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मथुरा: छेड़छाड़ में दोषी पाए जाने पर सात वर्ष की सजा
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मथुरा। वर्ष २०१६ के छेड़छाड़ की घटना के मामले में अदालत ने अभियुक्त को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। निर्णय के बाद अदालत ने अभियुक्त को जेल भेजा है।
मामला १६ दिसंबर २०१६ में थाना बरसाना क्षेत्र कहा है। इस क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले पीड़िता के पिता ने थाना बरसाना में रिपोर्ट में बताया कि उसका पड़ोसी जगवीर उसकी साढ़े तीन वर्ष की पुत्री को बुरा काम करने की नीयत से अपने घर ले गया। जहां पर पुत्री के रोने चीखने की आवाज सुनकर मां व अन्य दो लोग आ गए। जब पीड़िता से मां ने पूछा तब उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी।
थाना बरसाना में वारदात की एफआईआर आईपीसी की धारा ३७६,५११ में मामला दर्ज हुआ। केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट-2 पूनम पाठक की अदालत में हुई। अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया और सात वर्ष के कठोर कारावास तथा ३० हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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एडीजीसी क्रिमनल सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि अभियुक्त जमानत पर था। निर्णय के बाद अदालत ने उसे जेल भेजा है। इससे पूर्व जेल में बिताई गई अवधि में सजा में समाहित होगी।
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मामला १६ दिसंबर २०१६ में थाना बरसाना क्षेत्र कहा है। इस क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले पीड़िता के पिता ने थाना बरसाना में रिपोर्ट में बताया कि उसका पड़ोसी जगवीर उसकी साढ़े तीन वर्ष की पुत्री को बुरा काम करने की नीयत से अपने घर ले गया। जहां पर पुत्री के रोने चीखने की आवाज सुनकर मां व अन्य दो लोग आ गए। जब पीड़िता से मां ने पूछा तब उसने अपने साथ हुई घटना की जानकारी दी।
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थाना बरसाना में वारदात की एफआईआर आईपीसी की धारा ३७६,५११ में मामला दर्ज हुआ। केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट-2 पूनम पाठक की अदालत में हुई। अदालत ने अभियुक्त को दोषी करार दिया और सात वर्ष के कठोर कारावास तथा ३० हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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एडीजीसी क्रिमनल सुभाष चतुर्वेदी ने बताया कि अभियुक्त जमानत पर था। निर्णय के बाद अदालत ने उसे जेल भेजा है। इससे पूर्व जेल में बिताई गई अवधि में सजा में समाहित होगी।