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मथुरा: नंदभवन दिवला जुरै जगत उजारौ होय
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नंदभवन मंदिर के शिखर पर जलता दिवला।
- फोटो : MATHURA
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नंदगांव (मथुरा)। मंदिरों में रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से दिवाली मनाई गई। लोगों ने नंदबाबा मंदिर के शिखर पर दिवला प्रज्ज्वलित होने के बाद लक्ष्मी जी का पूजन किया। इस दौरान हुए समाज गायन में नंदभवन दिवला जुरै जगत उजारौ होय आदि पद गाए गए।
नंदगांव के लोग अपने हर त्योहार को कान्हा के साथ मनाते हैं। नंदगांव के लोग बिना कोई मुहूर्त देखे नंदभवन में दिवाली मनाने के बाद दिवला दर्शन कर ही लक्ष्मी पूजन करते हैं। दिवाली के दिन नंदभवन में संध्या आरती के बाद समाज गायन हुआ। नंद भवन में बिनौरा एवं गो घृत से बनाए गए। अनूठे विशाल दीपक का पूजन किया गया। मंदिर के शिखर पर दिवला प्रज्ज्वलित किया गया।
ज्ञान मोहल्ला स्थित ठा. नवनीत प्रिया मंदिर में दिवाली की संध्या पर गोवंश की कान सुनाई की गई। सेवायत टीकाराम ने बताया कि ठा. नवनीत प्रिया ने पूरी रात चौसर खेली। सिंहासन पर नारियल एवं चांदी के सिक्के रखे गए। इस दौरान उन्हें शयन नहीं कराया गया। अन्नकूट को गोवंश एवं गिरिराज जी का पूजन किया गया। इस दौरान 56 भोग सजाए गए। नंदबैठक, पावन सरोवर स्थित बैठक पर 56 भोग सजाए गए। कस्बे में घर-घर गिरिराज जी पूजे गए।
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नंदगांव के लोग अपने हर त्योहार को कान्हा के साथ मनाते हैं। नंदगांव के लोग बिना कोई मुहूर्त देखे नंदभवन में दिवाली मनाने के बाद दिवला दर्शन कर ही लक्ष्मी पूजन करते हैं। दिवाली के दिन नंदभवन में संध्या आरती के बाद समाज गायन हुआ। नंद भवन में बिनौरा एवं गो घृत से बनाए गए। अनूठे विशाल दीपक का पूजन किया गया। मंदिर के शिखर पर दिवला प्रज्ज्वलित किया गया।
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ज्ञान मोहल्ला स्थित ठा. नवनीत प्रिया मंदिर में दिवाली की संध्या पर गोवंश की कान सुनाई की गई। सेवायत टीकाराम ने बताया कि ठा. नवनीत प्रिया ने पूरी रात चौसर खेली। सिंहासन पर नारियल एवं चांदी के सिक्के रखे गए। इस दौरान उन्हें शयन नहीं कराया गया। अन्नकूट को गोवंश एवं गिरिराज जी का पूजन किया गया। इस दौरान 56 भोग सजाए गए। नंदबैठक, पावन सरोवर स्थित बैठक पर 56 भोग सजाए गए। कस्बे में घर-घर गिरिराज जी पूजे गए।
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