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पोल खुलने से घबराए रेल अधिकारी
अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 05 Nov 2016 10:52 PM IST
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रेल बस
- फोटो : self
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मथुरा से वृंदावन के बीच रेल बस के शुक्रवार को हुए पहले ट्रायल ने मथुरा से वृंदावन के बीच रेल ट्रैक पर मौजूद खामियों की पोल खोल दी। शनिवार को भी इसका एक ट्रायल किया गया। अब खामियों का ज्वाइंट नोट बनने पर अधिकारी इस पर हस्ताक्षर करने से कतरा रहे हैं।
जुलाई 2015 से बंद रेलबस के सही होने के बाद शुक्रवार को इसका पहला ट्रायल हुआ था। ट्रायल के दौरान रेल बस अपनी निर्धारित स्पीड से कम स्पीड पर चली। ट्रायल में ही रेल ट्रैक पर काफी खामियां मिली। साथ ही अन्य तकनीकी खामियां भी रही।
शनिवार को जब रेलवे अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़ी खामियों का ज्वाइंट नोट तैयार किया तो इस पर हस्ताक्षर करने से इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने मना कर दिया। इससे उनकी कार्यशैली पर सवाल खडे़ हो रहे हैं।
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शनिवार को रेल बस अपने दूसरे ट्रायल पर सुबह 10.27 बजे वृंदावन के लिए रवाना हुई और 11.10 बजे वृंदावन पहुंची। वृंदावन से 11.15 बजे चली और 12.45 बजे मथुरा आ गई। इस दौरान भी रेल बस की स्पीड करीब तीस किमी प्रति घंटा ही रही।
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जुलाई 2015 से बंद रेलबस के सही होने के बाद शुक्रवार को इसका पहला ट्रायल हुआ था। ट्रायल के दौरान रेल बस अपनी निर्धारित स्पीड से कम स्पीड पर चली। ट्रायल में ही रेल ट्रैक पर काफी खामियां मिली। साथ ही अन्य तकनीकी खामियां भी रही।
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शनिवार को जब रेलवे अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग से जुड़ी खामियों का ज्वाइंट नोट तैयार किया तो इस पर हस्ताक्षर करने से इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने मना कर दिया। इससे उनकी कार्यशैली पर सवाल खडे़ हो रहे हैं।
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शनिवार को रेल बस अपने दूसरे ट्रायल पर सुबह 10.27 बजे वृंदावन के लिए रवाना हुई और 11.10 बजे वृंदावन पहुंची। वृंदावन से 11.15 बजे चली और 12.45 बजे मथुरा आ गई। इस दौरान भी रेल बस की स्पीड करीब तीस किमी प्रति घंटा ही रही।