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मथुरा: हम कहीं भी रहें, हमारा उद्देश्य राष्ट्र सेवा होना चाहिए : साध्वी ऋतंभरा
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वृंदावन (मथुरा)। संविद गुरुकुल सीनियर सेकेंडरी में मंगलवार को अमृत महोत्सव का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में वृंदावन से बाघा बॉर्डर पर जाने वाली राष्ट्र रक्षा सूत्र बंधन यात्रा की छात्राओं ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेश एवं जनपद के विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं ने अपने रक्षा सूत्र साध्वी ऋतंभरा को समर्पित किए।
शुभारंभ साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि हम जहां भी रहें जो भी कार्य करें किंतु हमारा उद्देश्य राष्ट्र सेवा होना चाहिए। चाहे कोई कितना भी धन कमा ले लेकिन यश और कीर्ति से बड़ा कोई धन नहीं होता।
समविद गुरुकुलम की बेटियां रक्षा सूत्र लेकरबाघा बॉर्डर जा रही हैं जो सैनिकों की कलाई में अपने रक्षा सूत्र सजाएंगी और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करेंगी। क्योंकि सैनिक सीमाओं पर खड़ा है उसकी दो माताएं होती हैं एक जन्म देने वाली माता और दूसरी भारत माता।
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मुख्य अतिथि नवनीत सिंह चहल ने कहा कि वात्सल्य ग्राम में शिक्षा संस्कार और सेवा का जो भाव दिखाई देता है वह अतुलनीय है। काशी के विद्वान बृजभूषण ओझा बेटियों से देश के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया। ब्रिगेडियर अजय तिवारी ने वात्सल्य ग्राम द्वारा सैनिकों को राखी बांधी जाने का आभार व्यक्त किया। समविद गुरुकुलम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में देश की आजादी को लेकर के देशभक्ति पूर्ण अभिनय प्रस्तुति दी।
इसके साथ ही कृष्णा ब्रह्म रतन रतन विद्या मंदिर एवं वैशिष्टॺम विद्यालय के बच्चों ने भी प्रस्तुति दी। राष्ट्र रक्षा सूत्र समर्पण के क्रम में 35 विद्यालयों एवं संस्थानों ने अपने राष्ट्र रक्षा सूत्र समर्पण किए जैविक एवं गोबर से बनी हुई राखियां भी समर्पित की गईं। जिन राखियों को टूटने के बाद वह जहां भी गिरेंगी, वहां कुछ दिनों के बाद फूलों के फलों के पौधे होने लगेंगे। अन्य राखियों में कोसीकला से 4000 राखियां समर्पित की गई।
भानु प्रताप शुक्ला जयंती समारोह में भागवत सप्ताह में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में संजय गुप्ता, विजय मारू, ओपी गोयंका, प्रमोद कसेरे, महेश खंडेलवाल, कर्नल विजय सिंह, सुमन लता, आस्था भारद्वाज, शिशुपाल सिंह, जय भगवान अग्रवाल, डॉ. उमाशंकर राही थे।
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कार्यक्रम में वृंदावन से बाघा बॉर्डर पर जाने वाली राष्ट्र रक्षा सूत्र बंधन यात्रा की छात्राओं ने कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में विभिन्न प्रदेश एवं जनपद के विद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं ने अपने रक्षा सूत्र साध्वी ऋतंभरा को समर्पित किए।
शुभारंभ साध्वी ऋतंभरा ने कहा कि हम जहां भी रहें जो भी कार्य करें किंतु हमारा उद्देश्य राष्ट्र सेवा होना चाहिए। चाहे कोई कितना भी धन कमा ले लेकिन यश और कीर्ति से बड़ा कोई धन नहीं होता।
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समविद गुरुकुलम की बेटियां रक्षा सूत्र लेकरबाघा बॉर्डर जा रही हैं जो सैनिकों की कलाई में अपने रक्षा सूत्र सजाएंगी और उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करेंगी। क्योंकि सैनिक सीमाओं पर खड़ा है उसकी दो माताएं होती हैं एक जन्म देने वाली माता और दूसरी भारत माता।
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मुख्य अतिथि नवनीत सिंह चहल ने कहा कि वात्सल्य ग्राम में शिक्षा संस्कार और सेवा का जो भाव दिखाई देता है वह अतुलनीय है। काशी के विद्वान बृजभूषण ओझा बेटियों से देश के लिए सदैव तत्पर रहने का आह्वान किया। ब्रिगेडियर अजय तिवारी ने वात्सल्य ग्राम द्वारा सैनिकों को राखी बांधी जाने का आभार व्यक्त किया। समविद गुरुकुलम सीनियर सेकेंडरी स्कूल में देश की आजादी को लेकर के देशभक्ति पूर्ण अभिनय प्रस्तुति दी।
इसके साथ ही कृष्णा ब्रह्म रतन रतन विद्या मंदिर एवं वैशिष्टॺम विद्यालय के बच्चों ने भी प्रस्तुति दी। राष्ट्र रक्षा सूत्र समर्पण के क्रम में 35 विद्यालयों एवं संस्थानों ने अपने राष्ट्र रक्षा सूत्र समर्पण किए जैविक एवं गोबर से बनी हुई राखियां भी समर्पित की गईं। जिन राखियों को टूटने के बाद वह जहां भी गिरेंगी, वहां कुछ दिनों के बाद फूलों के फलों के पौधे होने लगेंगे। अन्य राखियों में कोसीकला से 4000 राखियां समर्पित की गई।
भानु प्रताप शुक्ला जयंती समारोह में भागवत सप्ताह में विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में संजय गुप्ता, विजय मारू, ओपी गोयंका, प्रमोद कसेरे, महेश खंडेलवाल, कर्नल विजय सिंह, सुमन लता, आस्था भारद्वाज, शिशुपाल सिंह, जय भगवान अग्रवाल, डॉ. उमाशंकर राही थे।