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मथुरा: शंकराचार्य की भारत यात्रा : नर्मदा परिक्रमा पूर्ण कर गोवर्धन पहुंचे जगद्गुरु अधोक्षजानंद
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गोवर्धन स्थित आद्य शंकराचार्य आश्रम में जगद्गुरु अधोक्षजानंद के साथ मौजूद रामशंकर कठेरिया व अन?
- फोटो : MATHURA
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गोवर्धन (मथुरा)। भारत यात्रा के तहत नर्मदा परिक्रमा पूर्ण करने के बाद पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थ महाराज जतीपुरा रोड स्थित आद्य शंकराचार्य आश्रम पहुंचे। सांसद व पूर्व मंत्री प्रो. राम शंकर कठेरिया सहित कई लोगों ने उनका गोवर्धन पहुंचने पर भव्य स्वागत किया।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थमहाराज गोवर्धन स्थित आश्रम में होली के अवसर पर पहुंचे। आश्रम के अंदर रंगोत्सव का धूमधाम से मनाया गया। इसके बाद दुनिया में शांति और सद्भाव के लिए विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। सांसद प्रो. कठेरिया तथा असम के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जयंत मल्ल बरुआ भी सपत्नीक उपस्थित रहे। इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू कश्मीर एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
गोवर्धन स्थित आश्रम में कुछ दिन और प्रवास करने के बाद जगद्गुरु शंकराचार्य भारत यात्रा के अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान करेंगे। पुष्कर में दर्शन पूजन के बाद उन्होंने अपनी भारत यात्रा प्रारंभ की थी। वहां से साधु-संतों और विद्वानों की टोली के साथ जगद्गुरु शंकराचार्य ने गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत पहुंचकर प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव, त्रयंबकेश्वर, भीमाशंकर, घृष्णेश्वर, ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर, परली बैजनाथ, श्रीशैलम, रामेश्वरम और प्रसिद्ध शक्ति पीठ कामाख्या सहित विभिन्न देवालयों में दर्शन और पूजन किया।
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यात्रा के दूसरे चरण में साधु-संतों और विद्वानों की टोली के साथ शंकराचार्य देव तीर्थ दस दिवसीय प्रवास पर पूर्वोत्तर भारत में रहे। वहां उन्होंने मां कामाख्या समेत विभिन्न देवालयों में जाकर दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वाराणसी में काशी विश्वनाथ एवं शक्तिपीठ विशालाक्षी देवी का दर्शन व पूजन कर 13 से 15 फरवरी के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य बिहार व झारखंड के तीन दिवसीय प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने बाबा बैजनाथ धाम समेत कई देवालयों और शिवालयों में दर्शन और पूजन किया।
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जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद देव तीर्थमहाराज गोवर्धन स्थित आश्रम में होली के अवसर पर पहुंचे। आश्रम के अंदर रंगोत्सव का धूमधाम से मनाया गया। इसके बाद दुनिया में शांति और सद्भाव के लिए विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। सांसद प्रो. कठेरिया तथा असम के मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार जयंत मल्ल बरुआ भी सपत्नीक उपस्थित रहे। इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू कश्मीर एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
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गोवर्धन स्थित आश्रम में कुछ दिन और प्रवास करने के बाद जगद्गुरु शंकराचार्य भारत यात्रा के अगले पड़ाव के लिए प्रस्थान करेंगे। पुष्कर में दर्शन पूजन के बाद उन्होंने अपनी भारत यात्रा प्रारंभ की थी। वहां से साधु-संतों और विद्वानों की टोली के साथ जगद्गुरु शंकराचार्य ने गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत पहुंचकर प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ महादेव, त्रयंबकेश्वर, भीमाशंकर, घृष्णेश्वर, ओंकारेश्वर, महाकालेश्वर, परली बैजनाथ, श्रीशैलम, रामेश्वरम और प्रसिद्ध शक्ति पीठ कामाख्या सहित विभिन्न देवालयों में दर्शन और पूजन किया।
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यात्रा के दूसरे चरण में साधु-संतों और विद्वानों की टोली के साथ शंकराचार्य देव तीर्थ दस दिवसीय प्रवास पर पूर्वोत्तर भारत में रहे। वहां उन्होंने मां कामाख्या समेत विभिन्न देवालयों में जाकर दर्शन-पूजन किया। इसके बाद वाराणसी में काशी विश्वनाथ एवं शक्तिपीठ विशालाक्षी देवी का दर्शन व पूजन कर 13 से 15 फरवरी के बीच जगद्गुरु शंकराचार्य बिहार व झारखंड के तीन दिवसीय प्रवास पर रहे। इस दौरान उन्होंने बाबा बैजनाथ धाम समेत कई देवालयों और शिवालयों में दर्शन और पूजन किया।