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मथुरा: दिन भर जाम रहीं तीर्थ नगरी वृंदावन की सड़कें
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वृंदावन में जाम में फंसे वाहन।
- फोटो : VRINDAVAN
वृंदावन (मथुरा)। रविवार को पूर्णिमा का होना शहर के लिए भारी पड़ गया। वृंदावन की सड़कें दिन भर जाम रहीं। हालात ऐसे थे कि मुख्य सड़कों के साथ-साथ वृंदावन की कुंज गलियां भी जाम के नाम रहीं। पैदल चलना भी दूभर हो गया। इसका एक कारण वीआईपी मूवमेंट भी रहा।
दिनभर सड़कों पर जाम के हालात रहे। वाहन सड़कों पर ऐसे फंसे कि लंबी-लंबी कतार लग गईं। सुबह से लेकर शाम तक सड़कें जाम रहीं। जाम से निजात दिलाने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन इससे भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा। पूर्णिमा होने के कारण हजारों श्रद्धालु वृंदावन ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे। इस कारण हजारों गाड़ियों वृंदावन में प्रवेश कर गईं।
वृंदावन के मथुरा मार्ग, छटीकरा मार्ग, प्रेम मंदिर, विद्यापीठ, अटल्ला चुंगी पर हालात बहुत बदतर थे। यहां वाहनों की लाइन लगी रही। इधर, मथुरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का असर भी वृंदावन में रहा। मुख्यमंत्री के वृंदावन पवनहंस हैलीपैड पर उतरने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से मथुरा-वृंदावन मार्ग को कई बार रोका गया। यहां से वाहनों को छटीकरा डायवर्ट किया गया। ये भी जाम की समस्या का बड़ा कारण रहा।
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एसपी सिटी एमपी सिंह ने बताया कि सीएम के आगमन को लेकर डायवर्जन किया गया था। कुछ समय के लिए सीएम के आने-जाने पर रास्ता रोका भी गया था। कुछ रास्तों पर वाहनों का अधिक दबाव रहा। साथ ही रविवार होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ भी अन्य दिनों की अपेक्षा वृंदावन में अधिक रही।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
पूर्णिमा के अवसर पर अपने आराध्य के दर्शन की अभिलाष से हजारों भक्त श्रीबांकेबिहारी की शरण में पहुंचे। मंदिर में दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। भीड़ के दबाव के चलते सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं।
भक्तों की भीड़ बिना किसी रोक टोक के मंदिर में प्रवेश कर रही थी। मंदिर में कोविड नियमों का भी पालन होता नहीं दिखाई दिया। सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं। कुछ लोगों को छोड़कर अधिकांश लोगों ने मास्क भी नहीं लगाया।
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दिनभर सड़कों पर जाम के हालात रहे। वाहन सड़कों पर ऐसे फंसे कि लंबी-लंबी कतार लग गईं। सुबह से लेकर शाम तक सड़कें जाम रहीं। जाम से निजात दिलाने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन इससे भी कोई प्रभाव नहीं पड़ा। पूर्णिमा होने के कारण हजारों श्रद्धालु वृंदावन ठाकुर श्रीबांकेबिहारी मंदिर सहित अन्य प्रमुख मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचे। इस कारण हजारों गाड़ियों वृंदावन में प्रवेश कर गईं।
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वृंदावन के मथुरा मार्ग, छटीकरा मार्ग, प्रेम मंदिर, विद्यापीठ, अटल्ला चुंगी पर हालात बहुत बदतर थे। यहां वाहनों की लाइन लगी रही। इधर, मथुरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का असर भी वृंदावन में रहा। मुख्यमंत्री के वृंदावन पवनहंस हैलीपैड पर उतरने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से मथुरा-वृंदावन मार्ग को कई बार रोका गया। यहां से वाहनों को छटीकरा डायवर्ट किया गया। ये भी जाम की समस्या का बड़ा कारण रहा।
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एसपी सिटी एमपी सिंह ने बताया कि सीएम के आगमन को लेकर डायवर्जन किया गया था। कुछ समय के लिए सीएम के आने-जाने पर रास्ता रोका भी गया था। कुछ रास्तों पर वाहनों का अधिक दबाव रहा। साथ ही रविवार होने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ भी अन्य दिनों की अपेक्षा वृंदावन में अधिक रही।
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में उमड़ा जनसैलाब
पूर्णिमा के अवसर पर अपने आराध्य के दर्शन की अभिलाष से हजारों भक्त श्रीबांकेबिहारी की शरण में पहुंचे। मंदिर में दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा। मंदिर में पैर रखने तक की जगह नहीं थी। भीड़ के दबाव के चलते सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं।
भक्तों की भीड़ बिना किसी रोक टोक के मंदिर में प्रवेश कर रही थी। मंदिर में कोविड नियमों का भी पालन होता नहीं दिखाई दिया। सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ गईं। कुछ लोगों को छोड़कर अधिकांश लोगों ने मास्क भी नहीं लगाया।