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मथुरा: तिरंगा थाम हक मांगने निकले युवा, दिल्ली की ओर बढ़ रहा जत्था
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अर्द्धसैनिक बल में नियुक्ति न मिलने से नाराज युवा दिल्ली कूच करते हुए। संवाद
- फोटो : KOSI
कोसीकलां (मथुरा)। अर्धसैनिक बलों में खाली पड़े पदों पर नियुक्ति के लिए हाथों में तिरंगा थामकर नागपुर के संविधान चौक से दिल्ली के जंतर-मंतर तक पैदल मार्च पर निकले युवा मंगलवार को कोसीकलां पहुंचे। यहां उनका पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। 25 जुलाई को वे दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
एसएससी जीडी-2018 के अभ्यर्थी यहां पहुंचे। पैदल मार्च में 200 युवा शामिल हैं, जिसमें करीब 170 युवक और 30 युवतियां इसमें शामिल हैं। पैदल मार्च के 55वें दिन युवाओं का नेतृत्व कर रहे विशाल ने बताया कि अर्धसैनिक बलों में भर्ती की उन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है लेकिन पद खाली होने के बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए जा रहे हैं। वे सब डेढ़ साल से नियुक्ति पत्र को भटक रहे हैं।
एक वर्ष तक दिल्ली में आंदोलन कर 72 दिन उपवास किया। नागपुर में संविधान चौक पर प्रदर्शन किया। देश सेवा के लिए उन्हें पैदल मार्च करना पड़ रहा है। वर्दी के लिए भटकना पड़ रहा है। कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांग कि वे अर्धसैनिक बल में खाली पदों पर भर्ती कराएं। यात्रा में शामिल हर्षदा मोयर, निशा गुसाद का कहना था कि सरकार को चार हजार पदों पर नियुक्ति के लिए नियुक्ति पत्र जारी करने चाहिए। हम मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
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यह है मामला
केंद्र सरकार द्वारा अर्धसैनिक बल में वर्ष 2018 में 60,120 कांस्टेबल की भर्ती निकाली गई थी। कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से देश में भर्ती प्रक्रिया हुई। 55,912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली और बचे हुए करीब चार हजार पद आज तक नहीं भरे गए हैं। 16 माह से अभ्यर्थी इसके लिए आंदोलन कर रहे हैं।
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एसएससी जीडी-2018 के अभ्यर्थी यहां पहुंचे। पैदल मार्च में 200 युवा शामिल हैं, जिसमें करीब 170 युवक और 30 युवतियां इसमें शामिल हैं। पैदल मार्च के 55वें दिन युवाओं का नेतृत्व कर रहे विशाल ने बताया कि अर्धसैनिक बलों में भर्ती की उन्होंने परीक्षा उत्तीर्ण कर ली है लेकिन पद खाली होने के बाद भी उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिए जा रहे हैं। वे सब डेढ़ साल से नियुक्ति पत्र को भटक रहे हैं।
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एक वर्ष तक दिल्ली में आंदोलन कर 72 दिन उपवास किया। नागपुर में संविधान चौक पर प्रदर्शन किया। देश सेवा के लिए उन्हें पैदल मार्च करना पड़ रहा है। वर्दी के लिए भटकना पड़ रहा है। कहा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मांग कि वे अर्धसैनिक बल में खाली पदों पर भर्ती कराएं। यात्रा में शामिल हर्षदा मोयर, निशा गुसाद का कहना था कि सरकार को चार हजार पदों पर नियुक्ति के लिए नियुक्ति पत्र जारी करने चाहिए। हम मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
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यह है मामला
केंद्र सरकार द्वारा अर्धसैनिक बल में वर्ष 2018 में 60,120 कांस्टेबल की भर्ती निकाली गई थी। कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से देश में भर्ती प्रक्रिया हुई। 55,912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली और बचे हुए करीब चार हजार पद आज तक नहीं भरे गए हैं। 16 माह से अभ्यर्थी इसके लिए आंदोलन कर रहे हैं।