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Mathura News: जाम हुआ आम, अंडरपास में जलभराव दे रहा घाव
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मथुरा। नए बस स्टैंड के पास रोड पर लगा जाम।
- फोटो : mathura
मथुरा। आज आजादी के 78 साल भले ही पूरे हो गए हों, लेकिन कुछ समस्याएं ऐसी हैं, जिनसे लोगों को आजादी नहीं मिल पा रही है। इसमें जाम, शहर की सड़कों पर गड्ढे और जलभराव जैसी समस्याएं प्रमुख हैं। इनसे लोग हर दिन जूझते रहते हैं।
आज मथुरा-वृंदावन पर्यटन हब के रूप में विकसित हो रहा है। नए-नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और शहर को जोड़ने वाले मार्ग भी बनाए जा रहे हैं। इसके बाद भी शहर के अंदर मार्गों की दशा ऐसी है कि राहगीर हिचकोले खाकर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। जाम की समस्या भी शहर के लिए नासूर बनती जा रही है। घंटों तक जाम से भी जूझना पड़ता है। एक नहीं जिले के कई ऐसे मार्ग हैं, जहां जाम की समस्या आम हो गई है। इन समस्याओं से स्वतंत्रता दिवस पर लोग आजादी चाहते हैं।
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बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था से मिले आजादी
यातायात विभाग ने स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर ट्रैफिक लाइटें, कैमरे, पीए सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनवाया, लेकिन जाम से हर दिन लोगों के दो से तीन घंटे बर्बाद हो रहे हैं। नए बस स्टैंड, मथुरा-वृंदावन मार्ग, होलीगेट से डीगगेट तक समेत अन्य मार्गों पर जाम में स्कूली बच्चे और लोग परेशान हो रहे हैं। इसके बाद भी ट्रैफिक जाम से लोगों को आजादी नहीं मिल रही है।
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जलभराव बढ़ा देता है लोगों की परेशानी
मथुरा-वृंदावन में हल्की बारिश में कई क्षेत्रों में भयंकर जलभराव हो जाता है। भूतेश्वर, नए बस स्टैंड और पुराने बस स्टैंड अंडरपासों पर चार-चार फीट पानी भर जाता है। इसके अलावा विश्राम घाट, होलीगेट, महोली रोड समेत कई स्थानों जलभराव हो जाता है। यह समस्या कई वर्षों से चली आ रही है। मथुरा-वृंदावन के निवासियों को आजादी के 78 साल बाद इस समस्या से निजात नहीं मिली है।
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नहीं संवर रहे बदहाल मार्ग
शहर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों को छोड़कर शहर के अंदर महोली रोड, टैंक चौराहे से यमुना एक्सप्रेस-वे राया कट तक मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। जिले के ऐसे कई मार्ग हैं, जहां निर्माण कार्य की दरकार है। जिम्मेदार सिर्फ पेच वर्क करके ही मार्गों की मरम्मत करा रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान हवा-हवाई है। यही नहीं कई गांवों की सड़कें अभी भी कच्ची हैं। लोग बदहाल मार्गाें से निकलने को मजबूर हैं।
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आज मथुरा-वृंदावन पर्यटन हब के रूप में विकसित हो रहा है। नए-नए उद्योग स्थापित हो रहे हैं और शहर को जोड़ने वाले मार्ग भी बनाए जा रहे हैं। इसके बाद भी शहर के अंदर मार्गों की दशा ऐसी है कि राहगीर हिचकोले खाकर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। जाम की समस्या भी शहर के लिए नासूर बनती जा रही है। घंटों तक जाम से भी जूझना पड़ता है। एक नहीं जिले के कई ऐसे मार्ग हैं, जहां जाम की समस्या आम हो गई है। इन समस्याओं से स्वतंत्रता दिवस पर लोग आजादी चाहते हैं।
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बदहाल ट्रैफिक व्यवस्था से मिले आजादी
यातायात विभाग ने स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर ट्रैफिक लाइटें, कैमरे, पीए सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनवाया, लेकिन जाम से हर दिन लोगों के दो से तीन घंटे बर्बाद हो रहे हैं। नए बस स्टैंड, मथुरा-वृंदावन मार्ग, होलीगेट से डीगगेट तक समेत अन्य मार्गों पर जाम में स्कूली बच्चे और लोग परेशान हो रहे हैं। इसके बाद भी ट्रैफिक जाम से लोगों को आजादी नहीं मिल रही है।
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जलभराव बढ़ा देता है लोगों की परेशानी
मथुरा-वृंदावन में हल्की बारिश में कई क्षेत्रों में भयंकर जलभराव हो जाता है। भूतेश्वर, नए बस स्टैंड और पुराने बस स्टैंड अंडरपासों पर चार-चार फीट पानी भर जाता है। इसके अलावा विश्राम घाट, होलीगेट, महोली रोड समेत कई स्थानों जलभराव हो जाता है। यह समस्या कई वर्षों से चली आ रही है। मथुरा-वृंदावन के निवासियों को आजादी के 78 साल बाद इस समस्या से निजात नहीं मिली है।
नहीं संवर रहे बदहाल मार्ग
शहर को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों को छोड़कर शहर के अंदर महोली रोड, टैंक चौराहे से यमुना एक्सप्रेस-वे राया कट तक मार्ग पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। जिले के ऐसे कई मार्ग हैं, जहां निर्माण कार्य की दरकार है। जिम्मेदार सिर्फ पेच वर्क करके ही मार्गों की मरम्मत करा रहे हैं, लेकिन स्थायी समाधान हवा-हवाई है। यही नहीं कई गांवों की सड़कें अभी भी कच्ची हैं। लोग बदहाल मार्गाें से निकलने को मजबूर हैं।