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मथुरा: बरसाना की ब्रजयात्रा का बलदेव में जगह-जगह स्वागत
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बरसाना के संत रमेश बाबा का स्वागत करते गुरु शरणानंद महाराज।
- फोटो : MATHURA
बलदेव (मथुरा)। बरसाना के प्रमुख संत रमेश बाबा की ब्रज चौरासी कोस पदयात्रा का बलदेव में जगह-जगह स्वागत किया गया। ब्रजयात्री भक्ति रस की वर्षा में सराबोर नजर आए।
पड़ाव स्थल पर अनाथ गोसेवा समिति के राकेश गोयल, बनबारी लाल गर्ग, मदन वैद्य, हरिओम अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, राजेश पाठक ने स्वागत किया। राधाकांत शास्त्री, सुनील सिंह ने कहा समिति द्वारा सड़कों पर घूमने वाली असहाय बेसहारा गायों की जो सेवा की जा रही है, वह ईश्वर की साक्षात सेवा है। झम्मन लाल गोयल, अमित भारद्वाज, श्याम सुंदर अग्रवाल, संजीव गोयल, अनुज पाठक, मदन मोहन पाठक, नारायण गोयल, शिवशंकर वर्मा आदि ने स्वागत किया।
ब्रजयात्रियों ने हबेली, बसई, हरदशा, ऋणमोचन, चिंताहरण, ब्रह्मांड घाट, पूतनाखार, ऊखल बंधन दिव्य लीला स्थलों के दर्शन किए। चिंताहरण पर पद्मश्री रमेश बाबा ने शंकर जी की पूजा की। यमुना किनारे राधा माधव के लीला गीतों को गाया। दो संतों व विभूतियों का पारस्परिक मिलन रमनरेती में स्वामी गुरुशरणानंद महाराज और रमेश बाबा में ब्रजयात्रा को लेकर वार्ता हुई। स्वामी जी ने रमणरेती का समस्त वन प्रदेश में अपने साथ रमेश बाबा को घुमाया। रमणीय वन शोभा से बाबा को बड़ी आनंद की अनुभूति हुई। चार नवंबर को गोकुल, चंद्राबली, रावल होते हुए लक्ष्मीनगर पर ब्रज यात्रा का पड़ाव होगा।
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पड़ाव स्थल पर अनाथ गोसेवा समिति के राकेश गोयल, बनबारी लाल गर्ग, मदन वैद्य, हरिओम अग्रवाल, संजीव अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, राजेश पाठक ने स्वागत किया। राधाकांत शास्त्री, सुनील सिंह ने कहा समिति द्वारा सड़कों पर घूमने वाली असहाय बेसहारा गायों की जो सेवा की जा रही है, वह ईश्वर की साक्षात सेवा है। झम्मन लाल गोयल, अमित भारद्वाज, श्याम सुंदर अग्रवाल, संजीव गोयल, अनुज पाठक, मदन मोहन पाठक, नारायण गोयल, शिवशंकर वर्मा आदि ने स्वागत किया।
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ब्रजयात्रियों ने हबेली, बसई, हरदशा, ऋणमोचन, चिंताहरण, ब्रह्मांड घाट, पूतनाखार, ऊखल बंधन दिव्य लीला स्थलों के दर्शन किए। चिंताहरण पर पद्मश्री रमेश बाबा ने शंकर जी की पूजा की। यमुना किनारे राधा माधव के लीला गीतों को गाया। दो संतों व विभूतियों का पारस्परिक मिलन रमनरेती में स्वामी गुरुशरणानंद महाराज और रमेश बाबा में ब्रजयात्रा को लेकर वार्ता हुई। स्वामी जी ने रमणरेती का समस्त वन प्रदेश में अपने साथ रमेश बाबा को घुमाया। रमणीय वन शोभा से बाबा को बड़ी आनंद की अनुभूति हुई। चार नवंबर को गोकुल, चंद्राबली, रावल होते हुए लक्ष्मीनगर पर ब्रज यात्रा का पड़ाव होगा।
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