 66,55,100
वृंदावन 1,26,98000
बरसाना 33,17,950
नंदगांव 18,95,420
गोवर्धन 1,20,98,600
कुसुम सरोवर 23,79,550
गोकुल 10,33,120
राधाकुंड 45,72,000
महावन 04,45,500
बल्देव 15,01,150