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324 करोड़ की जिला योजना पर प्रभारी मंत्री ने लगाई मुहर
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बैठक को संबोधित करते प्रभारी मंत्री सतीश महाना।
- फोटो : MATHURA
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मथुरा। प्रदेश के औद्योगिक विकास एवं जिले के प्रभारी मंत्री सतीश महाना ने कलक्ट्रेट सभागार में जिला योजना की बैठक में निर्देश दिए कि सभी अधिकारी अपने कामों की सूची सांसद एवं विधायकों को उपलब्ध कराएं, जिससे उनके द्वारा किए गए कार्यों की गुणवत्ता की जांच की जा सके। उन्होंने कृषि विभाग से संबंधित बीज वितरण, कृषक प्रशिक्षण, कृषि रक्षा उपकरण, कृषि उपकरण की समीक्षा करते हुए उप निदेशक कृषि से गतवर्ष में दिए गए बीज एवं उपकरणों की जानकारी ली। जिले के विकास के लिए 324 करोड़ की धनराशि प्रस्तावित की गई।
प्रभारी मंत्री ने फसल बीमा योजना के अंतर्गत आए प्रार्थनापत्रों की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि कृषि बीमा योजना के अंतर्गत 13375 प्रार्थना पत्र आए हैं, जिसे अग्रसारित कर दिया गया है। गतवर्ष फसल बीमा योजना के तहत 51 करोड़ की धनराशि वितरित की गई थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की फसल का आकलन करवा लिया जाए और किसानों का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई बीमा कंपनी से कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बैंक एवं कृषि अधिकारी किसानों के साथ बैठक करें और यथासंभव मौके पर ही उनकी समस्याओं का निस्तारण करें। औद्योगिक मंत्री ने निर्देश दिए कि जिला योजना एवं अन्य मदों से कराए जा रहे विकास कार्यों पर गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
उन्होंने कहा कि किसी कार्य में कोई लापरवाही या कमी मिली तो संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे वृक्षारोपण के साथ-साथ पेड़ों को जीवित रखने की जिम्मेदारी का भी पालन करें।
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जिला योजना की बैठक में कृषि विभाग की 32 लाख, गन्ना विभाग 1.90 लाख, लघु एवं सीमांत कृषकों की सहायता 720 लाख, पशुपालन 402.36 लाख, दुग्ध विकास 967.61 लाख, सहकारिता 236.15 लाख, वन विभाग, 157 लाख, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम 125.47 लाख, रोजगार कार्यक्रम 5687.50 लाख, पंचायतीराज विभाग 173 लाख, सामुदायिक विकास 35 लाख, निजी लघु सिंचाई 1259.05 लाख, अतिरिक्त ऊर्जास्रोत 14.02 लाख, सड़क एवं पुल 1800.26 लाख, पर्यावरण 10 लाख, पर्यटन विभाग 160 लाख की योजना प्रस्तावित की गई।
इसी प्रकार प्राथमिक शिक्षा 5020 लाख, माध्यमिक शिक्षा 923.10 लाख, प्राविधिक शिक्षा 280.30 लाख, प्रादेशिक विकास दल 55.49 लाख, चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य 490 लाख, परिवार कल्याण 89 लाख, होम्योपैथिक 190 लाख, आयुर्वेदिक 71.64 लाख, स्वच्छ शौचालयों का निर्माण 780 लाख, ग्रामीण आवास प्रधानमंत्री आवास योजना 720 लाख, नगर विकास 381.80 लाख, अनुसूचित जाति कल्याण 2185.16 लाख, पिछड़ी जाति कल्याण 251.15 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण 45 लाख, सामान्य जाति कल्याण 2853.61 लाख, सेवायोजन 2.88 लाख, शिल्पकार प्रशिक्षण 287 लाख. समाज कल्याण (वृद्धावस्था पेंशन) 3410 लाख, दिव्यांगजन कल्याण 1006.79 लाख, महिला कल्याण 949.08 लाख की आदि योजनाओं को प्रस्तावित किया गया, जो कुल धनराशि 32414 लाख रखी गई।
विधायक बलदेव पूरन प्रकाश, गोवर्धन ठाकुर कारिंदा सिंह, जिलाध्यक्ष मधु शर्मा, एमएलसी संजय लाठर, जिला पंचायत सदस्य नरदेव चौधरी, जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर, नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़, मुख्य विकास अधिकारी नितिन गौड़, जिला विकास अधिकारी रवि किशोर त्रिवेदी, पीडी बलराम सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अजय चौधरी आदि उपस्थित थे।
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प्रभारी मंत्री ने फसल बीमा योजना के अंतर्गत आए प्रार्थनापत्रों की जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि कृषि बीमा योजना के अंतर्गत 13375 प्रार्थना पत्र आए हैं, जिसे अग्रसारित कर दिया गया है। गतवर्ष फसल बीमा योजना के तहत 51 करोड़ की धनराशि वितरित की गई थी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की फसल का आकलन करवा लिया जाए और किसानों का जो नुकसान हुआ है उसकी भरपाई बीमा कंपनी से कराई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि बैंक एवं कृषि अधिकारी किसानों के साथ बैठक करें और यथासंभव मौके पर ही उनकी समस्याओं का निस्तारण करें। औद्योगिक मंत्री ने निर्देश दिए कि जिला योजना एवं अन्य मदों से कराए जा रहे विकास कार्यों पर गुणवत्ता एवं समयबद्धता पर विशेष ध्यान दिया जाए।
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उन्होंने कहा कि किसी कार्य में कोई लापरवाही या कमी मिली तो संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार ठहराकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वे वृक्षारोपण के साथ-साथ पेड़ों को जीवित रखने की जिम्मेदारी का भी पालन करें।
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जिला योजना की बैठक में कृषि विभाग की 32 लाख, गन्ना विभाग 1.90 लाख, लघु एवं सीमांत कृषकों की सहायता 720 लाख, पशुपालन 402.36 लाख, दुग्ध विकास 967.61 लाख, सहकारिता 236.15 लाख, वन विभाग, 157 लाख, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रम 125.47 लाख, रोजगार कार्यक्रम 5687.50 लाख, पंचायतीराज विभाग 173 लाख, सामुदायिक विकास 35 लाख, निजी लघु सिंचाई 1259.05 लाख, अतिरिक्त ऊर्जास्रोत 14.02 लाख, सड़क एवं पुल 1800.26 लाख, पर्यावरण 10 लाख, पर्यटन विभाग 160 लाख की योजना प्रस्तावित की गई।
इसी प्रकार प्राथमिक शिक्षा 5020 लाख, माध्यमिक शिक्षा 923.10 लाख, प्राविधिक शिक्षा 280.30 लाख, प्रादेशिक विकास दल 55.49 लाख, चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य 490 लाख, परिवार कल्याण 89 लाख, होम्योपैथिक 190 लाख, आयुर्वेदिक 71.64 लाख, स्वच्छ शौचालयों का निर्माण 780 लाख, ग्रामीण आवास प्रधानमंत्री आवास योजना 720 लाख, नगर विकास 381.80 लाख, अनुसूचित जाति कल्याण 2185.16 लाख, पिछड़ी जाति कल्याण 251.15 लाख, अल्पसंख्यक कल्याण 45 लाख, सामान्य जाति कल्याण 2853.61 लाख, सेवायोजन 2.88 लाख, शिल्पकार प्रशिक्षण 287 लाख. समाज कल्याण (वृद्धावस्था पेंशन) 3410 लाख, दिव्यांगजन कल्याण 1006.79 लाख, महिला कल्याण 949.08 लाख की आदि योजनाओं को प्रस्तावित किया गया, जो कुल धनराशि 32414 लाख रखी गई।
विधायक बलदेव पूरन प्रकाश, गोवर्धन ठाकुर कारिंदा सिंह, जिलाध्यक्ष मधु शर्मा, एमएलसी संजय लाठर, जिला पंचायत सदस्य नरदेव चौधरी, जिलाधिकारी सर्वज्ञराम मिश्र, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर, नगर आयुक्त रविंद्र कुमार मांदड़, मुख्य विकास अधिकारी नितिन गौड़, जिला विकास अधिकारी रवि किशोर त्रिवेदी, पीडी बलराम सिंह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी अजय चौधरी आदि उपस्थित थे।