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Mathura News: 15 साल पुराने हत्या और अपहरण के मामले में तीन दोषियों को उम्रकैद
Tue, 01 Aug 2023 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Updated Tue, 01 Aug 2023 12:08 AM IST
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मथुरा। एडीजे-8 नितिन पांडेय की अदालत ने 15 साल पुराने अपहरण-हत्या के मुकदमे में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। तीनों पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इस मुकदमे की खास बात यह रही कि मृतक का शव आज तक बरामद नहीं हुआ है। अभियोजन पक्ष ने पुलिस द्वारा बरामद मृतक की बाइक व कपड़ों और नदी में शव देखने वाले गवाहों के सहारे अपहरण-हत्या साबित की।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि मामला 19 सितंबर 2008 का है। गोविंद नगर थाना क्षेत्र के अर्जुनपुरा निवासी रघुनाथ सिंह ने अपने बेटे अजय सिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई। तीन दिन तक अजय का सुराग न लगने पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें बताया कि अजय सिंह गोविंदनगर में साझेदारी में कम्प्यूटर सेंटर चलता है। इसमें राजू उर्फ राजकुमार पुत्र मोतीराम, पिंटू उर्फ ऋषि पुत्र राजपाल निवासी शिकोहाबाद, फिरोजाबाद साझेदार हैं।
एक अज्ञात सहित तीनों लोग उसके बेटे का अपहरण कर ले गए। पुलिस ने राजू और पिंटू को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने अपहरण कर हत्या की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि साझेदारी से ही उन्होंने फरह में एक और सेंटर खोलने की तैयारी की थी। इसको लेकर पैसों के चक्कर में अजय से विवाद हुआ। इसी पर उसकी हत्या की साजिश रची। एडीजीसी के अनुसार पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में शामिल तीसरे आरोपी उदल पुत्र दत्त सिंह निवासी मैनपुरी को गिरफ्तार किया। उदल के मामा के गांव तोलकपुर, जिला मैनपुरी से मृतक की मोटरसाइकिल, कपड़े और मोबाइल फोन बरामद किया।
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तीनों अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अजय की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया है। पुलिस ने नदी में शव की तलाश की, लेकिन नहीं मिला। हालांकि पुलिस को कुछ ऐसे लोगो मिले, जिन्होंने शव को नदी में देखा था। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी राजू उर्फ राजकुमार, पिंटू उर्फ ऋषि, और उदल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि मामला 19 सितंबर 2008 का है। गोविंद नगर थाना क्षेत्र के अर्जुनपुरा निवासी रघुनाथ सिंह ने अपने बेटे अजय सिंह की गुमशुदगी दर्ज कराई। तीन दिन तक अजय का सुराग न लगने पर अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें बताया कि अजय सिंह गोविंदनगर में साझेदारी में कम्प्यूटर सेंटर चलता है। इसमें राजू उर्फ राजकुमार पुत्र मोतीराम, पिंटू उर्फ ऋषि पुत्र राजपाल निवासी शिकोहाबाद, फिरोजाबाद साझेदार हैं।
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एक अज्ञात सहित तीनों लोग उसके बेटे का अपहरण कर ले गए। पुलिस ने राजू और पिंटू को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ के बाद उन्होंने अपहरण कर हत्या की बात कबूल की। उन्होंने बताया कि साझेदारी से ही उन्होंने फरह में एक और सेंटर खोलने की तैयारी की थी। इसको लेकर पैसों के चक्कर में अजय से विवाद हुआ। इसी पर उसकी हत्या की साजिश रची। एडीजीसी के अनुसार पुलिस ने दोनों आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में शामिल तीसरे आरोपी उदल पुत्र दत्त सिंह निवासी मैनपुरी को गिरफ्तार किया। उदल के मामा के गांव तोलकपुर, जिला मैनपुरी से मृतक की मोटरसाइकिल, कपड़े और मोबाइल फोन बरामद किया।
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तीनों अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने अजय की हत्या कर शव नदी में फेंक दिया है। पुलिस ने नदी में शव की तलाश की, लेकिन नहीं मिला। हालांकि पुलिस को कुछ ऐसे लोगो मिले, जिन्होंने शव को नदी में देखा था। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी राजू उर्फ राजकुमार, पिंटू उर्फ ऋषि, और उदल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।