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Mathura News: जिन इलाकों से बाढ़ का पानी उतरा, वहां मलेरिया देने लगा दस्तक
सार
मथुरा में बाढ़ के बाद जलभराव के कारण मच्छर जनित बीमारियों में अचानक वृद्धि देखी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर सर्वे और नियंत्रण अभियान शुरू किया है। इससे डेंगू व मलेरिया के मामलों में चिंता बढ़ गई है।
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विस्तार
मथुरा। यमुना में आई बाढ़ के कारण शहर में घुसा पानी तो अब उतर गया है, लेकिन जगह-जगह जलभराव की समस्या उत्पन्न हो गई है और यहां मच्छर पैदा होने लगे हैं। इसके कारण लोग मच्छर जनित बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में ठंड से बुखार आने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। वहीं जांच में लोगों को मलेरिया की पुष्टि भी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने डोर-टू-डोर अभियान चलाकर मच्छर जनित बीमारियों पर रोकथाम की योजना बनाई है।
शहर के जयसिंहपुरा, वृंदावन खादर, यमुना पार क्षेत्र, तिवारीपुरम, कोयला, अलीपुरा, कदंब बिहार, काशीराम कॉलोनी और उसके आसपास बनी कॉलोनियों में अभी भी जगह-जगह पानी भरा हुआ है। शहर के प्रमुख स्थानों पर नगर निगम ने पंप सेट लगाकर पानी को निकाल दिया, लेकिन अन्य स्थानों पर अभी भी नगर निगम के अधिकारियों का ध्यान नहीं है। जलभराव होने से उसके आसपास के क्षेत्रों में मच्छरों की संख्या में अचानक वृद्धि हो गई है। जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने की संभावना बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अब इन इलाकों में मच्छर नियंत्रण के उपायों को तेज करने का निर्णय लिया है।
सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने बुखार, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए डोर-टू-डोर सर्वे शुरू करने की योजना बनाई है। इसके तहत घर-घर जाकर लोगों से मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की अपील की जाएगी और पानी जमा होने वाली जगहों को नियमित रूप से चेक किया जाएगा। इसके साथ ही फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव भी किया जाएगा, ताकि मच्छरों की संख्या पर काबू पाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण होने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी है।
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14 सौ के स्थान पर 1 हजार की हुई ओपीडी
मथुरा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मथुरा-वृंदावन आगमन पर पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रही। पुलिस ने राष्ट्रपति आगमन वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया। इसके कारण अस्पताल जाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रतिदिन लगभग 1400 से ज्यादा मरीजों तक पहुंचने वाली ओपीडी बृहस्पतिवार को एक हजार मरीजों तक ही पहुंच सकी।
जो लोग एंबुलेंस से अस्पताल गए, उन्हें तो किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई, लेकिन जो लोग अपने वाहन से अस्पताल के लिए घर से निकले उन्हें या तो वापस लौटना पड़ा या फिर पुलिस कर्मियों की मिन्नत करने के बाद ही आगे बढ़ सके।
पर्चा बनवाने के लिए जिस लाइन पर मरीजों की मारामारी रहती थी, वह सभी काउंटर आज खाली दिखाई दिए। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब एक हजार लोगों की ओपीडी हुई।संवाद
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शहर के जयसिंहपुरा, वृंदावन खादर, यमुना पार क्षेत्र, तिवारीपुरम, कोयला, अलीपुरा, कदंब बिहार, काशीराम कॉलोनी और उसके आसपास बनी कॉलोनियों में अभी भी जगह-जगह पानी भरा हुआ है। शहर के प्रमुख स्थानों पर नगर निगम ने पंप सेट लगाकर पानी को निकाल दिया, लेकिन अन्य स्थानों पर अभी भी नगर निगम के अधिकारियों का ध्यान नहीं है। जलभराव होने से उसके आसपास के क्षेत्रों में मच्छरों की संख्या में अचानक वृद्धि हो गई है। जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियां फैलने की संभावना बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अब इन इलाकों में मच्छर नियंत्रण के उपायों को तेज करने का निर्णय लिया है।
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सीएमओ डॉ. राधावल्लभ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने बुखार, डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए डोर-टू-डोर सर्वे शुरू करने की योजना बनाई है। इसके तहत घर-घर जाकर लोगों से मच्छरदानी का इस्तेमाल करने की अपील की जाएगी और पानी जमा होने वाली जगहों को नियमित रूप से चेक किया जाएगा। इसके साथ ही फॉगिंग और कीटनाशक छिड़काव भी किया जाएगा, ताकि मच्छरों की संख्या पर काबू पाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को बुखार, सिरदर्द और शरीर में दर्द जैसे लक्षण होने पर तुरंत अस्पताल जाने की सलाह दी है।
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14 सौ के स्थान पर 1 हजार की हुई ओपीडी
मथुरा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के मथुरा-वृंदावन आगमन पर पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था रही। पुलिस ने राष्ट्रपति आगमन वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया। इसके कारण अस्पताल जाने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रतिदिन लगभग 1400 से ज्यादा मरीजों तक पहुंचने वाली ओपीडी बृहस्पतिवार को एक हजार मरीजों तक ही पहुंच सकी।
जो लोग एंबुलेंस से अस्पताल गए, उन्हें तो किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई, लेकिन जो लोग अपने वाहन से अस्पताल के लिए घर से निकले उन्हें या तो वापस लौटना पड़ा या फिर पुलिस कर्मियों की मिन्नत करने के बाद ही आगे बढ़ सके।
पर्चा बनवाने के लिए जिस लाइन पर मरीजों की मारामारी रहती थी, वह सभी काउंटर आज खाली दिखाई दिए। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार को करीब एक हजार लोगों की ओपीडी हुई।संवाद