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मथुरा: उच्च शिक्षा में मथुरा खाली हाथ, वेटरनेरी विवि भी निराश
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मथुरा। प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में विन्ध्याचल धाम मंडल में मां विन्ध्यवासिनी राज्य विश्वविद्यालय, देवीपाटन मंडल में मां पाटेश्वरी देवी राज्य विश्वविद्यालय और मुरादाबाद मंडल में भी राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए ५०-५० लाख रुपये का प्रावधान बजट में किया है, लेकिन इस दृष्टि से मथुरा की उम्मीदों पर एक बार फिर पानी फिर गए हैं। यहां स्थापित वेटरनेरी यूनिवर्सिटी को फिर से खाली हाथ छोड़ दिया गया है। जबकि प्रदेश में कई नए कृषि महाविद्यालयों की घोषणा बजट में सरकार ने की है।
उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में 19 राज्य विश्वविद्यालय, 1 मुक्त विवि, 1 डीम्ड और 30 निजी विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। इनमें तीन निजी विश्वविद्यालय मथुरा जनपद में भी संचालित हैं। इसमें जीएलए विवि, संस्कृति विवि शामिल हैं। इनके अलावा प्रदेश का एक मात्र वेटरनेरी विवि भी यहां है, जो सिर्फ एक कालेज पर चल रहा है। इसमें और नए तीन कालेजों के संचालन की अनुमति पिछले ११ साल से नहीं मिल रही है।
इस बार उम्मीद थी कि प्रदेश सरकार इसका प्रावधान करेंगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। इतना ही नहीं, जनपद में राज्य विवि की मांग भी हो रही है। लंबे समय से केंद्रीय या फिर राज्य विवि की मांग करते आ रहे हैं। इसके अभाव में यहां के छात्र-छात्राओं का निजी विवि की ओर रुख करना पड़ रहा है।
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जनपद की उच्च शिक्षा का दायरा निरंतर बढ़ता जा रहा है। डेढ़ सौ से अधिक महाविद्यालय मथुरा जनपद में संचालित हैं। डॉ. बीआर आंबेडकर विवि पर पूर्व से ही अधिभारिता है। ऐसे में मथुरा में राज्य विवि होना अत्यंत आवश्यक है। इसकी मांग भी लंबे समय से हो रही है।
- डॉ. ललित मोहन शर्मा, प्राचार्य
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उच्च शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में 19 राज्य विश्वविद्यालय, 1 मुक्त विवि, 1 डीम्ड और 30 निजी विश्वविद्यालय कार्यरत हैं। इनमें तीन निजी विश्वविद्यालय मथुरा जनपद में भी संचालित हैं। इसमें जीएलए विवि, संस्कृति विवि शामिल हैं। इनके अलावा प्रदेश का एक मात्र वेटरनेरी विवि भी यहां है, जो सिर्फ एक कालेज पर चल रहा है। इसमें और नए तीन कालेजों के संचालन की अनुमति पिछले ११ साल से नहीं मिल रही है।
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इस बार उम्मीद थी कि प्रदेश सरकार इसका प्रावधान करेंगी, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। इतना ही नहीं, जनपद में राज्य विवि की मांग भी हो रही है। लंबे समय से केंद्रीय या फिर राज्य विवि की मांग करते आ रहे हैं। इसके अभाव में यहां के छात्र-छात्राओं का निजी विवि की ओर रुख करना पड़ रहा है।
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जनपद की उच्च शिक्षा का दायरा निरंतर बढ़ता जा रहा है। डेढ़ सौ से अधिक महाविद्यालय मथुरा जनपद में संचालित हैं। डॉ. बीआर आंबेडकर विवि पर पूर्व से ही अधिभारिता है। ऐसे में मथुरा में राज्य विवि होना अत्यंत आवश्यक है। इसकी मांग भी लंबे समय से हो रही है।
- डॉ. ललित मोहन शर्मा, प्राचार्य