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मथुरा: सुबह चरण और शाम को सर्वांग दर्शन देंगे ठाकुर श्रीबांकेबिहारी
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मथुरा। फूलबंगले के बीच विराजे श्रीबांकेबिहारी के दर्शन के लिए श्रद्धलुओं की भीड़।
वृंदावन (मथुरा)। अक्षय तृतीय पर्व पर मंगलवार को जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज भक्तों को सुबह पीत वस्त्र धारण कर चरण दर्शन और सायंकालीन बेला में सर्वांग दर्शन देंगे।
सेवायत ठाकुरजी को गर्मी से बचाव के लिए चंदन को गुलाब जल, इत्र, केसर का मिश्रण कर ठाकुरजी के शरीर पर लेपन करेंगे। वहीं ठाकुरजी को सत्तू के लड्डू और शर्बत निवेदित किए जाएंगे। इसके साथ ही ठाकुरजी के श्री चरणों में सोने-चांदी की पायजेब धारण कराई जाएंगी। वर्ष भर में एक बार होने वाले इस अद्भुत दर्शन के लिए मंदिर के सेवायतों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
मंदिर में सुरक्षा के दृष्टिगत अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी बुलाए गए हैं। मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के मंगलवार को अक्षय तृतीया पर सुबह लगभग ७:४५ बजे ठाकुरजी के पट खुलेंगे और भक्तों को अपने आराध्य के विशेष दर्शन करने का पुण्य लाभ मिलेगा।
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वहीं शाम को लगभग ५:३० बजे दर्शन खुलेंगे। इधर, वृंदावन के राधा दामोदर मंदिर, राधारमण, राधा गोपीनासथ, राधा गोकुलानंद, राधा मदनमोहन, राधा गोविंद देव, राधा श्याम सुंदर मंदिर सहित प्राचीन मंदिरों में ठाकुरजी अपने भक्तों को सर्वांग चंदन दर्शन देंगे। अक्षय तृतीया से धर्म नगरी के सभी प्रमुख मंदिरों में फूलबंगले बनने प्रारंभ हो जाएंगे।
मंदिर में बिना मास्क के प्रवेश नहीं
अक्षय तृतीया पर होने वाले ठाकुर बांकेबिहारी के चरण और सर्वांग दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को कोविड नियमों का पालन करना होगा। मंदिर में बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दिल्ली एनसीआर के साथ साथ मथुरा-वृंदावन में लगातार बढ़ रहे कोरोना के पॉजिटिव केस को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने लिया है।
मंदिर प्रबंधन ने मंदिर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं से खुद शारीरिक दूरी व कोविड के प्रोटोकाल का पालन करने की अपील की है।
दर्शन की होगी वनवे व्यवस्था
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए वनवे व्यवस्था की गई है। मंदिर में श्रद्धालुओं को गेट संख्या 2 व 3 से प्रवेश दिया जाएगा। गेट संख्या चार से श्रद्धालु बाहर निकलेंगे।
आपातकाल व्यवस्था के लिए गेट संख्या एक का उपयोग किया जाएगा। वहीं श्रद्धालुओं को गलियों में भी वनवे रूट से ही मंदिर आने दिया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को विद्यापीठ चौराहा से मंदिर को आने वाले मार्ग, किशोर पुरा तिराहा से गौतम पाड़ा एवं जुगल घाट, फलाहरी बाबा वाली गली से होते हुए मंदिर में पहुंचने वाले मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा।
मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपने जूता, चप्पल मंदिर के बाहर निर्धारित प्रवेश गलियों की शुरुआत में बनाए गए जूताघर पार्किंग अथवा गाड़ी पर ही उतारकर आने की अपील की है। वहीं मंदिर प्रबंधन ने बीमार, बुजुर्ग और बच्चों को न आने की अपील की है।
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सेवायत ठाकुरजी को गर्मी से बचाव के लिए चंदन को गुलाब जल, इत्र, केसर का मिश्रण कर ठाकुरजी के शरीर पर लेपन करेंगे। वहीं ठाकुरजी को सत्तू के लड्डू और शर्बत निवेदित किए जाएंगे। इसके साथ ही ठाकुरजी के श्री चरणों में सोने-चांदी की पायजेब धारण कराई जाएंगी। वर्ष भर में एक बार होने वाले इस अद्भुत दर्शन के लिए मंदिर के सेवायतों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं।
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मंदिर में सुरक्षा के दृष्टिगत अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी बुलाए गए हैं। मंदिर के प्रबंधक मुनीष शर्मा ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर के मंगलवार को अक्षय तृतीया पर सुबह लगभग ७:४५ बजे ठाकुरजी के पट खुलेंगे और भक्तों को अपने आराध्य के विशेष दर्शन करने का पुण्य लाभ मिलेगा।
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वहीं शाम को लगभग ५:३० बजे दर्शन खुलेंगे। इधर, वृंदावन के राधा दामोदर मंदिर, राधारमण, राधा गोपीनासथ, राधा गोकुलानंद, राधा मदनमोहन, राधा गोविंद देव, राधा श्याम सुंदर मंदिर सहित प्राचीन मंदिरों में ठाकुरजी अपने भक्तों को सर्वांग चंदन दर्शन देंगे। अक्षय तृतीया से धर्म नगरी के सभी प्रमुख मंदिरों में फूलबंगले बनने प्रारंभ हो जाएंगे।
मंदिर में बिना मास्क के प्रवेश नहीं
अक्षय तृतीया पर होने वाले ठाकुर बांकेबिहारी के चरण और सर्वांग दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को कोविड नियमों का पालन करना होगा। मंदिर में बिना मास्क के प्रवेश नहीं दिया जाएगा। दिल्ली एनसीआर के साथ साथ मथुरा-वृंदावन में लगातार बढ़ रहे कोरोना के पॉजिटिव केस को देखते हुए मंदिर प्रबंधन ने लिया है।
मंदिर प्रबंधन ने मंदिर दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं से खुद शारीरिक दूरी व कोविड के प्रोटोकाल का पालन करने की अपील की है।
दर्शन की होगी वनवे व्यवस्था
श्रीबांकेबिहारी मंदिर में दर्शन के लिए वनवे व्यवस्था की गई है। मंदिर में श्रद्धालुओं को गेट संख्या 2 व 3 से प्रवेश दिया जाएगा। गेट संख्या चार से श्रद्धालु बाहर निकलेंगे।
आपातकाल व्यवस्था के लिए गेट संख्या एक का उपयोग किया जाएगा। वहीं श्रद्धालुओं को गलियों में भी वनवे रूट से ही मंदिर आने दिया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को विद्यापीठ चौराहा से मंदिर को आने वाले मार्ग, किशोर पुरा तिराहा से गौतम पाड़ा एवं जुगल घाट, फलाहरी बाबा वाली गली से होते हुए मंदिर में पहुंचने वाले मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा।
मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से अपने जूता, चप्पल मंदिर के बाहर निर्धारित प्रवेश गलियों की शुरुआत में बनाए गए जूताघर पार्किंग अथवा गाड़ी पर ही उतारकर आने की अपील की है। वहीं मंदिर प्रबंधन ने बीमार, बुजुर्ग और बच्चों को न आने की अपील की है।