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मथुरा: छात्रवृत्ति घोटाला में नौ शिक्षण संस्थाओं पर गिर सकती है गाज
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मथुरा। छात्रवृत्ति घोटाले में नौ शिक्षण संस्थाओं सहित नौ ही विभाग के तत्कालीन कर्मचारी और बाबुओं पर गाज गिरने वाली है। वहीं शिक्षा विभाग के तत्कालीन डीआईओएस और जेडी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होगी। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इसके लिए शासन ने समाज कल्याण विभाग को निर्देश भी दे दिए हैं लेकिन अधिकारियों द्वारा अभी हरी झंडी दी जानी बाकी है। उधर, इस मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। उनके द्वारा जांच को तेजगति से आगे बढ़ाया जा रहा है।
छात्रवृत्ति घोटाले की शासन स्तर से हो रही जांच तेजगति से आगे बढ़ रही है। शासन ने अपनी जांच में अभी तक की 68 शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब उसकी जांच में जनपद की नौ शिक्षण संस्थाएं भी आ गई हैं। शासन ने इनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। शिक्षण संस्थाओं के संचालकों द्वारा अपने नाम हटवाने के लिए संबंधित अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा जा रहा है। शासन ने छात्रवृत्ति घोटाले में केवल इन्हीं संस्थाओं को ही दोषी नहीं माना है बल्कि वर्तमान में समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी के अलावा तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारियों और कर्मचारियों सहित नौ ही लोगों को भी दोषी माना है। शासन ने उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
शासन ने इतना ही नहीं मथुरा में छात्रवृत्ति घोटाले को नजरअंदाज करने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों में वर्तमान डीआईओएस सहित तत्कालीन डीआईओएस व ज्वाइन डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर ने बताया कि विभाग से कुछ निर्देश प्राप्त हुए हैं लेकिन अभी उन पर कुछ काम होना बाकी है।
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छात्रवृत्ति घोटाले की शासन स्तर से हो रही जांच तेजगति से आगे बढ़ रही है। शासन ने अपनी जांच में अभी तक की 68 शिक्षण संस्थाओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। अब उसकी जांच में जनपद की नौ शिक्षण संस्थाएं भी आ गई हैं। शासन ने इनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। शिक्षण संस्थाओं के संचालकों द्वारा अपने नाम हटवाने के लिए संबंधित अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा जा रहा है। शासन ने छात्रवृत्ति घोटाले में केवल इन्हीं संस्थाओं को ही दोषी नहीं माना है बल्कि वर्तमान में समाज कल्याण अधिकारी करुणेश त्रिपाठी के अलावा तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारियों और कर्मचारियों सहित नौ ही लोगों को भी दोषी माना है। शासन ने उनके खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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शासन ने इतना ही नहीं मथुरा में छात्रवृत्ति घोटाले को नजरअंदाज करने वाले शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन अधिकारियों में वर्तमान डीआईओएस सहित तत्कालीन डीआईओएस व ज्वाइन डायरेक्टर के खिलाफ कार्रवाई होगी। समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर ने बताया कि विभाग से कुछ निर्देश प्राप्त हुए हैं लेकिन अभी उन पर कुछ काम होना बाकी है।
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