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फिर जगी एनसीआर से जुड़ने की उम्मीद
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 20 Apr 2016 11:21 PM IST
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मथुरा
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भगवान श्रीकृष्ण की जन्म और लीला स्थली मथुरा को एनसीआर में शामिल होने का एक और मौका मिला है। इसके लिए भारत सरकार ने मथुरा से प्रपोजल मांगा है, जिसका प्रेजेंटेशन मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सीपी सिंह देंगे।
रोडवेज के अनुसार दिल्ली से 145 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मथुरा लंबे समय से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल होने के प्रयास कर रहा है। हालांकि दिल्ली की सीमा से मथुरा के बीच की दूरी करीब सवा सौ किलोमीटर की है।
ब्रजवासियों की इच्छा एनसीआर के डेवलपमेंट से जुड़ने की है। इसलिए इसके प्रयास पूर्व में तत्कालीन सांसद कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने किए थे। वर्तमान विधायक प्रदीप माथुर ने भी इसके लिए कोशिश की। अब फिर से इसकी पहल मथुरा की सांसद हेमामालिनी के स्तर से की जा रही है।
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मथुरा का एनसीआर में शामिल होने का दावा इस वजह से और मजबूत हो जाता है कि पड़ोसी जिले भरतपुर की दूरी मथुरा से अधिक होने के बावजूद उसे यह सहूलियत मिल चुकी है। अब एक बार फिर एनसीआर का क्षेत्र बढ़ाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
इसमें स्थान देने के लिए मथुरा से प्रपोजल मांगा गया है। इसे एमवीडीए की ओर से एनसीआर के लिए मथुरा की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है।
अब इस प्रपोजल पर भारत सरकार के समक्ष 28 अप्रैल को मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सीपी सिंह को प्रेजेंटेशन देना है जिससे मथुरा को एनसीआर में शामिल किया जा सके।
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रोडवेज के अनुसार दिल्ली से 145 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मथुरा लंबे समय से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल होने के प्रयास कर रहा है। हालांकि दिल्ली की सीमा से मथुरा के बीच की दूरी करीब सवा सौ किलोमीटर की है।
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ब्रजवासियों की इच्छा एनसीआर के डेवलपमेंट से जुड़ने की है। इसलिए इसके प्रयास पूर्व में तत्कालीन सांसद कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने किए थे। वर्तमान विधायक प्रदीप माथुर ने भी इसके लिए कोशिश की। अब फिर से इसकी पहल मथुरा की सांसद हेमामालिनी के स्तर से की जा रही है।
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मथुरा का एनसीआर में शामिल होने का दावा इस वजह से और मजबूत हो जाता है कि पड़ोसी जिले भरतपुर की दूरी मथुरा से अधिक होने के बावजूद उसे यह सहूलियत मिल चुकी है। अब एक बार फिर एनसीआर का क्षेत्र बढ़ाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
इसमें स्थान देने के लिए मथुरा से प्रपोजल मांगा गया है। इसे एमवीडीए की ओर से एनसीआर के लिए मथुरा की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है।
अब इस प्रपोजल पर भारत सरकार के समक्ष 28 अप्रैल को मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सीपी सिंह को प्रेजेंटेशन देना है जिससे मथुरा को एनसीआर में शामिल किया जा सके।