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Mathura News: महापौर और पार्षदों की रार खत्म करने के लिए बुलाई बैठक
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मथुरा। महापौर और पार्षदों की रार को समाप्त करने के लिए उप सभापति नगर निगम मुकेश सारस्वत ने रविवार को बैठक बुलाई है। दोपहर एक बजे कृष्णा नगर स्थित नए कार्यालय में सभी पार्षद व महापौर और नगर आयुक्त के साथ समन्वय बैठक होगी। उन्होंने सभी 70 वार्डों के पार्षदों से समय से पहुंचने की अपील की है।
दरअसल, बीते दिनों पार्षद दल के नेता चौधरी राजवीर सिंह के नेतृत्व में करीब 50 पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम सीपी सिंह और एमवीडीए के उपाध्यक्ष एसबी से मिला था। सभी पार्षदों का आरोप था कि 15वीं वित्त ग्रांट से विकास कार्य कराने जाने के लिए शासन द्वारा करीब 46 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। प्रत्येक वार्ड के लिए 60-60 लाख रुपये जारी करने के निर्देश थे, जबकि महापौर ने 30-30 लाख रुपये की धनराशि ही जारी की है।
इसके अलावा 15 करोड़ रुपये आपदा कोष में रखने पर भी पार्षदों ने आपत्ति जताई थी। दूसरी ओर बीते मंगलवार को महापौर विनोद अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद पार्षदों से मिले थे। महापौर ने पार्षदों के साथ विकास कार्यों पर चर्चा की थी। हालांकि पार्षदों का कहना था कि महापौर ने सभी पार्षदों से माफी मांगने आए थे, लेकिन महापौर इस बात से इनकार कर रहे हैं।
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इसी बात ने शुक्रवार को और तूल पकड़ लिया। फिर पार्षदों और महापौर के बीच मोबाइल कॉल पर जमकर जुबानी तीर चले। पार्षदों और महापौर की आपसी रार मैं शहर का विकास सिमट गया है। इसको लेकर उपसभापति ने रविवार को सभी पार्षद और महापौर की समन्वय बैठक बुलाई है। इसमें नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। वहीं पार्षद दल के नेता चौधरी राजवीर सिंह का कहना है कि बैठक से पहले पार्षदों को दो दिन का समय दिया जाना चाहिए था। तत्काल बैठक बुलाने से कुछ पार्षद पहुंचेंगे तो कुछ नहीं पहुंच पाएंगे।
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दरअसल, बीते दिनों पार्षद दल के नेता चौधरी राजवीर सिंह के नेतृत्व में करीब 50 पार्षदों का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम सीपी सिंह और एमवीडीए के उपाध्यक्ष एसबी से मिला था। सभी पार्षदों का आरोप था कि 15वीं वित्त ग्रांट से विकास कार्य कराने जाने के लिए शासन द्वारा करीब 46 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। प्रत्येक वार्ड के लिए 60-60 लाख रुपये जारी करने के निर्देश थे, जबकि महापौर ने 30-30 लाख रुपये की धनराशि ही जारी की है।
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इसके अलावा 15 करोड़ रुपये आपदा कोष में रखने पर भी पार्षदों ने आपत्ति जताई थी। दूसरी ओर बीते मंगलवार को महापौर विनोद अग्रवाल ने अधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद पार्षदों से मिले थे। महापौर ने पार्षदों के साथ विकास कार्यों पर चर्चा की थी। हालांकि पार्षदों का कहना था कि महापौर ने सभी पार्षदों से माफी मांगने आए थे, लेकिन महापौर इस बात से इनकार कर रहे हैं।
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इसी बात ने शुक्रवार को और तूल पकड़ लिया। फिर पार्षदों और महापौर के बीच मोबाइल कॉल पर जमकर जुबानी तीर चले। पार्षदों और महापौर की आपसी रार मैं शहर का विकास सिमट गया है। इसको लेकर उपसभापति ने रविवार को सभी पार्षद और महापौर की समन्वय बैठक बुलाई है। इसमें नगर आयुक्त समेत अन्य अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। वहीं पार्षद दल के नेता चौधरी राजवीर सिंह का कहना है कि बैठक से पहले पार्षदों को दो दिन का समय दिया जाना चाहिए था। तत्काल बैठक बुलाने से कुछ पार्षद पहुंचेंगे तो कुछ नहीं पहुंच पाएंगे।