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मथुरा: कोह में एक और बच्चे की हुई मौत
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मथुरा। गांव कोह में ग्रामीणों को समझाते विधायक ठा. कारिंदा सिंह।
- फोटो : MATHURA
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फरह/गोवर्धन (मथुरा)। गांव कोह में बृहस्पतिवार को एक और बच्चे की मौत हो गई। इलाज की समुचित व्यवस्था न होने पर भड़के ग्रामीण धरने पर बैठ गए अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पहुंचीं सीएमओ का घेराव भी कर लिया और पुलिस से नोकझोंक भी हो गई। बाद में भाजपा विधायक कारिंदा सिंह के आश्वासन पर धरना समाप्त किया। उधर, स्वास्थ्य विभाग बीमारी पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा है और बीमार लोगों को पेरासिटामोल देकर इतिश्री कर रहा है। कोह में मरने वालों की संख्या अब तक 11 हो चुकी है।
गांव कोह निवासी राजा (12) पुत्र हरिश्चंद्र की आगरा के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक बालक के पिता हरिश्चंद्र ने बताया कि बच्चे के पेट में दो दिन से दर्द था। फरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर ने दो टैबलेट दी थीं। इसके बाद भी बच्चे की तबियत बिगड़ती चली गई। आगरा में उपचार के दौरान बृहस्पतिवार को बेटे ने दम तोड़ दिया।
इधर, बच्चे के दाह संस्कार के बाद आक्रोशित ग्रामीण प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में धड़ाधड़ मौतें हो रही हैं। इलाज की समुचित व्यवस्था तक न हो सकी। उन्होंने सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता का गांव पहुंचने पर घेराव भी किया। वहीं, गांव पहुंचे दो सिपाहियों से ग्रामीणों की नोकझोंक भी हो गई। भाजपा विधायक कारिंदा सिंह भी पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाकर धरना समाप्त कराया। ग्रामीणों ने बताया कि कोह मेें अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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वहीं, जिले में 40 लोगों में डेंगू की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है।
दूसरी ओर, गोवर्धन के गांव जचौंदा में भी हालात ठीक नहीं हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम एक सप्ताह से कैंप लगाकर उपचार देने में जुटी है। लेकिन मरीजों के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं है। सरकारी ओपीडी पेरासिटामोल के सहारे चल रही है।
जचौंदा में बृहस्पतिवार को 11 मरीज, जिनमें नीलम (35) पत्नी विजय सिंह, हरदयाल (44) पुत्र मोहर सिंह, सोहन सिंह (65) पुत्र चरण सिंह, पालेंद्र (36) पुत्र सादु, रोतान (62) पुत्र चरण सिंह, दानी (74) पुत्र हरिभजन, दानीराम (45) राम प्रसाद, महेंद्र (72) पुत्र देवीचंद्र, भगवत (25) पुत्र कैलाश, सोनियां (12) पुत्री धीरेंद्र, सरोज (35) पत्नी जगदीश आदि की जांच में डेंगू की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है। विजय राघव ने बताया कि पिंकी, कनिष्का, सीमा, गोविन्द, भूपेंद्र को बृहस्पतिवार को मथुरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर
बीमारी फैलने का मुख्य कारण गांव में व्याप्त गंदगी है। जचौंदा में सड़क किनारे गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। लोग गंदे पानी से होकर निकलने पर मजबूर हैं। विजय ने बताया कि गांव में एक दिन सफाई व्यवस्था की गई थी। उसके बाद यहां कोई सफाई कर्मी नहीं आया। नालियों का गंदा पानी रास्ते में बह रहा है।
नावली में बीमारी से ग्रामीण की मौत के बाद दहशत
जनपद में बुखार का कहर अब बढ़ रहा है। लोग दहशत में हैं। नौहझील के गांव नावली में मंगलवार को एक व्यक्ति की मौत के बाद लोग दहशत में हैं। इससे पहले नौहझील ब्लॉक के गांव नावली में ही पांच दिन पहले रामसिंह की बुखार में तबियत बिगड़ने से मौत हो गई थी लेकिन स्वास्थ्य महकमा ने अभी तक क्षेत्र में फैल रहे बुखार को गंभीरता से नहीं लिया है। रामसिंह की मौत के बाद गांव के नेमसिंह (50) की बुखार में तबियत बिगड़ने से मंगलवार को मौत हो गई। लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभी तक गांव में आकर स्थिति को देखा तक नहीं है। संवाद
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गांव कोह निवासी राजा (12) पुत्र हरिश्चंद्र की आगरा के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक बालक के पिता हरिश्चंद्र ने बताया कि बच्चे के पेट में दो दिन से दर्द था। फरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर डॉक्टर ने दो टैबलेट दी थीं। इसके बाद भी बच्चे की तबियत बिगड़ती चली गई। आगरा में उपचार के दौरान बृहस्पतिवार को बेटे ने दम तोड़ दिया।
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इधर, बच्चे के दाह संस्कार के बाद आक्रोशित ग्रामीण प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में धड़ाधड़ मौतें हो रही हैं। इलाज की समुचित व्यवस्था तक न हो सकी। उन्होंने सीएमओ डॉ. रचना गुप्ता का गांव पहुंचने पर घेराव भी किया। वहीं, गांव पहुंचे दो सिपाहियों से ग्रामीणों की नोकझोंक भी हो गई। भाजपा विधायक कारिंदा सिंह भी पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाकर धरना समाप्त कराया। ग्रामीणों ने बताया कि कोह मेें अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। सैकड़ों लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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वहीं, जिले में 40 लोगों में डेंगू की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है।
दूसरी ओर, गोवर्धन के गांव जचौंदा में भी हालात ठीक नहीं हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम एक सप्ताह से कैंप लगाकर उपचार देने में जुटी है। लेकिन मरीजों के स्वास्थ्य में कोई सुधार नहीं है। सरकारी ओपीडी पेरासिटामोल के सहारे चल रही है।
जचौंदा में बृहस्पतिवार को 11 मरीज, जिनमें नीलम (35) पत्नी विजय सिंह, हरदयाल (44) पुत्र मोहर सिंह, सोहन सिंह (65) पुत्र चरण सिंह, पालेंद्र (36) पुत्र सादु, रोतान (62) पुत्र चरण सिंह, दानी (74) पुत्र हरिभजन, दानीराम (45) राम प्रसाद, महेंद्र (72) पुत्र देवीचंद्र, भगवत (25) पुत्र कैलाश, सोनियां (12) पुत्री धीरेंद्र, सरोज (35) पत्नी जगदीश आदि की जांच में डेंगू की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है। विजय राघव ने बताया कि पिंकी, कनिष्का, सीमा, गोविन्द, भूपेंद्र को बृहस्पतिवार को मथुरा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया है।
जगह-जगह लगे गंदगी के ढेर
बीमारी फैलने का मुख्य कारण गांव में व्याप्त गंदगी है। जचौंदा में सड़क किनारे गंदगी के ढेर लगे हैं। नालियों का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। लोग गंदे पानी से होकर निकलने पर मजबूर हैं। विजय ने बताया कि गांव में एक दिन सफाई व्यवस्था की गई थी। उसके बाद यहां कोई सफाई कर्मी नहीं आया। नालियों का गंदा पानी रास्ते में बह रहा है।
नावली में बीमारी से ग्रामीण की मौत के बाद दहशत
जनपद में बुखार का कहर अब बढ़ रहा है। लोग दहशत में हैं। नौहझील के गांव नावली में मंगलवार को एक व्यक्ति की मौत के बाद लोग दहशत में हैं। इससे पहले नौहझील ब्लॉक के गांव नावली में ही पांच दिन पहले रामसिंह की बुखार में तबियत बिगड़ने से मौत हो गई थी लेकिन स्वास्थ्य महकमा ने अभी तक क्षेत्र में फैल रहे बुखार को गंभीरता से नहीं लिया है। रामसिंह की मौत के बाद गांव के नेमसिंह (50) की बुखार में तबियत बिगड़ने से मंगलवार को मौत हो गई। लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभी तक गांव में आकर स्थिति को देखा तक नहीं है। संवाद