{"_id":"572243b64f1c1be776a923c8","slug":"low-water-level-in-naujheel","type":"story","status":"publish","title_hn":"15 फीट और खिसका जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
15 फीट और खिसका जलस्तर
अमर उजाला मथुरा
Updated Thu, 28 Apr 2016 11:17 PM IST
विज्ञापन
टंकी से पानी आपूर्ति नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आठ साल पहले भूगर्भ जलस्तर के गिरने के चलते डार्क जोन घोषित किया गया नौहझील ब्लाक क्षेत्र में स्थिति और बिगड़ गई है। सिर्फ एक साल में ही ब्लाक क्षेत्र के गांवों का भूगर्भ जलस्तर 10-15 फीट तक नीचे खिसक गया है। ब्लाक में पेयजल की गंभीर समस्या से लोग जूझ रहे हैं।
ब्लाक के गांव मानागढ़ी, खाजपुर, मडुआका, सींगोनी, मिठोली आदि में पिछले वर्ष 80 फीट पर जलस्तर था। अब इन गांवों में 90 से 95 फीट पर जलस्तर पहुंच गया है। छिनपारई, दौलतपुर, देदना, मरहला मुक्खा सहित यमुना नदी के किनारे बसे गांवों का जलस्तर 10 फीट तक नीचे खिसक गया है।
इन गांवों में पिछले वर्ष जलस्तर 45 से 50 फीट पर था। इस वर्ष जलस्तर 60 से 62 फीट पर पंहुच गया है। रायपुर, तिलकागढ़ी, मनीगढ़ी में भी जलस्तर 10 फीट नीचे खिसक गया है। कई गांवों में 150 फीट के आसपास ही भूगर्भ जल मिल पा रहा है।
विज्ञापन
वर्ष 2007-08 में घोषित हुआ डार्क जोन
भू-गर्भ जल विभाग की ओर से वर्ष 2007-08 में नौहझील ब्लाक को डार्क जोन घोषित किया गया था। इसके बाद किसानों को नलकूप इत्यादि के कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। सिंचाई के लिए सरकारी योजनाओं के लाभ से भी क्षेत्र के किसान वंचित हो गए। इसके विकल्प के तौर पर सरकारी योजनाएं भी नजर नहीं आ रही हैं। ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय किसान डार्क जोन क्षेत्र को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
टीटीएसपी के 89 टंकियों में से केवल 8 आ रहीं काम
ब्लाक क्षेत्र में 89 टीटीएसपी पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया था। इनमें अब केवल 8 टंकियां ही काम कर रही हैं। बाकी 81 बस शोपीस ही हैं। नौहझील में तैनात सुपरवाइजर भगवान सहाय ने बताया कि जल विभाग की ओर से टीटीएसपी टंकियां बनाने के बाद ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन सर्वे से ज्ञात हुआ है कि मौके पर केवल 8 टंकियां ही उपयोग में आ रही हैं।
13 में से 11 बड़ी टंकियां पड़ी खराब
ब्लाक क्षेत्र में जलनिगम की 13 पेयजल टंकियां हैं। केवल दो टंकियों से ही लोगों को पीने के पानी की आपूर्ति हो रही है। मानागढ़ी और नावली पर बनी बड़ी पेयजल टंकियां पानी दे रहीं हैं। बाकी सुल्तानपट्टी, पचहरा, खायरा, लोहई, कोलाना, हसनपुर, बरौठ, सुरीरकलां, सुरीर बिजऊ, देदना बांगर व कस्बा नौहझील स्थित पेयजल टंकियां सूखी खड़ी हैं।
21 गांव में खारा पानी
ब्लाक क्षेत्र के 21 गांवों में खारे पानी की समस्या है। पीने के मीठे पानी के लिए इन गांवों की महिलाओं को दूर-दराज से पानी भरकर लाना पड़ता है। ब्लाक के गांव मडुआका, सींगोंनी, रामगढ़ी, अभयपुरा, बाघई, कौलाना, चिंतागढ़ी, ऐदलगढ़ी, कोलाहर, ढालगढ़ी, जाफरपुर, घसियागढ़ी, उदियागढ़ी, देदना बांगर, मुकदुमपुर, बसाऊ, फोंदा का नगला, बरी का नगला, परसौतीगढ़ी, भिदौनी, नौहझील बांगर में खारे पानी की समस्या है।
विज्ञापन
ब्लाक के गांव मानागढ़ी, खाजपुर, मडुआका, सींगोनी, मिठोली आदि में पिछले वर्ष 80 फीट पर जलस्तर था। अब इन गांवों में 90 से 95 फीट पर जलस्तर पहुंच गया है। छिनपारई, दौलतपुर, देदना, मरहला मुक्खा सहित यमुना नदी के किनारे बसे गांवों का जलस्तर 10 फीट तक नीचे खिसक गया है।
विज्ञापन
इन गांवों में पिछले वर्ष जलस्तर 45 से 50 फीट पर था। इस वर्ष जलस्तर 60 से 62 फीट पर पंहुच गया है। रायपुर, तिलकागढ़ी, मनीगढ़ी में भी जलस्तर 10 फीट नीचे खिसक गया है। कई गांवों में 150 फीट के आसपास ही भूगर्भ जल मिल पा रहा है।
विज्ञापन
वर्ष 2007-08 में घोषित हुआ डार्क जोन
भू-गर्भ जल विभाग की ओर से वर्ष 2007-08 में नौहझील ब्लाक को डार्क जोन घोषित किया गया था। इसके बाद किसानों को नलकूप इत्यादि के कनेक्शन नहीं दिए जा रहे हैं। सिंचाई के लिए सरकारी योजनाओं के लाभ से भी क्षेत्र के किसान वंचित हो गए। इसके विकल्प के तौर पर सरकारी योजनाएं भी नजर नहीं आ रही हैं। ऐसी स्थिति में क्षेत्रीय किसान डार्क जोन क्षेत्र को खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
टीटीएसपी के 89 टंकियों में से केवल 8 आ रहीं काम
ब्लाक क्षेत्र में 89 टीटीएसपी पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया था। इनमें अब केवल 8 टंकियां ही काम कर रही हैं। बाकी 81 बस शोपीस ही हैं। नौहझील में तैनात सुपरवाइजर भगवान सहाय ने बताया कि जल विभाग की ओर से टीटीएसपी टंकियां बनाने के बाद ग्राम प्रधानों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी, लेकिन सर्वे से ज्ञात हुआ है कि मौके पर केवल 8 टंकियां ही उपयोग में आ रही हैं।
13 में से 11 बड़ी टंकियां पड़ी खराब
ब्लाक क्षेत्र में जलनिगम की 13 पेयजल टंकियां हैं। केवल दो टंकियों से ही लोगों को पीने के पानी की आपूर्ति हो रही है। मानागढ़ी और नावली पर बनी बड़ी पेयजल टंकियां पानी दे रहीं हैं। बाकी सुल्तानपट्टी, पचहरा, खायरा, लोहई, कोलाना, हसनपुर, बरौठ, सुरीरकलां, सुरीर बिजऊ, देदना बांगर व कस्बा नौहझील स्थित पेयजल टंकियां सूखी खड़ी हैं।
21 गांव में खारा पानी
ब्लाक क्षेत्र के 21 गांवों में खारे पानी की समस्या है। पीने के मीठे पानी के लिए इन गांवों की महिलाओं को दूर-दराज से पानी भरकर लाना पड़ता है। ब्लाक के गांव मडुआका, सींगोंनी, रामगढ़ी, अभयपुरा, बाघई, कौलाना, चिंतागढ़ी, ऐदलगढ़ी, कोलाहर, ढालगढ़ी, जाफरपुर, घसियागढ़ी, उदियागढ़ी, देदना बांगर, मुकदुमपुर, बसाऊ, फोंदा का नगला, बरी का नगला, परसौतीगढ़ी, भिदौनी, नौहझील बांगर में खारे पानी की समस्या है।