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जब तक सूरज चांद रहेगा बबलू तुम्हारा नाम रहेगा
अमर उजाला मथुरा
Updated Mon, 01 Aug 2016 11:25 PM IST
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सैनिक सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
- फोटो : अमर उजाला
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हर आंख नम थी लेकिन फख्र भी था कि मथुरा के लाल ने दो आतंकियों को मार गिराकर भारत की सीमा में घुसपैठ करने वाले दहशतगर्दों को खदेड़ दिया। उस वक्त लोग अपने आंसुओं को नहीं रोक पाए जब मासूम दरुणा पिता को मुखाग्नि दे रहा था। पब्लिक ही नहीं यहां तो आसमां भी रो पड़ा। बूंदाबांदी के बीच शहीद का पूरे सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
सेना की 18 जाट रेजीमेंट में एल्फा कंपनी के जांबाज बबलू सिंह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। झंडीपुर निवासी योद्धा बबलू का पार्थिव शरीर रविवार की शाम को मथुरा पहुंचा, जहां शहीद को नमन करने के लिए जवान उमड़ पड़े। स्ट्राइक वन कोर के अधिकारियों और जवानों ने सलामी दी। सोमवार को शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव झंडीपुर ले जाया गया।
यहां शहीद के अंतिम दर्शन करने को हजारों की भीड़ उमड़ी। बुजुर्ग, बच्चे और नौजवान बड़ी संख्या में यहां थे। खेतों में भी लोग ही दिख रहे थे। हर किसी की आंख नम थी। कभी बबलू के साथ खेले-बढ़े और पढ़ने वाले लोग उनकी याद में बिलख रहे थे। परिवार वालों का तो बुरा हाल था। पिता, भाई और परिवार के सदस्य उनकी बातों को याद करके रो रहे थे। लेकिन यहां उनकी बहादुरी का जिक्र सीना चौड़ा कर रहा था। किस तरह से बबलू ने दो आतंकियों को मार गिराया था और कैसे आतंकियों को भागने के लिए मजबूर किया।
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यहां उस वक्त माहौल ज्यादा गमगीन हो गया जब साढ़े चार साल का दरुणा करीब ग्यारह बजे पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देने के लिए पहुंचा। मौजूद लोग अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। परिवार के लोग तो एक-दूसरे से लिपटकर बिलखने लगे। शहीद का अंतिम संस्कार पूरे सैनिक सम्मान के साथ किया गया। पूरे वक्त भारत माता के जयकारे गूंजते रहे।
इस दौरान डीएम निखिल चंद्र शुक्ला, एसएसपी बबलू कुमार, एसडीएम चांदनी सिंह, एमएलसी संजय लाठर, विधायक पूरन प्रकाश, पूर्व विधायक अजय पोइया, पूर्व मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, सपा जिलाध्यक्ष तुलसीराम शर्मा, सौरभ चौधरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी तेजवीर सिंह, ग्राम प्रधान फोरन सिंह, सालिगराम बटिया आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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सेना की 18 जाट रेजीमेंट में एल्फा कंपनी के जांबाज बबलू सिंह जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के नौगाम सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में शहीद हो गए थे। झंडीपुर निवासी योद्धा बबलू का पार्थिव शरीर रविवार की शाम को मथुरा पहुंचा, जहां शहीद को नमन करने के लिए जवान उमड़ पड़े। स्ट्राइक वन कोर के अधिकारियों और जवानों ने सलामी दी। सोमवार को शहीद के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव झंडीपुर ले जाया गया।
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यहां शहीद के अंतिम दर्शन करने को हजारों की भीड़ उमड़ी। बुजुर्ग, बच्चे और नौजवान बड़ी संख्या में यहां थे। खेतों में भी लोग ही दिख रहे थे। हर किसी की आंख नम थी। कभी बबलू के साथ खेले-बढ़े और पढ़ने वाले लोग उनकी याद में बिलख रहे थे। परिवार वालों का तो बुरा हाल था। पिता, भाई और परिवार के सदस्य उनकी बातों को याद करके रो रहे थे। लेकिन यहां उनकी बहादुरी का जिक्र सीना चौड़ा कर रहा था। किस तरह से बबलू ने दो आतंकियों को मार गिराया था और कैसे आतंकियों को भागने के लिए मजबूर किया।
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यहां उस वक्त माहौल ज्यादा गमगीन हो गया जब साढ़े चार साल का दरुणा करीब ग्यारह बजे पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि देने के लिए पहुंचा। मौजूद लोग अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए। परिवार के लोग तो एक-दूसरे से लिपटकर बिलखने लगे। शहीद का अंतिम संस्कार पूरे सैनिक सम्मान के साथ किया गया। पूरे वक्त भारत माता के जयकारे गूंजते रहे।
इस दौरान डीएम निखिल चंद्र शुक्ला, एसएसपी बबलू कुमार, एसडीएम चांदनी सिंह, एमएलसी संजय लाठर, विधायक पूरन प्रकाश, पूर्व विधायक अजय पोइया, पूर्व मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण, सपा जिलाध्यक्ष तुलसीराम शर्मा, सौरभ चौधरी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अनूप चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष चौधरी तेजवीर सिंह, ग्राम प्रधान फोरन सिंह, सालिगराम बटिया आदि मुख्य रूप से मौजूद रहे।