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मथुरा: बजने लगी शहनाई, गूंज उठे तराने
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पूजा के लिए परिक्रमा में गन्ना लेकर जातीं युवती।
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मथुरा। देवोत्थान एकादशी के साथ ही शहनाई बजने लगी हैं। रविवार को मोहल्ले और गलियों में शादी के तराने गूंज उठे। मैरिज होम और होटलों से जुडे़ मुख्य मार्गों पर बरातों की चकाचौंध रही। बैंडबाजों के साथ झिलमिलाती लाइटें घोड़ी पर सवार दूल्हे की महफिल का आकर्षण बढ़ाती नजर आईं। एकादशी की पहली सहालग पर महानगर में 500 से ज्यादा स्थानों पर शादी समारोह की धूम रही।
पंडित अजय तैलंग ने बताया कि चार माह की खामोशी के बाद रविवार को देवोत्थान एकादशी से मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो गए। पहले दिन ही शहर में शादियों की धूम रही। गली और मोहल्लों में शादी समारोह की रंगत नजर आई। घर आंगन से लेकर आयोजन स्थल पर शादी की खुशी का यह माहौल देखने को मिला।
शाम होते ही शहनाई बजने लगी। मुख्य मार्गों की तो रंगत ही बदल गई। बरात में घोड़ी पर सवार दूल्हे के साथ बैंडबाजों की धुन पर बराती नाचते गाते और झूमते दिखाई दिए। शहर में कृष्णा नगर क्षेत्र हो या फिर होलीगेट क्षेत्र बरात चढ़ाई की रौनक सड़कों पर रही। खासकर मसानी से गोकुल रेस्टोरेंट तक के मार्ग में एक साथ अनेक बरात चढ़ाई ने पूरे क्षेत्र का ही माहौल बदल दिया। यही स्थिति धोलीप्याऊ, सदर, लक्ष्मीनगर, सिविल लाइन, गोविंद नगर, महोली रोड, कृष्णापुरी सहित बाहरी कॉलोनियों के साथ शहर की घनी और पुरानी आबादी में दिखाई दी।
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शहर के सभी रास्ते हुए जाम, वाहन फंसे
देवोत्थान एकादशी की पहली सहालग के चलते शहर के सभी रास्ते जाम हो गए। सूरज छिपते ही शादियों में बैंडबाजों की धुन के साथ आतिशबाजी की आवाज सुनाई देने लगीं। सड़कों पर बरात चढ़ाई से यातायात अवरुद्ध हो गया। इससे सड़कों पर वाहन रेंगते हुए निकले।
शहर में जाम की स्थिति ने सबसे ज्यादा प्रभावित नए बस स्टैंड क्षेत्र को किया। यहां दिन भर जाम लगा रहा। यातायात पुलिस कर्मी इससे निपटने में ही जूझती रही। शाम को इससे भी बुरा हाल सरस्वती कुंड से गोकुल रेस्टोरेंट तक हो गया। यहां सर्वाधिक मैरिज होम होने के कारण सड़क किनारे वाहन की पार्किंग और बरात चढ़ाई के चलते सड़कों पर जाम लग गया। यह स्थिति देर रात तक बनी रही। होलीगेट, छत्ताबाजार, कृष्णा नगर सहित सभी प्रमुख बाजारों में भी भीड़ का दबाव बना। संवाद
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पंडित अजय तैलंग ने बताया कि चार माह की खामोशी के बाद रविवार को देवोत्थान एकादशी से मांगलिक कार्यक्रम शुरू हो गए। पहले दिन ही शहर में शादियों की धूम रही। गली और मोहल्लों में शादी समारोह की रंगत नजर आई। घर आंगन से लेकर आयोजन स्थल पर शादी की खुशी का यह माहौल देखने को मिला।
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शाम होते ही शहनाई बजने लगी। मुख्य मार्गों की तो रंगत ही बदल गई। बरात में घोड़ी पर सवार दूल्हे के साथ बैंडबाजों की धुन पर बराती नाचते गाते और झूमते दिखाई दिए। शहर में कृष्णा नगर क्षेत्र हो या फिर होलीगेट क्षेत्र बरात चढ़ाई की रौनक सड़कों पर रही। खासकर मसानी से गोकुल रेस्टोरेंट तक के मार्ग में एक साथ अनेक बरात चढ़ाई ने पूरे क्षेत्र का ही माहौल बदल दिया। यही स्थिति धोलीप्याऊ, सदर, लक्ष्मीनगर, सिविल लाइन, गोविंद नगर, महोली रोड, कृष्णापुरी सहित बाहरी कॉलोनियों के साथ शहर की घनी और पुरानी आबादी में दिखाई दी।
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शहर के सभी रास्ते हुए जाम, वाहन फंसे
देवोत्थान एकादशी की पहली सहालग के चलते शहर के सभी रास्ते जाम हो गए। सूरज छिपते ही शादियों में बैंडबाजों की धुन के साथ आतिशबाजी की आवाज सुनाई देने लगीं। सड़कों पर बरात चढ़ाई से यातायात अवरुद्ध हो गया। इससे सड़कों पर वाहन रेंगते हुए निकले।
शहर में जाम की स्थिति ने सबसे ज्यादा प्रभावित नए बस स्टैंड क्षेत्र को किया। यहां दिन भर जाम लगा रहा। यातायात पुलिस कर्मी इससे निपटने में ही जूझती रही। शाम को इससे भी बुरा हाल सरस्वती कुंड से गोकुल रेस्टोरेंट तक हो गया। यहां सर्वाधिक मैरिज होम होने के कारण सड़क किनारे वाहन की पार्किंग और बरात चढ़ाई के चलते सड़कों पर जाम लग गया। यह स्थिति देर रात तक बनी रही। होलीगेट, छत्ताबाजार, कृष्णा नगर सहित सभी प्रमुख बाजारों में भी भीड़ का दबाव बना। संवाद