{"_id":"a215943822d6194a6c32c9318337df48","slug":"many-difficulties-at-parikrama-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिक्रमार्थियों को चुभ रहे अव्यवस्थाओं के ‘कांटे’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिक्रमार्थियों को चुभ रहे अव्यवस्थाओं के ‘कांटे’
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 24 Jun 2015 11:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रज चौरासी कोस में इन दिनों देश के तमाम हिस्सों से हजारों श्रद्धालु कान्हा के ब्रज की परिक्रमा करने आ रहे हैं। तीन राज्यों की सीमा में होकर निकल रही इस परिक्रमा में जगह-जगह प्रशासनिक अव्यवस्था के कांटे परिक्रमार्थियों को चुभ रहे हैं। इसके अलावा रात में ठहरने के लिए न कोई पड़ाव है और न ही बिजली की व्यवस्था। स्वास्थ्य खराब होने पर प्राथमिक उपचार की भी कोई व्यवस्था नहीं है।
गोवर्धन से भी अधिक भीड़ चलने के बावजूद परिक्रमा मार्ग में प्रशासनिक इंतजाम नहीं हैं। हालात यह हो रहे हैं कि कहीं-कहीं रास्ते में दल-दल होने, सड़क टूटी होने के कारण श्रद्धालुओं को मुसीबतें उठानी पड़ रही हैं। प्रशासनिक स्तर से चौरासी कोस परिक्रमा में कहीं भी श्रद्धालुओं के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
समाजसेवियों की ओर से गांव-गांव परिक्रमार्थियों के ठहरने और आराम करने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। अधिकमास में रमजान का पवित्र महीना आने के बाद शासन ने रात में विद्युत आपूर्ति में कटौती के आदेश कर रखे हैं। रात को बिजली न होने से परिक्रमा मार्ग में अंधेरा छाया रहता है। जंगली जानवरों और जहरीले जीव जंतुओं के अलावा चोर उचक्कों का भय बना रहता है।
विज्ञापन
ग्रामीण संभाले हैं सेवा की कमान
चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग में ग्रामीण ही श्रद्धालुओं को सेवा की कमान संभाले हैं। गांव-गांव भंडारे एवं ठहरने के लिए पड़ाव स्थल बना कर श्रद्धालुओं की सेवा करने में लगे हैं। बाजना एवं पारसौली में कई स्थानों पर ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं के पानी पीने की व्यवस्था कर रखी है।
गोवर्धन की तरह हो व्यवस्था
समाजसेवी ब्रजमोहन पाठक ने कहा कि हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन परिक्रमा में निकल रहे हैं। उनकी सुविधा के लिए कहीं कोई इंतजाम नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अधिकमास के अवसर पर ब्रज चौरासी कोस में भी गोवर्धन की तरह व्यवस्था की जाए। ब्रज चौरासी कोस में रात को प्रकाश की व्यवस्था हो। रात में ठहरने के लिए पड़ाव स्थल बनाए जाएं। प्राथमिक उपचार के लिए जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। रास्ते में पुलिस का पहरा हो।
विज्ञापन
गोवर्धन से भी अधिक भीड़ चलने के बावजूद परिक्रमा मार्ग में प्रशासनिक इंतजाम नहीं हैं। हालात यह हो रहे हैं कि कहीं-कहीं रास्ते में दल-दल होने, सड़क टूटी होने के कारण श्रद्धालुओं को मुसीबतें उठानी पड़ रही हैं। प्रशासनिक स्तर से चौरासी कोस परिक्रमा में कहीं भी श्रद्धालुओं के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
समाजसेवियों की ओर से गांव-गांव परिक्रमार्थियों के ठहरने और आराम करने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। अधिकमास में रमजान का पवित्र महीना आने के बाद शासन ने रात में विद्युत आपूर्ति में कटौती के आदेश कर रखे हैं। रात को बिजली न होने से परिक्रमा मार्ग में अंधेरा छाया रहता है। जंगली जानवरों और जहरीले जीव जंतुओं के अलावा चोर उचक्कों का भय बना रहता है।
विज्ञापन
ग्रामीण संभाले हैं सेवा की कमान
चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग में ग्रामीण ही श्रद्धालुओं को सेवा की कमान संभाले हैं। गांव-गांव भंडारे एवं ठहरने के लिए पड़ाव स्थल बना कर श्रद्धालुओं की सेवा करने में लगे हैं। बाजना एवं पारसौली में कई स्थानों पर ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं के पानी पीने की व्यवस्था कर रखी है।
गोवर्धन की तरह हो व्यवस्था
समाजसेवी ब्रजमोहन पाठक ने कहा कि हजारों श्रद्धालु प्रतिदिन परिक्रमा में निकल रहे हैं। उनकी सुविधा के लिए कहीं कोई इंतजाम नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि अधिकमास के अवसर पर ब्रज चौरासी कोस में भी गोवर्धन की तरह व्यवस्था की जाए। ब्रज चौरासी कोस में रात को प्रकाश की व्यवस्था हो। रात में ठहरने के लिए पड़ाव स्थल बनाए जाएं। प्राथमिक उपचार के लिए जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएं। रास्ते में पुलिस का पहरा हो।