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मथुुरा: हत्या और जानलेवा हमले मेें तीन पर दोष सिद्ध
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मथुरा। हत्या और जानलेवा हमले में अपर सत्र न्यायाधीश-५ कमलेश पाठक की अदालत ने तीन अभियुक्तों पर दोष सिद्ध किया है। तीन में से एक अभियुक्त पहले से जेल में है अन्य दो को दोष सिद्ध होने के बाद जेल भेजा है। तीनों पर दिनदहाड़े एनएच-२ पर हत्या तथा जानलेवा हमले का आरोप था।
१० मार्च २०१२ को रिफाइनरी क्षेत्र के गांव भुडरसू निवासी त्रिवेनी जेल में बंद बेटे भूरा से मिलाई तथा तारीख करने के लिए दीवानी आई थी। उसके साथ उसका बेटा सुरेश तथा दामाद पप्पू भी था। तारीख के बाद वह एक ही मोटरसाइकिल से गांव दलौता वापस लौट रहे थे। दोपहर में लगभग दो बजे एनएच-२ पर पुष्पा फार्म हाउस के पास मोटरसाइकिल पर गांव के ही रन्नो उर्फ रनवीर पुत्र गिर्राज ठाकुर, नारायन सिंह पुत्र पंती, हाकिम पुत्र गिर्राज सिंह आए। उसके बेटे पर जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं। जो उसके बेटे सुरेश को लगी। कुछ छर्रे दामाद पप्पू तथा मां त्रिवेनी को भी लगे। घायल सुरेश को लेकर वह किसी तरह माहेश्वरी हॉस्पिटल ले गए। जहां घायल सुरेश की मौत हो गई। त्रिवेनी ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
केस की सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अवनीश उपाध्याय और शैलेंद्र गौतम ने अदालत में सात लोगों की गवाही कराई। शासकीय अधिवक्तागण ने बताया कि अदालत ने तीनों अभियुक्त को शुक्रवार को दोष सिद्ध किया है। उन्होंने बताया कि दोष सिद्ध करने के बाद रन्नो और नारायण को जेल भेज दिया। हाकिम पहले से जेल में बंद था। अदालत द्वारा सजा पर सोमवार को निर्णय दिया जाएगा।
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२९ वर्ष बाद गैंगस्टर एक्ट में दो वर्ष का कारावास
२९ वर्ष बाद गैंगस्टर कोर्ट ने अभियुक्त को दो वर्ष की सजा सुनाई है। गैंगस्टर एक्ट के अभियुक्त घूरे पूत्र मुंशी निवासी मानागढ़ी नौहझील मथुरा पर लूट और फिरौती जैसी वारदातों में गैंग बनाकर वारदात करने का आरोप था।
शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र गौतम और अवनीश उपाध्याय ने बताया कि अभियुक्त घूरे पर लूट, फिरौती और जानलेवा हमले के मामले थे। गैंगस्टर कोर्ट में विगत काफी दिनों से सुनवाई चल रही थी। शनिवार को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट कमलेश कुमार ने अभियुक्त को दो वर्ष के कारावास की सजा तथा पांच हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है। संवाद
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१० मार्च २०१२ को रिफाइनरी क्षेत्र के गांव भुडरसू निवासी त्रिवेनी जेल में बंद बेटे भूरा से मिलाई तथा तारीख करने के लिए दीवानी आई थी। उसके साथ उसका बेटा सुरेश तथा दामाद पप्पू भी था। तारीख के बाद वह एक ही मोटरसाइकिल से गांव दलौता वापस लौट रहे थे। दोपहर में लगभग दो बजे एनएच-२ पर पुष्पा फार्म हाउस के पास मोटरसाइकिल पर गांव के ही रन्नो उर्फ रनवीर पुत्र गिर्राज ठाकुर, नारायन सिंह पुत्र पंती, हाकिम पुत्र गिर्राज सिंह आए। उसके बेटे पर जान से मारने की नीयत से गोलियां चलाईं। जो उसके बेटे सुरेश को लगी। कुछ छर्रे दामाद पप्पू तथा मां त्रिवेनी को भी लगे। घायल सुरेश को लेकर वह किसी तरह माहेश्वरी हॉस्पिटल ले गए। जहां घायल सुरेश की मौत हो गई। त्रिवेनी ने तीनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
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केस की सुनवाई के दौरान शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अवनीश उपाध्याय और शैलेंद्र गौतम ने अदालत में सात लोगों की गवाही कराई। शासकीय अधिवक्तागण ने बताया कि अदालत ने तीनों अभियुक्त को शुक्रवार को दोष सिद्ध किया है। उन्होंने बताया कि दोष सिद्ध करने के बाद रन्नो और नारायण को जेल भेज दिया। हाकिम पहले से जेल में बंद था। अदालत द्वारा सजा पर सोमवार को निर्णय दिया जाएगा।
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२९ वर्ष बाद गैंगस्टर एक्ट में दो वर्ष का कारावास
२९ वर्ष बाद गैंगस्टर कोर्ट ने अभियुक्त को दो वर्ष की सजा सुनाई है। गैंगस्टर एक्ट के अभियुक्त घूरे पूत्र मुंशी निवासी मानागढ़ी नौहझील मथुरा पर लूट और फिरौती जैसी वारदातों में गैंग बनाकर वारदात करने का आरोप था।
शासकीय अधिवक्ता शैलेंद्र गौतम और अवनीश उपाध्याय ने बताया कि अभियुक्त घूरे पर लूट, फिरौती और जानलेवा हमले के मामले थे। गैंगस्टर कोर्ट में विगत काफी दिनों से सुनवाई चल रही थी। शनिवार को विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर कोर्ट कमलेश कुमार ने अभियुक्त को दो वर्ष के कारावास की सजा तथा पांच हजार रुपये के अर्थदंड लगाया है। संवाद