गोवर्धन (मथुरा)। गांव मुखराई से चलकर जमुनावता, पारासौली चंद्र सरोवर होते हुए ब्रजयात्रा अपने पड़ाव पूंछरी पहुंची। मान मंदिर सेवा संस्थान के संरक्षक पद्मश्री रमेश बाबा के निर्देशन में चल रही श्री राधारानी ब्रज यात्रा का उद्देश्य मात्र तीर्थ भ्रमण तक सीमित नहीं अपितु ब्रज के वन सरोवर दिव्य पर्वत यमुना महारानी व गोमाता के संरक्षण संवर्धन के लिए चेतना जागृत करना भी है।
संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने कहा कि ब्रज के गांव-गांव में हरिनाम की रसधारा प्रवाहित होती रहे, तभी हम लोग सच्चे ब्रजवासी हैं। इसके लिए मान मंदिर ने 40 हजार गांवों में संकीर्तन प्रभात फेरी शुरू कराई हैं। ब्रज के पर्वतों के संरक्षण के लिए लंबे संघर्ष किए और 5232 हेक्टेयर क्षेत्र आरक्षित वन बनवाया। अनेक सरोवरों का जीर्णोद्धार किया। लाखों वृक्ष लगवाए। अभी भी राजस्थान के आदि बद्री व कनकांचल पर्वत के लिए आंदोलन जारी है। सुनील सिंह, नृसिंह दास, राजकुमार, वत्सला, आराधना, गौरी, अर्चना अनीता आदि मौजूद थीं।