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Mathura News: तहसील परिसर में बंदर ने वृद्धा से छीनी थैली, पेड़ पर फाड़कर गिराए रुपये और दस्तावेज
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छाता। तहसील परिसर में बंदरों का आतंक लगातार बना हुआ है। शनिवार को किसी कार्य से तहसील आई एक वृद्ध महिला उस समय घबरा गई, जब एक बंदर ने झपट्टा मारकर उनके हाथ से थैली छीन ली। थैली में महत्वपूर्ण दस्तावेज और 10 हजार रुपये की नगदी रखी थी।
गांव दौताना निवासी वृद्ध महिला अपनी तारीख के सिलसिले में तहसील परिसर आई थीं। जैसे ही वह परिसर में पहुंचीं, घात लगाए बैठे एक बंदर ने उनकी थैली छीन ली और पास के एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। इससे महिला घबरा गई और अपनी मेहनत की कमाई तथा जरूरी दस्तावेजों के खोने की आशंका से परेशान हो उठी। करीब पांच मिनट तक चले घटनाक्रम के दौरान बंदर ने पेड़ पर बैठकर थैली फाड़नी शुरू कर दी।
थैली में रखे दस्तावेज एक-एक कर नीचे गिरने लगे, जिन्हें वहां मौजूद लोगों ने इकट्ठा कर लिया। कुछ देर बाद बंदर ने 10 हजार रुपये की नगदी भी नीचे गिरा दी। रुपये और दस्तावेज सुरक्षित मिलने पर महिला ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील परिसर में बंदरों का आतंक कोई नई बात नहीं है। आए दिन फरियादी, अधिवक्ता और कर्मचारी बंदरों का शिकार होते हैं। लोगों का आरोप है कि बंदरों को पकड़ने या उन्हें परिसर से हटाने के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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गांव दौताना निवासी वृद्ध महिला अपनी तारीख के सिलसिले में तहसील परिसर आई थीं। जैसे ही वह परिसर में पहुंचीं, घात लगाए बैठे एक बंदर ने उनकी थैली छीन ली और पास के एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ गया। इससे महिला घबरा गई और अपनी मेहनत की कमाई तथा जरूरी दस्तावेजों के खोने की आशंका से परेशान हो उठी। करीब पांच मिनट तक चले घटनाक्रम के दौरान बंदर ने पेड़ पर बैठकर थैली फाड़नी शुरू कर दी।
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थैली में रखे दस्तावेज एक-एक कर नीचे गिरने लगे, जिन्हें वहां मौजूद लोगों ने इकट्ठा कर लिया। कुछ देर बाद बंदर ने 10 हजार रुपये की नगदी भी नीचे गिरा दी। रुपये और दस्तावेज सुरक्षित मिलने पर महिला ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोगों का कहना है कि तहसील परिसर में बंदरों का आतंक कोई नई बात नहीं है। आए दिन फरियादी, अधिवक्ता और कर्मचारी बंदरों का शिकार होते हैं। लोगों का आरोप है कि बंदरों को पकड़ने या उन्हें परिसर से हटाने के लिए अब तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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