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Mathura News: हरे पेड़ों को छोड़ दिया मरने की कगार पर
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वृंदावन (मथुरा)। विकास के नाम पर पेड़ों का विनाश कर दिया गया। कार्यदायी संस्थाओं ने अपना काम कर हरे-भरे पेड़ों की उम्र कम कर दी और फिर मुड़कर नहीं देखा। नतीजन छांव देने वाले पेड़ मरने की स्थिति में आ गए हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे रोड से कैलाश नगर होते हुए जाने वाले गोरे दाऊजी मार्ग पर दोनों साइड पेड़ लगाए गए थे जो अब घने होकर छांव देने लगे थे, लेकिन निर्माण एजेंसियों को यह रास नहीं आया। कुछ समय पहले एक साइड नाला निर्माण का कार्य किया गया। इस दौरान पेड़ों के आसपास लगी टाइल्स उखाड़ दी गईं और मिट्टी उठाकर निर्माण कार्य में लगा दी। जिसके बाद उन पेड़ों की जड़ें नजर आने लगी हैं।
इसी तरह दूसरी साइड गेल इंडिया कंपनी द्वारा गैस पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य किया गया। कंपनी और ठेकेदार के कर्मचारियों ने गड्ढे खोदे और लापरवाही बरतते हुए पेड़ों की मिट्टी हटा दी। जड़ें बाहर आ जाने के बाद पत्तों का सूखना भी शुरू हो गया है। इस मार्ग पर दोनों और करीब दो दर्जन पेड़ों की यही स्थिति कर दी गई है। यहां के निवासी कपिल बंसल ने कहा कि एक तरफ पौधे लगाकर प्रकृति के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर विकास के नाम पर पेड़ों का विनाश किया जा रहा है।
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यमुना एक्सप्रेसवे रोड से कैलाश नगर होते हुए जाने वाले गोरे दाऊजी मार्ग पर दोनों साइड पेड़ लगाए गए थे जो अब घने होकर छांव देने लगे थे, लेकिन निर्माण एजेंसियों को यह रास नहीं आया। कुछ समय पहले एक साइड नाला निर्माण का कार्य किया गया। इस दौरान पेड़ों के आसपास लगी टाइल्स उखाड़ दी गईं और मिट्टी उठाकर निर्माण कार्य में लगा दी। जिसके बाद उन पेड़ों की जड़ें नजर आने लगी हैं।
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इसी तरह दूसरी साइड गेल इंडिया कंपनी द्वारा गैस पाइपलाइन की मरम्मत का कार्य किया गया। कंपनी और ठेकेदार के कर्मचारियों ने गड्ढे खोदे और लापरवाही बरतते हुए पेड़ों की मिट्टी हटा दी। जड़ें बाहर आ जाने के बाद पत्तों का सूखना भी शुरू हो गया है। इस मार्ग पर दोनों और करीब दो दर्जन पेड़ों की यही स्थिति कर दी गई है। यहां के निवासी कपिल बंसल ने कहा कि एक तरफ पौधे लगाकर प्रकृति के संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है वहीं दूसरी ओर विकास के नाम पर पेड़ों का विनाश किया जा रहा है।
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