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राष्ट्रीय लोक अदालत: मकान के बंटवारे में लग गए 43 साल, अब जाकर राजी हुए दोनों पक्ष
Sat, 12 Mar 2022 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Mar 2022 11:32 PM IST
सार
गोवर्धन क्षेत्र के गांव पलसों में एक मकान का बंटवारा होने में 43 साल लग गए। विवाद इतना बढ़ता चला गया कि दोनों पक्ष राजी नहीं हो पा रहे थे।
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43 वर्ष बाद सुलझा मकान के बंटवारे का विवाद
- फोटो : Istock
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विस्तार
गोवर्धन के गांव पलसों में दो पक्षों के मकान के बंटवारे का विवाद आखिरकार राष्ट्रीय लोक अदालत में 43 वर्ष बाद सुलझ गया। यह वाद अपर जिला जज अष्टम संजय चौधरी के न्यायालय में निस्तारित हुआ।
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1978 से चला आ रहा था विवाद
गोवर्धन क्षेत्र के गांव पलसों में एक रिहाइशी मकान को 1978 में गांव के ओमप्रकाश वर्मा और श्रीनाथ खंडेलवाल ने खरीदा था। इस मकान खरीदने के बाद विवाद प्रारंभ हुआ। इसके बाद मकान के हिस्सा बंटवारे का मुकदमा वर्ष 1978 में कोर्ट में दायर किया गया। वर्ष 1979 में कोर्ट ने दोनों के हिस्सा के बंटवारा कर भी दिया, लेकिन ओमप्रकाश उससे संतुष्ट नहीं हुए और उनके द्वारा अपील दायर कर दी गई थी।
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हाईकोर्ट तक पहुंची अपील
वर्ष 1979 में दायर अपील हाईकोर्ट तक पहुंची। शनिवार को केस का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर शनिवार को एडीजे संजय चौधरी की कोर्ट में हो गया, जिसमें दोनों पक्ष सहमत हो गए। वाद निस्तारित कराने में प्रयासरत रहे अधिवक्ता मुकेश खंडेलवाल ने बताया कि इतने पुराने वाद के निस्तारण की जानकारी उन्होंने उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भी दी। एडीजीसी मुकेश गोस्वामी ने बताया कि अदालत में शनिवार को इस वाद का निस्तारण हुआ है।
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