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मथुरा: सड़कों पर नहीं दिखाई दी भीड़, जरूरी वस्तुओं के लिए भटके लोग
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स्कूटी सवार महिलाओं से पूछताछ करती कोतवाली पुलिस।
- फोटो : MATHURA
मथुरा/वृंदावन। वीकेंड कर्फ्यू के दूसरे दिन रविवार को मथुरा और वृंदावन समेत अन्य कस्बों के बाजारों में खामोशी रही, वहीं मुख्य सड़कों पर आवाजाही रही। मथुरा और वृंदावन में मंदिर, बाजार सभी बंद रहे। लोग भी घरों से बाहर सड़कों पर कम ही नजर आए। लोगों को जरूरी वस्तुओं भी उपलब्ध नहीं हो पाईं। क्योंकि सवेरे नगर निगम समेत अन्य टीमों ने जाकर जगह-जगह खुली दुकानों को बंद कराया। दूध व जरूरी सामान की दुकानें भी बंद रहीं, जिसके कारण लोगों को परेशानी हुई।
शनिवार के बाद रविवार को भी मथुरा नगरी के बाजार सूने रहे। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की गाड़ियां ही घूमती नजर आईं। मथुरा शहर के बाजारों में शनिवार की तरह रविवार को भीड़ नजर नहीं आई। लोग घरों में ही रहे। जबकि शहर से जुड़े कुछ इलाकों में लोग गलियों और सड़कों पर दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने घरों में चले जाने का आदेश सुनाया।
इधर, श्रीबांकेबिहारी की नगरी में लोगों ने पालन किया। मथुरा से वृंदावन मार्ग हो, छटीकरा मार्ग हो या फिर श्रीबांकेबिहारी मंदिर, श्रीरंगनाथ मंदिर, शाहजी मंदिर के आसपास की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। सुबह व शाम दूध को लेकर अवश्य लोग निकले। हालांकि दिन में पूरी तरह से बाजार और मुख्य सड़कें सुनसान रहीं। हालांकि गौरानगर में हलवाई की दुकान खुली देख लोग कचौड़ी जलेबी खाने के लिए सुबह के वक्त पहुंच गए। इसके अलावा कुछ स्थानों पर कोविड के केस आने के बाद संवेदनशील इलाकों में लगाई गई टीन तोड़ दी गई हैं। इन इलाकों में लोगों की गतिविधियां चिंता का विषय अवश्य हैं। इसमें दावानल कुंड का नाम भी शामिल है।
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शनिवार के बाद रविवार को भी मथुरा नगरी के बाजार सूने रहे। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की गाड़ियां ही घूमती नजर आईं। मथुरा शहर के बाजारों में शनिवार की तरह रविवार को भीड़ नजर नहीं आई। लोग घरों में ही रहे। जबकि शहर से जुड़े कुछ इलाकों में लोग गलियों और सड़कों पर दिखाई दिए, जिन्हें पुलिस ने घरों में चले जाने का आदेश सुनाया।
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इधर, श्रीबांकेबिहारी की नगरी में लोगों ने पालन किया। मथुरा से वृंदावन मार्ग हो, छटीकरा मार्ग हो या फिर श्रीबांकेबिहारी मंदिर, श्रीरंगनाथ मंदिर, शाहजी मंदिर के आसपास की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। सुबह व शाम दूध को लेकर अवश्य लोग निकले। हालांकि दिन में पूरी तरह से बाजार और मुख्य सड़कें सुनसान रहीं। हालांकि गौरानगर में हलवाई की दुकान खुली देख लोग कचौड़ी जलेबी खाने के लिए सुबह के वक्त पहुंच गए। इसके अलावा कुछ स्थानों पर कोविड के केस आने के बाद संवेदनशील इलाकों में लगाई गई टीन तोड़ दी गई हैं। इन इलाकों में लोगों की गतिविधियां चिंता का विषय अवश्य हैं। इसमें दावानल कुंड का नाम भी शामिल है।
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