{"_id":"99fecfe9ba1af60c0bda3c1f0218f411","slug":"minister-omprakash-scold-about-pollution-in-yamuna-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाटों से हटे अतिक्रमण, रोशनी का हो पर्याप्त इंतजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाटों से हटे अतिक्रमण, रोशनी का हो पर्याप्त इंतजाम
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 18 Jan 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ताजमहल आगरा की शान है तो मथुरा और बनारस की जान यमुना-गंगा के घाट हैं। इनके सुंदरीकरण के साथ ही अतिक्रमणों का हटना जरूरी है। इसके अलावा घाटों पर पर्याप्त रोशनी भी होनी चाहिए ताकि यहां आने वाले श्रद्धालु अच्छा महसूस कर सकें।
प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने यमुना के घाटों के निरीक्षण के दौरान ये कहा। यमुना के घाटों की स्थिति पर प्रदेश के पर्यटन मंत्री खासे संजीदा नजर आए।
हकीकत जानने के लिए पर्यटन मंत्री ने नाव में सवार होकर घाटों का निरीक्षण किया। बंगाली घाट से हंसारानी घाट तक निरीक्षण में उन्होंने घाटों पर हो रहे अतिक्रमण पर नाराजगी जताई।
विज्ञापन
उन्होंने घाटों की प्राचीन बुर्जी के साथ ही किनारे बसे घरों को एक ही रंग मेें रंगने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग केे अधिकारियों से यमुना मेें गिर रही गंदगी पर भी कड़ी नाराजगी जताई।
प्राचीन कंस किले पर रोशनी का इंतजाम न होने पर उन्होंने सोलर लाइट से घाटों को रोशन करने की बात कही। इसके बाद उन्होंने भांडीरवन कुंड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिला पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी साथ रहे।
विज्ञापन
प्रदेश के पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने यमुना के घाटों के निरीक्षण के दौरान ये कहा। यमुना के घाटों की स्थिति पर प्रदेश के पर्यटन मंत्री खासे संजीदा नजर आए।
विज्ञापन
हकीकत जानने के लिए पर्यटन मंत्री ने नाव में सवार होकर घाटों का निरीक्षण किया। बंगाली घाट से हंसारानी घाट तक निरीक्षण में उन्होंने घाटों पर हो रहे अतिक्रमण पर नाराजगी जताई।
विज्ञापन
उन्होंने घाटों की प्राचीन बुर्जी के साथ ही किनारे बसे घरों को एक ही रंग मेें रंगने के निर्देश दिए। सिंचाई विभाग केे अधिकारियों से यमुना मेें गिर रही गंदगी पर भी कड़ी नाराजगी जताई।
प्राचीन कंस किले पर रोशनी का इंतजाम न होने पर उन्होंने सोलर लाइट से घाटों को रोशन करने की बात कही। इसके बाद उन्होंने भांडीरवन कुंड का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिला पर्यटन अधिकारी अनुपम श्रीवास्तव और सिंचाई विभाग के अधिकारी भी साथ रहे।