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मनोहरपुर की जिंदगी को जख्म दे गया बवंडर
दिनेश शर्मा
Updated Fri, 15 May 2015 11:42 PM IST
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महावन के आसपास के गांवों में आए बवंडर ने गांव मनोहरपुर के लोगों की जिंदगी बदरंग कर दी। 15 मिनट में ही यहां 24 से अधिक मकान धराशायी हो गए। गांव में सब्जी की खेती बरबाद हो गयी, यही यहां के किसानों की आय का जरिया थी। गुरुवार शाम आए बवंडर से इसी गांव में मकान गिरने से 23 वर्षीय युवक नीरज पुत्र मूलचंद्र की मौत हो गई थी। इसके अलावा दर्जनों लोग घायल हो गए।
छह हजार की आबादी वाले मनोहरपुर गांव में ज्यादातर छोटे किसान हैं। पूरे गांव के किसान सब्जी उत्पादन कर उसे मंडी में बेचकर पेट पालते हैं, लेकिन गांव में तबाही से पत्ता गोभी की तैयार हो रही फसल, फूलगोभी की नर्सरी, भिंडी की तैयार फसल, खीरा, खरबूजा, ककड़ी, तरबूज व अन्य सब्जियों की फसल बरबाद हो गई। ओले गिरने से पकी फसल गिर गई और आगे भी सब्जी के फूल झड़ गए।
गांव में प्रवेश करते ही आम के बाग में जयप्रकाश मिले। इस बाग के 18 आम के पेड़ बवंडर में धराशाई हो गए। जयप्रकाश बोले जिंदगी में आंधी तूफान तो बहुत आए, लेकिन इतना तेज कभी नहीं देखा। आगे भूरी सिंह, बैनीराम, धर्मजीत, बिसम्भर सिंह, नारायण सिंह मिले। बोले आशियाना और खाने कमाने का साधन सब बवंडर ने उजाड़ दिया।
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छह हजार की आबादी वाले मनोहरपुर गांव में ज्यादातर छोटे किसान हैं। पूरे गांव के किसान सब्जी उत्पादन कर उसे मंडी में बेचकर पेट पालते हैं, लेकिन गांव में तबाही से पत्ता गोभी की तैयार हो रही फसल, फूलगोभी की नर्सरी, भिंडी की तैयार फसल, खीरा, खरबूजा, ककड़ी, तरबूज व अन्य सब्जियों की फसल बरबाद हो गई। ओले गिरने से पकी फसल गिर गई और आगे भी सब्जी के फूल झड़ गए।
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गांव में प्रवेश करते ही आम के बाग में जयप्रकाश मिले। इस बाग के 18 आम के पेड़ बवंडर में धराशाई हो गए। जयप्रकाश बोले जिंदगी में आंधी तूफान तो बहुत आए, लेकिन इतना तेज कभी नहीं देखा। आगे भूरी सिंह, बैनीराम, धर्मजीत, बिसम्भर सिंह, नारायण सिंह मिले। बोले आशियाना और खाने कमाने का साधन सब बवंडर ने उजाड़ दिया।
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