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मथुरा: 71 आईटीआई शिक्षण संस्थाओं से 22.98 करोड़ रुपये की वसूली के लिए नोटिस
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मथुरा। मान्यता, सीट और फर्जी कागजात के आधार पर छात्रवृत्ति का गोरखधंधा करने वाली 71 प्राइवेट आईटीआई शिक्षण संस्थाओं को अब वह धनराशि सरकार को वापस देनी होगी, जो उन्होंने छात्रों के जरिये सरकार से अवैध तरीके से कमाई थी। कुल मिलाकर 22.98 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि समाज कल्याण विभाग इन निजी शिक्षण संस्थाओं से वसूलेगा। इस वसूली के लिए पहला नोटिस विभाग ने दे दिया है। शुक्रवार को नोटिस जारी होते ही आईटीआई शिक्षण संस्थाओं के संचालकों में हड़कंप मच गया है।
छात्रवृत्ति घोटाला में शिक्षा विभाग का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है। जिसमें जनपद की राजनीति में हस्तक्षेप करने वाले माननीयों से जुड़े तक के विद्यालय शामिल हैं। प्रथम दृष्टया जानकारी होने पर सरकार ने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 71 निजी आईटीआई के खिलाफ पहले थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
अब जबकि समाज कल्याण विभाग ने एसडीएम के माध्यम से मौके की हाल बयान करने वाली रिपोर्ट भी भेज दी है, तो लखनऊ में बैठे विभाग के आला अधिकारियों ने छात्रवृत्ति हड़पने वाली शिक्षण संस्थाओं से उस 22 करोड़ 98 लाख की वसूली के निर्देश दिए हैं। यह नोटिस दो सप्ताह का दिया जा रहा है। पहले नोटिस के बाद जो दूसरा नोटिस दिया जाएगा वह दस दिन का होगा और आखिरी नोटिस एक हफ्ता का होगा। उक्त धनराशि जमा न करने पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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तीन प्रकार के हैं घोटाला
आईटीआई कॉलेजों द्वारा तीन प्रकार के छात्रवृत्ति घोटाले किए हैं। पहला: बिना मान्यता के ही छात्रों का प्रवेश लेकर छात्रवृत्ति वसूली है। दूसरा: निश्चित सीट से अधिक का है। तीसरा: फर्जी छात्रों का है।
आईटीआई संचालकों ने यदि समय रहते पैसा नहीं दिया तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इन सभी के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज करा चुके हैं।
- रमाशंकर गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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छात्रवृत्ति घोटाला में शिक्षा विभाग का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला है। जिसमें जनपद की राजनीति में हस्तक्षेप करने वाले माननीयों से जुड़े तक के विद्यालय शामिल हैं। प्रथम दृष्टया जानकारी होने पर सरकार ने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से 71 निजी आईटीआई के खिलाफ पहले थाना सदर बाजार में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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अब जबकि समाज कल्याण विभाग ने एसडीएम के माध्यम से मौके की हाल बयान करने वाली रिपोर्ट भी भेज दी है, तो लखनऊ में बैठे विभाग के आला अधिकारियों ने छात्रवृत्ति हड़पने वाली शिक्षण संस्थाओं से उस 22 करोड़ 98 लाख की वसूली के निर्देश दिए हैं। यह नोटिस दो सप्ताह का दिया जा रहा है। पहले नोटिस के बाद जो दूसरा नोटिस दिया जाएगा वह दस दिन का होगा और आखिरी नोटिस एक हफ्ता का होगा। उक्त धनराशि जमा न करने पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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तीन प्रकार के हैं घोटाला
आईटीआई कॉलेजों द्वारा तीन प्रकार के छात्रवृत्ति घोटाले किए हैं। पहला: बिना मान्यता के ही छात्रों का प्रवेश लेकर छात्रवृत्ति वसूली है। दूसरा: निश्चित सीट से अधिक का है। तीसरा: फर्जी छात्रों का है।
आईटीआई संचालकों ने यदि समय रहते पैसा नहीं दिया तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इन सभी के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज करा चुके हैं।
- रमाशंकर गुप्ता, जिला समाज कल्याण अधिकारी