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मथुरा: बसंती परिधान और स्वर्ण आभूषण धारण कर
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वृंदावन (मथुरा)। जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज के मंदिर में 26 जनवरी बसंत पंचमी पर महोत्सव के रंगीले-रसीले आयोजन के साथ ही समूचे ब्रज मंडल में सवा माह तक चलने वाले फाग महोत्सव का शुभारंभ हो जाएगा। बसंतोत्सव के अवसर पर ठाकुरजी को बसंती परिधान के साथ-साथ स्वर्ण आभूषणों सहित सरसों के फूलों की माला धारण कराई जाएगी।
26 जनवरी को बसंतोत्सव के अवसर पर ठाकुर बांकेबिहारी को मेवा-केसर युक्त छैना की खीर और केसरिया मोहनभोग (हलुआ) का विशेष भोग निवेदित किया जाएगा। बसंत पंचमी के दिन से दोनों समय ठाकुरजी के मस्तक, कोमल कपोलों (गाल) तथा चिबुक (ठुड्डी) पर लाल गुलाल के बिंदे लगाए जाएंगे। इस पर्व से मंदिर में होली पदों का गायन शुरू हो जाएगा।
मंदिर के सेवायत आचार्य प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि फाग महोत्सव का ये आयोजन अनवरत सवा माह तक चलेगा। इस मध्य 3 मार्च रंगीली एकादशी से 7 मार्च होली पूर्णिमा तक विश्व प्रसिद्ध सरस रंगीली होली का आयोजन होगा। 8 मार्च को धुलैड़ी के दिन डोलोत्सव का परंपरागत आयोजन होगा। इसके दूसरे दिन 9 मार्च से मंदिर में ग्रीष्मकालीन सेवाओं का दौर आरंभ हो जाएगा, जो भाईदूज 15 नबंबर 23 तक चलेगा।
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बसंत पंचमी से होली के रसिया के स्वरूप में दर्शन देंगे ठाकुरजी
ठाकुरजी बसंत पंचमी से होली के रसिया स्वरूप में दर्शन प्रदान करने लगेंगे। होली महोत्सव मनाने के लिए आराध्यप्रभु श्रीबांकेबिहारीजी महाराज को आरोग्यसुख से परिपूर्ण रखने की दिव्य भावना से सेवायतों व भक्तजनों द्वारा लगातार सवा माह तक मेवा, मिष्ठान व गाय के दूध से निर्मित शुद्ध घी से बने पकवानों के भोग पदार्थ अर्पित किए जाएंगे। ठाकुर बांकेबिहारीजी मंदिर में बसंत पंचमी से आरंभ होने वाले इस महा महोत्सव के बाद समूचे ब्रज मंडल में होली का डांढा गढ़ने के साथ ही 40 दिनों तक चलने वाले फाग महोत्सव का शुभारंभ हो जाएगा।
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26 जनवरी को बसंतोत्सव के अवसर पर ठाकुर बांकेबिहारी को मेवा-केसर युक्त छैना की खीर और केसरिया मोहनभोग (हलुआ) का विशेष भोग निवेदित किया जाएगा। बसंत पंचमी के दिन से दोनों समय ठाकुरजी के मस्तक, कोमल कपोलों (गाल) तथा चिबुक (ठुड्डी) पर लाल गुलाल के बिंदे लगाए जाएंगे। इस पर्व से मंदिर में होली पदों का गायन शुरू हो जाएगा।
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मंदिर के सेवायत आचार्य प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि फाग महोत्सव का ये आयोजन अनवरत सवा माह तक चलेगा। इस मध्य 3 मार्च रंगीली एकादशी से 7 मार्च होली पूर्णिमा तक विश्व प्रसिद्ध सरस रंगीली होली का आयोजन होगा। 8 मार्च को धुलैड़ी के दिन डोलोत्सव का परंपरागत आयोजन होगा। इसके दूसरे दिन 9 मार्च से मंदिर में ग्रीष्मकालीन सेवाओं का दौर आरंभ हो जाएगा, जो भाईदूज 15 नबंबर 23 तक चलेगा।
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बसंत पंचमी से होली के रसिया के स्वरूप में दर्शन देंगे ठाकुरजी
ठाकुरजी बसंत पंचमी से होली के रसिया स्वरूप में दर्शन प्रदान करने लगेंगे। होली महोत्सव मनाने के लिए आराध्यप्रभु श्रीबांकेबिहारीजी महाराज को आरोग्यसुख से परिपूर्ण रखने की दिव्य भावना से सेवायतों व भक्तजनों द्वारा लगातार सवा माह तक मेवा, मिष्ठान व गाय के दूध से निर्मित शुद्ध घी से बने पकवानों के भोग पदार्थ अर्पित किए जाएंगे। ठाकुर बांकेबिहारीजी मंदिर में बसंत पंचमी से आरंभ होने वाले इस महा महोत्सव के बाद समूचे ब्रज मंडल में होली का डांढा गढ़ने के साथ ही 40 दिनों तक चलने वाले फाग महोत्सव का शुभारंभ हो जाएगा।