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मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट ने देरी से दाखिल किए कोर्ट में कागजात : रंजना
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मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान व ट्रस्ट के अधिवक्ताओं द्वारा अदालत मेें नगर निगम तथा रेवेन्यू रिकॉर्ड से संबंधित कागजात तीन दिन पूर्व सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दाखिल किए हैं।
सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने कहा कि दाखिल किए गए कागजात देरी से कोर्ट के समक्ष लाए गए हैं, जबकि स्वयं वादी ने इन कागजातों को आधार बनाया है।
अदालत के समक्ष १३.३७ एकड़ जमीन पर दावा पेश करने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि वह इन कागजातों को अपने केस में पहले ही दाखिल कर चुकी हैं। जब उनके केस की सुनवाई शुरू होती तो यह कागजात अपने आप सामने आते।
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नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि यदि श्रीकृष्ण जन्मस्थान द्वारा पहले से ही पूरे मामले को गंभीरता से लिया होता तो वह आज प्रतिवादी की जगह वादी होते। उनके द्वारा अदालत मेें दाखिल किए गए कागजात अदालत में दाखिल गए गए दावे के साथ मौजूद हैं। कागजात दाखिल कर ट्रस्ट और संस्थान ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट ने यदि पहले से ठाकुरजी का हित देखा होता यह जमीन आज ईदगाह के पास नहीं होती। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह कागजात उनके पास पहले से ही मौजूद हैं परंतु ट्रस्ट द्वारा नगर निगम और रेवेन्यू रिकॉर्ड दाखिल किए जाने से केस को और बल मिलेगा।
अखिल भारत हिंदू महासभा के कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि यह तो हम पहले से ही बता रहे हैं कि यह जमीन हमारी है लेकिन ट्रस्ट द्वारा कागजात दाखिल करना सकारात्मक है। वहीं केस के प्रतिवादीगण शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि यह बहुत गंभीर मामला है कि केस के प्रतिवादीगण वादी की भूमिका निभा रहे हैं। यह एडवोकेट एक्ट के खिलाफ भी है। उनके कागजात देखने के बाद ही पता लगेगा कि उन्होंने क्या कागज दाखिल किए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने कहा कि दाखिल किए गए कागजात देरी से कोर्ट के समक्ष लाए गए हैं, जबकि स्वयं वादी ने इन कागजातों को आधार बनाया है।
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अदालत के समक्ष १३.३७ एकड़ जमीन पर दावा पेश करने वाली सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि वह इन कागजातों को अपने केस में पहले ही दाखिल कर चुकी हैं। जब उनके केस की सुनवाई शुरू होती तो यह कागजात अपने आप सामने आते।
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नारायणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनीष यादव ने बताया कि यदि श्रीकृष्ण जन्मस्थान द्वारा पहले से ही पूरे मामले को गंभीरता से लिया होता तो वह आज प्रतिवादी की जगह वादी होते। उनके द्वारा अदालत मेें दाखिल किए गए कागजात अदालत में दाखिल गए गए दावे के साथ मौजूद हैं। कागजात दाखिल कर ट्रस्ट और संस्थान ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
अधिवक्ता राजेंद्र माहेश्वरी ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट ने यदि पहले से ठाकुरजी का हित देखा होता यह जमीन आज ईदगाह के पास नहीं होती। अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि यह कागजात उनके पास पहले से ही मौजूद हैं परंतु ट्रस्ट द्वारा नगर निगम और रेवेन्यू रिकॉर्ड दाखिल किए जाने से केस को और बल मिलेगा।
अखिल भारत हिंदू महासभा के कोषाध्यक्ष दिनेश शर्मा ने बताया कि यह तो हम पहले से ही बता रहे हैं कि यह जमीन हमारी है लेकिन ट्रस्ट द्वारा कागजात दाखिल करना सकारात्मक है। वहीं केस के प्रतिवादीगण शाही ईदगाह के सचिव एडवोकेट तनवीर अहमद ने बताया कि यह बहुत गंभीर मामला है कि केस के प्रतिवादीगण वादी की भूमिका निभा रहे हैं। यह एडवोकेट एक्ट के खिलाफ भी है। उनके कागजात देखने के बाद ही पता लगेगा कि उन्होंने क्या कागज दाखिल किए हैं।