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आटा तैयार करने के लिए फ्लोर मिलों को दिया 10 हजार क्विंटल गेहूं
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मथुरा। जनपद में लॉकडाउन के दौरान आटे की समस्या पैदा न हो, इसे ध्यान में रखते हुए फ्लोर मिलों को 10 हजार क्विंटल गेहूं जारी दिया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार राशन वितरण के लिए पूर्व निर्धारित लक्ष्य से तीन गुना गेहूं और चावल जनपद को देने जा रही है। इसकी आपूर्ति अगले माह हो जाएगी।
देशव्यापी लॉकडाउन में खाद्यान्न की आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश केंद्र और राज्य सरकारों से जिला प्रशासन को मिले हैं। इस स्थिति को ध्यान रखते हुए जनपद में संचालित सभी 9 फ्लोर मिलों को 10 हजार क्विंटल गेहूं जारी कर दिया गया है। इससे सभी फ्लोर मिल आटा तैयार करेंगी, जिसकी आपूर्ति होम डिलीवरी के दौरान किराने की दुकानों के माध्यम से लोगों तक की जाएगी। उक्त 10 हजार क्विंटल गेहूं एफसीआई गोदामों से जारी किया गया है।
इसके अलावा एक अप्रैल से शुरू होने जा रही सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के लिए केंद्र सरकार पूर्व निर्धारित से तीन गुना ज्यादा चावल और गेहूं जनपद को जारी करने जा रही है। इसका आदेश मिल चुका है। वर्तमान में 95 हजार क्विंटल चावल और गेहूं प्रति माह जनपद में वितरित हो रहा है। लेकिन नई परिस्थिति को देखते हुए करीब 285 हजार क्विंटल की आपूर्ति जनपद के लिए होने जा रही है। डीआरएमओ आरपी सिंह ने बताया कि आटे की डिमांड पूरी करने के लिए सभी उपाय कर लिए गए हैं।
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देशव्यापी लॉकडाउन में खाद्यान्न की आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश केंद्र और राज्य सरकारों से जिला प्रशासन को मिले हैं। इस स्थिति को ध्यान रखते हुए जनपद में संचालित सभी 9 फ्लोर मिलों को 10 हजार क्विंटल गेहूं जारी कर दिया गया है। इससे सभी फ्लोर मिल आटा तैयार करेंगी, जिसकी आपूर्ति होम डिलीवरी के दौरान किराने की दुकानों के माध्यम से लोगों तक की जाएगी। उक्त 10 हजार क्विंटल गेहूं एफसीआई गोदामों से जारी किया गया है।
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इसके अलावा एक अप्रैल से शुरू होने जा रही सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के लिए केंद्र सरकार पूर्व निर्धारित से तीन गुना ज्यादा चावल और गेहूं जनपद को जारी करने जा रही है। इसका आदेश मिल चुका है। वर्तमान में 95 हजार क्विंटल चावल और गेहूं प्रति माह जनपद में वितरित हो रहा है। लेकिन नई परिस्थिति को देखते हुए करीब 285 हजार क्विंटल की आपूर्ति जनपद के लिए होने जा रही है। डीआरएमओ आरपी सिंह ने बताया कि आटे की डिमांड पूरी करने के लिए सभी उपाय कर लिए गए हैं।
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