{"_id":"62e3de134e82143dab5cf9d7","slug":"mathura-people-s-adorable-banke-bihari-will-wear-green-dress-mathura-news-mtr5215449137","type":"story","status":"publish","title_hn":"मथुरा: हरे रंग की पोशाक धारण करेंगे जन जन के आराध्य बांकेबिहारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मथुरा: हरे रंग की पोशाक धारण करेंगे जन जन के आराध्य बांकेबिहारी
विज्ञापन
वृंदावन (मथुरा)। हरियाली तीज 31 जुलाई को जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी महाराज हरे रंग की पोशाक धारण कर अपने स्वर्ण हिंडोले में विराजेंगे।
मंदिर के सेवायत प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि हरियाली तीज पर ठाकुरजी को घेवर फैनी का विशेष भोग निवेदित किया जाता है। साथ ही राधारानी के समक्ष शृंगार की पिटारी रखी जाती है। इस सुहाग पिटारी में सोने की नथ अवश्य ही रखी जाती है तभी शृंगार पूर्ण माना जाता है।
उन्होंने बताया कि ठाकुरजी को धारण कराई जाने वाली पोशाक कुशल कारीगरों से बनवाई गई है। इस पोशाक में जरी, गोटा, सोने-चांदी का जड़ाव के साथ नगों को भी लगाया गया है। वहीं ठाकुरजी को पूर्ण स्वर्ण आभूषण धारण कराए जाएंगे।
इस दिन ठाकुर बांकेबिहारी जी को विशेष रूप से हरी पोशाक धारण कराकर स्वर्ण एवं मोतियों से अलंकृत जेवरात धारण कराए जाते हैं एवं विशेष रूप से तैयार किए गए इत्र से मालिश कर विभिन्न प्रकार के सुगंधित पेय पदार्थ एवं व्यंजन भोग लगाए जाते हैं। इधर, ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हिंडोला सजाने की तैयारियां शुरू कर दीं गईं हैं।
विज्ञापन
12 घंटे स्वर्ण हिंडोले में विराजकर भक्तों को दर्शन देंगे ठाकुरजी
जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी जी महाराज को हरियाली तीज के पर्व पर विश्व प्रसिद्ध स्वर्ण जड़ित हिंडोले में दर्शन देंगे।
बांकेबिहारी महाराज 12 घंटे हिंडोले में विराजेंगे, जिसमें सवा 6 घंटे सुबह राजभोग सेवा में और 6 घंटे शयनभोग सेवा के दर्शनों का समय होगा। इस उत्सव प्रात: 6 बजे सेवायत मंदिर में प्रवेश करेंगे, 7:45 बजे हिंडोले में शृंगार के दर्शन, 7:55 बजे शृंगार आरती, प्रात: 8 बजे राजभोग सेवा, 1:55 बजे राजभोग आरती, 2 बजे दर्शन बंद, 3 बजे सेवायत मंदिर गर्भगृह से बाहर आ जाएंगे, सायं 4 बजे पुन: सेवायत मंदिर में प्रवेश करेंगे, 5 बजे सायंकालीन दर्शन, रात्रि 10:55 बजे शयन आरती, 11 बजे दर्शन बंद होंगे। रात 12 बजे सेवायत निज मंदिर से बाहर आएंगे।
विज्ञापन
मंदिर के सेवायत प्रह्लाद वल्लभ गोस्वामी ने बताया कि हरियाली तीज पर ठाकुरजी को घेवर फैनी का विशेष भोग निवेदित किया जाता है। साथ ही राधारानी के समक्ष शृंगार की पिटारी रखी जाती है। इस सुहाग पिटारी में सोने की नथ अवश्य ही रखी जाती है तभी शृंगार पूर्ण माना जाता है।
उन्होंने बताया कि ठाकुरजी को धारण कराई जाने वाली पोशाक कुशल कारीगरों से बनवाई गई है। इस पोशाक में जरी, गोटा, सोने-चांदी का जड़ाव के साथ नगों को भी लगाया गया है। वहीं ठाकुरजी को पूर्ण स्वर्ण आभूषण धारण कराए जाएंगे।
विज्ञापन
इस दिन ठाकुर बांकेबिहारी जी को विशेष रूप से हरी पोशाक धारण कराकर स्वर्ण एवं मोतियों से अलंकृत जेवरात धारण कराए जाते हैं एवं विशेष रूप से तैयार किए गए इत्र से मालिश कर विभिन्न प्रकार के सुगंधित पेय पदार्थ एवं व्यंजन भोग लगाए जाते हैं। इधर, ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में हिंडोला सजाने की तैयारियां शुरू कर दीं गईं हैं।
विज्ञापन
12 घंटे स्वर्ण हिंडोले में विराजकर भक्तों को दर्शन देंगे ठाकुरजी
जन-जन के आराध्य ठाकुर श्रीबांकेबिहारी जी महाराज को हरियाली तीज के पर्व पर विश्व प्रसिद्ध स्वर्ण जड़ित हिंडोले में दर्शन देंगे।
बांकेबिहारी महाराज 12 घंटे हिंडोले में विराजेंगे, जिसमें सवा 6 घंटे सुबह राजभोग सेवा में और 6 घंटे शयनभोग सेवा के दर्शनों का समय होगा। इस उत्सव प्रात: 6 बजे सेवायत मंदिर में प्रवेश करेंगे, 7:45 बजे हिंडोले में शृंगार के दर्शन, 7:55 बजे शृंगार आरती, प्रात: 8 बजे राजभोग सेवा, 1:55 बजे राजभोग आरती, 2 बजे दर्शन बंद, 3 बजे सेवायत मंदिर गर्भगृह से बाहर आ जाएंगे, सायं 4 बजे पुन: सेवायत मंदिर में प्रवेश करेंगे, 5 बजे सायंकालीन दर्शन, रात्रि 10:55 बजे शयन आरती, 11 बजे दर्शन बंद होंगे। रात 12 बजे सेवायत निज मंदिर से बाहर आएंगे।