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मथुरा: डीएम के आदेश के बाद हुई १३ फार्मेसी विद्यालयों के खिलाफ एफआईआर
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मथुरा। छात्रवृत्ति प्रकरण में फर्जी शासनादेश को हाईकोर्ट मेें पेश करने के मामले में फंसे १३ फार्मेसी विद्यालयों के खिलाफ प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी को आखिरकार रिपोर्ट दर्ज करानी ही पड़ी।
यह रिपोर्ट डीएम के आदेश के बाद कराई गई, जबकि पूर्व समाज कल्याण अधिकारी इन सभी विद्यालयों के खिलाफ एफआईआर के आदेश कर चुके थे, लेकिन विभाग के बाबुओं द्वारा फाइल को दबाया जा रहा था। मामला संज्ञान मेें आने पर डीएम नवनीत सिंह चहल के आदेश पर प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेन्द्र नाथ प्रताप सिंह द्वारा थाना सदर बाजार मेें रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
शासन के निर्देश पर तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता द्वारा १३ फार्मेसी विद्यालयों के खिलाफ अक्टूबर २०२१ में ही आदेश किए थे परंतु बाबुओं द्वारा इस फाइल को दबा दिया गया। अब इन विद्यालयों द्वारा अपने-अपने विद्यालयों के छात्रों का डाटा फारवर्ड करने के लिए विभाग से सांठगांठ की जा रही थी।
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डीएम को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एफआईआर के आदेश दिए। समाज कल्याण अधिकारी द्वारा शुक्रवार को थाना सदर बाजार मेें एफआईआर दर्ज कराई गई है। थानाध्यक्ष सदर बाजार अजय किशोर ने बताया कि १३ फार्मेसी विद्यालयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
क्या है मामला
दरअसल, विधायक पूरन प्रकाश की शिकायत पर शासन ने अन्य विद्यालयों के साथ-साथ जनपद के करीब ३२ फार्मेसी विद्यालयोें के खिलाफ छात्रवृत्ति प्रकरण में जांच शुरू हुई थी। इस जांच के दौरान ही फरह स्थित फार्मेसी कॉलेज संचालक द्वारा शासन का एक पत्र प्रेषित किया गया, जिसमें जांच को रोकने संबंधी शासनादेश था। फार्मेसी विद्यालय व १२ अन्य फार्मेसी विद्यालय संचालकों ने हाईकोर्ट में एक रिट दाखिल की गई, जिसमें शासनादेश की प्रति भी लगाई गई।
हाईकोर्ट ने जब शासन के पत्र के संबंध में समाज कल्याण निदेशालय से पूछा गया तो विभाग ने इस प्रकार का शासनादेश जारी करने से मना कर दिया। हाईकोर्ट ने कोर्ट में फर्जी पत्र लगाने के आरोप में १३ फार्मेसी विद्यालयों के खिलाफ एफआईआर के आदेश किए।
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यह रिपोर्ट डीएम के आदेश के बाद कराई गई, जबकि पूर्व समाज कल्याण अधिकारी इन सभी विद्यालयों के खिलाफ एफआईआर के आदेश कर चुके थे, लेकिन विभाग के बाबुओं द्वारा फाइल को दबाया जा रहा था। मामला संज्ञान मेें आने पर डीएम नवनीत सिंह चहल के आदेश पर प्रभारी समाज कल्याण अधिकारी जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी महेन्द्र नाथ प्रताप सिंह द्वारा थाना सदर बाजार मेें रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
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शासन के निर्देश पर तत्कालीन समाज कल्याण अधिकारी रमाशंकर गुप्ता द्वारा १३ फार्मेसी विद्यालयों के खिलाफ अक्टूबर २०२१ में ही आदेश किए थे परंतु बाबुओं द्वारा इस फाइल को दबा दिया गया। अब इन विद्यालयों द्वारा अपने-अपने विद्यालयों के छात्रों का डाटा फारवर्ड करने के लिए विभाग से सांठगांठ की जा रही थी।
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डीएम को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एफआईआर के आदेश दिए। समाज कल्याण अधिकारी द्वारा शुक्रवार को थाना सदर बाजार मेें एफआईआर दर्ज कराई गई है। थानाध्यक्ष सदर बाजार अजय किशोर ने बताया कि १३ फार्मेसी विद्यालयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
क्या है मामला
दरअसल, विधायक पूरन प्रकाश की शिकायत पर शासन ने अन्य विद्यालयों के साथ-साथ जनपद के करीब ३२ फार्मेसी विद्यालयोें के खिलाफ छात्रवृत्ति प्रकरण में जांच शुरू हुई थी। इस जांच के दौरान ही फरह स्थित फार्मेसी कॉलेज संचालक द्वारा शासन का एक पत्र प्रेषित किया गया, जिसमें जांच को रोकने संबंधी शासनादेश था। फार्मेसी विद्यालय व १२ अन्य फार्मेसी विद्यालय संचालकों ने हाईकोर्ट में एक रिट दाखिल की गई, जिसमें शासनादेश की प्रति भी लगाई गई।
हाईकोर्ट ने जब शासन के पत्र के संबंध में समाज कल्याण निदेशालय से पूछा गया तो विभाग ने इस प्रकार का शासनादेश जारी करने से मना कर दिया। हाईकोर्ट ने कोर्ट में फर्जी पत्र लगाने के आरोप में १३ फार्मेसी विद्यालयों के खिलाफ एफआईआर के आदेश किए।