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ठेकेदार को नहीं मुख्यमंत्री का भी डर
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 20 Jul 2016 11:50 PM IST
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चैतन्य विहार महिला आश्रय सदन
- फोटो : अमर उजाला
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सरकारी निर्माण एजेंसी के ठेकदार को चैतन्य विहार महिला आश्रय सदन के पुनर्निर्माण में गुणवत्ता के लिए मुख्यमंत्री का भी डर नहीं है। मुख्यमंत्री की घोषणा पर वृंदावन में 2.56 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे महिला आश्रय सदन की छत पहली बरसात में ही टपकने लगी हैं।
बीते साल वृंदावन आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां विधवा महिलाओं को आश्रय सदन की बदहाली से निजात दिलाने के लिए इसके पुनर्निर्माण की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर शासन ने चैतन्य विहार महिला आश्रय सदन के सभी ब्लॉक का पुनर्निर्माण करने के लिए 2.56 करोड़ रुपये जारी कर दिए। निर्माण कार्य आरईएस को सौंपा गया।
मुख्यमंत्री से जुड़ा प्रकरण होने के कारण आरईएस ने तत्काल काम शुरू कर दिया। बीते दिनों आरईएस ने सीडीओ मनीष कुमार वर्मा से आग्रह किया कि एक ब्लॉक को हस्तांतरित कर लिया जाए। इसका कार्य पूर्ण हो चुका है। इस पर सीडीओ ने तकनीकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी।
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इसी दौरान बरसात हो जाने पर जब कमेटी ने निरीक्षण किया तो छतों से पानी टपकता मिला। इस पर सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने आरईएस के एक्सईएन को संबंधित ठेकेदार का भुगतान तत्काल रोकने का आदेश दिया है। साथ ही हिदायत दी है कि मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल कार्य की गुणवत्ता के साथ यह स्थिति है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाए।
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बीते साल वृंदावन आए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां विधवा महिलाओं को आश्रय सदन की बदहाली से निजात दिलाने के लिए इसके पुनर्निर्माण की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर शासन ने चैतन्य विहार महिला आश्रय सदन के सभी ब्लॉक का पुनर्निर्माण करने के लिए 2.56 करोड़ रुपये जारी कर दिए। निर्माण कार्य आरईएस को सौंपा गया।
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मुख्यमंत्री से जुड़ा प्रकरण होने के कारण आरईएस ने तत्काल काम शुरू कर दिया। बीते दिनों आरईएस ने सीडीओ मनीष कुमार वर्मा से आग्रह किया कि एक ब्लॉक को हस्तांतरित कर लिया जाए। इसका कार्य पूर्ण हो चुका है। इस पर सीडीओ ने तकनीकी जांच के लिए कमेटी गठित कर दी।
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इसी दौरान बरसात हो जाने पर जब कमेटी ने निरीक्षण किया तो छतों से पानी टपकता मिला। इस पर सीडीओ मनीष कुमार वर्मा ने आरईएस के एक्सईएन को संबंधित ठेकेदार का भुगतान तत्काल रोकने का आदेश दिया है। साथ ही हिदायत दी है कि मुख्यमंत्री की घोषणा में शामिल कार्य की गुणवत्ता के साथ यह स्थिति है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाए।