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21 साल बाद लुटेरे को आजीवन कारावास
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 16 Nov 2016 11:47 PM IST
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21 साल पहले लूट के दौरान महिला की हत्या करने वाले बदमाश को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 10 हजार का जुर्माना भी लगाया। मामले में नामजद दो मुल्जिमों की पहले ही मौत हो चुकी है।
लूट के दौरान कत्ल की यह सनसनीखेज वारदात नौ मई 1995 की है। शहर के मोहल्ला वेस्ट प्रताप नगर महोली रोड पर दुर्गा प्रसाद बंसल के घर में रात को बदमाश घुस आए थे। बदमाशों ने सोने और चांदी के जेवरात समेत घरेलू सामान समेट लिया। आहट पर दुर्गा प्रसाद बंसल की पत्नी विजय लक्ष्मी की आंख खुली तो शोर मचा दिया। इस पर लुटेरों ने विजय लक्ष्मी को गला दबाकर मार डाला। विजय लक्ष्मी के भाई मनोज सिंघल ने रिपोर्टिंग चौकी कृष्णानगर में मुकदमा दर्ज कराया।
बताया जाता है कि घटना के करीब पांच माह बाद तीन युवक दुर्गा प्रसाद बंसल की बस स्टैंड पर स्थित हलवाई की दुकान पर पहुंचे और अपना जुर्म कुबूल कर लिया। दुर्गा प्रसाद ने यह सारी बात पुलिस को बता दी। पुलिस ने अशोक कुमार निवासी बहादुरपुरा, श्यामवीर निवासी बहादुरपुरा और राजू उर्फ राजीव कुमार निवासी रेजीमेंटल बाजार को गिरफ्तार कर लिया।
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इनकी निशानदेही पर लूट का सामान भी बरामद कर लिया था। तभी से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। इस दौरान श्यामवीर और राजू की मौत भी हो गई। अशोक कुमार जमानत पर चल रहा था। बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश मनोरमा ने सुनवाई करते हुए राजू को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एडीजीसी अबू अहमदम ने बताया कि अदालत ने 10 हजार का जुर्माना भी किया है।
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लूट के दौरान कत्ल की यह सनसनीखेज वारदात नौ मई 1995 की है। शहर के मोहल्ला वेस्ट प्रताप नगर महोली रोड पर दुर्गा प्रसाद बंसल के घर में रात को बदमाश घुस आए थे। बदमाशों ने सोने और चांदी के जेवरात समेत घरेलू सामान समेट लिया। आहट पर दुर्गा प्रसाद बंसल की पत्नी विजय लक्ष्मी की आंख खुली तो शोर मचा दिया। इस पर लुटेरों ने विजय लक्ष्मी को गला दबाकर मार डाला। विजय लक्ष्मी के भाई मनोज सिंघल ने रिपोर्टिंग चौकी कृष्णानगर में मुकदमा दर्ज कराया।
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बताया जाता है कि घटना के करीब पांच माह बाद तीन युवक दुर्गा प्रसाद बंसल की बस स्टैंड पर स्थित हलवाई की दुकान पर पहुंचे और अपना जुर्म कुबूल कर लिया। दुर्गा प्रसाद ने यह सारी बात पुलिस को बता दी। पुलिस ने अशोक कुमार निवासी बहादुरपुरा, श्यामवीर निवासी बहादुरपुरा और राजू उर्फ राजीव कुमार निवासी रेजीमेंटल बाजार को गिरफ्तार कर लिया।
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इनकी निशानदेही पर लूट का सामान भी बरामद कर लिया था। तभी से यह मामला कोर्ट में चल रहा था। इस दौरान श्यामवीर और राजू की मौत भी हो गई। अशोक कुमार जमानत पर चल रहा था। बुधवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश मनोरमा ने सुनवाई करते हुए राजू को दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। एडीजीसी अबू अहमदम ने बताया कि अदालत ने 10 हजार का जुर्माना भी किया है।